बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध- Beti Bachao Beti Padhao in Hindi

beti bachao beti padhao in hindi

दोस्तो, आज हम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध (Beti bachao Beti padhao in Hindi) को विस्तृत मे जानेगे । यह निबंध आपको स्कूल के हर क्लास और कॉलेज मे काम आने वाला है ।

हम इस निबंध मे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को जानेगे । इसके साथ-साथ हम यह भी समजेगे की, आखिर हमे इस योजना को क्यो लानी पड़ी ।

क्या हमारे देश मे बेटियो की हालत इतनी खराब हो गई की हमे योजनाओ का सहारा लेकर बेटियो को बचाना पड रहा है ?

यहा पर कई लोग सरकार का दोष निकालते है । परंतु हम सभी भारतवासियों को समजना होगा की इसमे गलती सरकार की नहीं बल्कि देश मे रहे लोगो की बेटियो के प्रति मानसिकता की है ।

इन सभी चीज़ों को हम एक निबंध के तौर जानेगे । हम पर भरोसा करें, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध को पढ़ने के बाद शायद ही आपके मनमे इसके बारे मे कोई संदेह रहेगा ।

तो चलिए शुरू करते है ।

 

Essay on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध

 

प्रस्तावना :-

सबसे पहले हमे यह जानकार बड़ी प्रसन्नता होनि चाहिए की, सरकार देश की बेटियो के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तीकरण जैसी योजनाएँ लागू कर रही है ।

इससे यह तो साबित होता हे की, हमारी सरकार महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए कार्यरत हैं ।

परंतु दूसरी तरफ यह भी सच्चाई है की हमारे देश की महिलाए आज भी अपने घर से अकेले निकलने मे गबराती है, आखिर क्यो ?

वर्तमान मे भारत की जनसंख्या बहोत तेजी से बढ़ रही है । लेकिन क्या आपको यह पता है की, हमारे देश की बढती जनसंख्या के बावजूद महिलाओ की संख्या मे घटत हो रही है ?

क्योकि यूनिसेफ के आंकड़ो के मुताबिक भारत बाल लिंग अनुपात के 195 देशो में से 41 वें स्थान पर है । ( बाल लिंग अनुपात यानि प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या )

यानि की प्रति हजार पुरुषों पर भारत मे महिलाओ की संख्या बहोत कम है । हम लिंग अनुपात में सिर्फ 40 देशों से पीछे है । यह हमारे लिए बहोत खतरनाक बात है ।

इन सभी चीज़ों को ध्यान मे रख कर ही हमारी सरकार महिलाओ के लिए नयी-नयी योजनाए लाती है । और उसी मे से एक है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना ।

 

बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना क्या है और कब इसकी शुरूआत हुई ?

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना महिला-बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त प्रयास द्वारा शुरू की गई एक योजना है ।

जिसका मुख्य उदेश्य देश में लगातार घट रहे कन्या शिशु-दर को संतुलित करना, महिलाओ की सुरक्षा करना और उन्हें अच्छी शिक्षा देना है ।

beti bachao beti padhao essay in hindi

ताकि भविष्य मे कन्या भ्रूण हत्या और दहेज प्रथा जैसे गंभीर अपराधो को रोकने मे आसानी हो ।

इसके अलावा महिलाओ को अपने ही परिवार में वह दर्जा नहीं मिलता जिसकी वो हकदार होती है । उनको अपना पक्ष रखने का कोई अधिकार नहीं मिलता । उनके लिए प्यार और ममता तो बस एक सपने के समान लगती है ।

इन सभी बुराइयों को खत्म करने के लिए ही बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना को लाया गया था ।

इस योजना के तहत देश की महिलाओ को शोषण से बचाना, सही-गलत के बारे में अवगत कराना, उनकी शिक्षा सुनिश्चित करना, बेटियो को सामाजिक और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना और बेटा-बेटि में किसी भी प्रकार के भेदभाव को कम करना है ।

इस योजना की साधारण सी व्याख्या कहे तो, लोगो की महिलाओ के प्रति नकारात्मक मानसिकता को सकारात्मक मानसिकता मे लाना, उसी को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना कहते हे ।

केवल लड़का पाने की इच्छा और कन्या शिसु दर को नीचा जाते देख हमारी सरकार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को लाने की जरुरत पड़ी ।

इसीलिए हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 22 जनवरी 2015 को हरियाणा राज्य के पानीपत जिले में इस योजना का शुभारंभ किया था ।

लेकिन यहा पर आपके मनमे एक प्रश्न आया होगा की आखिर हरियाणा मे ही क्यू इस योजना का शुभारंभ किया गया ?

क्योकि इस योजना को शुरु करने से पहले देश के 100 जिलों में लिंग अनुपात का एक विश्लेषण किया गया था । और जिस भी जिले मे लिंग अनुपात सबसे अधिक था वहां इस योजना को लागू करना था । 

उसमे हरियाणा राज्य में 1000 लड़कों पर सिर्फ 775 लड़कियां ही थी । जिसकी वजह से इस योजना की शुरुआत हरियाणा से हुई ।

 

(वायु प्रदूषण पर निबंध भयानक असरों के साथ जाने कितना खतरा है इस दुनिया को वायु प्रदूषण से – click here )

 

क्यो हमे बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की आवश्यकता हुई ?

पूरी दुनिया मे भारत को संस्कृति, धर्म और प्यार का देश माना जाता है ।

लेकिन जब से भारत आधुनिकता की और जा रहा है, उतना ही लोगों की मानसिकता मे बदलाव आ रहा है । और इसी मानसिकता के कारण हमारे देश की जनसंख्या मे उथल-पुथल मची हुई है ।

इसीलिए यह बात हम कभी नकार नहीं सकते की, हमारे देश में पुरुष और महिलाओं की संख्या मे एक बड़ा अंतर है ।

इसका मतलब यह है की, पुरुषो की संख्या मे महिलाए दिन-ब-दिन कम होती जा रही है । और इसीलिए हमे बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की आवश्यकता हुई ।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ निबंध

इस योजना को लाने के लिए और भी कई कारण जवाबदार है, जिसमे से पहला कारण है लैंगिग भेदभाव

लैंगिग भेदभाव यानि लोग बेटियो को जन्म ही नहीं देना चाहते । उनकी मानसिकता ही यही हो गई की हमारे घर बेटे ही जन्म ले, क्योकि भविष्य मे माँ-बाप को अपने बेटो के पास ही रहना है ।

इसीलिए कई लोग बच्चियो को माँ के गर्भ मे ही मार देते है, जिसे कन्या भूण हत्या कहा जाता है ।

इसमे एक अल्ट्रासाउंड पद्धति का उपयोग करके लिंग परीक्षण किया जाता है । इस पद्धति के उपयोग करके डॉक्टर पता लगा सकते है की माँ के गर्भ मे लड़का है या लड़की । और लड़की का पता चलते ही उसे मार दिया जाता है ।

लेकिन अगर गलती से किसी बच्ची का जन्म भी हो जाए तो कई बेरहमी माँ-बाप उनको सुनसान जगह पर फेंक देते है । एक बार सोचे तो सही की उस बच्ची की क्या हालत होती होगी ।

इस तरह लैंगिग भेदभाव को कम करने के लिए, कन्या भूण हत्या को रोकने के लिए और लोगो की भ्रष्ट मानसिकता को बदलने के लिए हमे बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की आवश्यकता हुई ।

लेकिन एसे लोग यह बात को भूल रहे है की, अगर लड़कियों का जन्म नहीं होगा तो अपने बेटों के लिए बहू, भाई के लिए बहन और बच्चो के लिए माँ कहां से लाएंगे ।

दूसरा मुख्य कारण है की, बेटियो के अंदर शिक्षा की कमी । जिसके कारण बेटिया अपने विरोधियो की खिलाफ आवाज़ नहीं उठाती । जिसके कारण भी देश में बेटियों का शोषण हो रहा है ।

इसके अलावा कई माता-पिता भी पढ़े लिखे नहीं होते, जिसके कारण वो समाज और लोगों के बहकावे में आ जाते है । और वो भी अपनी बेटियों के साथ भेदभाव करने लगते है ।

परंतु एसे सीधे-साधे माता-पिता को कोन समजाए की, अगर महिलाओ को सही अवसर दिये जाए तो वो पुरुषो से अच्छा काम कर सकती है ।

और इन महिलाओ को शिक्षा का सही अवसर देने के लिए है, हमे बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की आवश्यकता हुई ।

हमारे देश मे महिलाओ के लिए दहेज प्रथा भी एक गंभीर समस्या है । क्योकि माता-पिता को अपनी बेटी की शादी मे लड़के वालो को बहोत सारा धन और आभूषण देने पड़ते है ।

essay on beti bachao beti padhao in hindi

इसके अलावा लड़की की शादी मे खानपान, सजावट और रिश्तेदारों को भी भारी मात्रा में उपहार देना पड़ता है । इस वजह से भी लोग नहीं चाहते कि उनकी घर में बेटियां जन्मे ।

लेकिन अगर हम लोगो मे जागरूकता लाये तो इस प्रथा को हम बहोत हद तक कम कर सकते है । और लोगो मे जागरूकता लाने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान से बढ़कर और कोई रास्ता नहीं हो सकता । (Beti bachao Beti padhao in Hindi)

और इन सभी कारणो की वजह से ही महिलाए की संख्या कम होती जा रही है ।  

अगर आंकड़ो की बात करे तो, जब साल 1951 मे देश की पहली जनगणना हुई थी । तब 1000 लड़कों की तुलना मे लड़कियो की संख्या 945 थी । 1991 की जनगणना मे भी 1000 लड़को की तुलना मे लडकिया की की संख्या 945 थी ।

लेकिन 2001 की जनगणना मे लडकियो की संख्या 927, और 2011 की जनगणना मे लड़कियो की संख्या 918 हो गई । इस तरह हर साल हमारी बेटियो की संख्या मे घटोतरी हो रही है ।

u.n की एक रिपोर्ट अनुसार, भारत में हर वर्ष लगभग 7,50,000 कन्याओं का भ्रूण गर्भपात कराया जाता है । (Beti bachao Beti padhao in Hindi)

इन आकड़ों को देख कर हम सभी लोगो को दुख हुआ होगा की, आखिर क्या गुनाह किया है इन बेटियो ने ।

और इन सभी चीज़ों को देख कर हमे बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की आवश्यकता है ।

 

(दुनिया को बर्बाद करने वाला बड़ा कारण जिसको हम आपने हाथो से पाल रहे हे जानने के लिए click here )

 

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का उद्देश्य क्या है ?

स्वामी विवेकानंद क्या खूब कहा था की, जिस देश में महिलाओं का सम्मान नहीं होता, वह देश कभी प्रगति नहीं कर सकता ।

महिलाओ के इसी सम्मान को पाने के लिए हमारी सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना की शुरुआत की थी ।

और जब भी कोई अभियान या योजना लायी जाती है तब उसके कुछ उदेश्य भी निश्चित किए जाते है ।

इसी तरह बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के कई उदेश्य थे, लेकिन मुख्य उदेश्य यह था की देश मे लिंग अनुपात को नियंत्रित करना ।

इसके अलावा हमारी बेटियो की सुरक्षा करना और उन्हें अच्छी शिक्षा देना भी इस योजना का उदेश्य था ।

beti padhao beti bachao essay in hindi

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना हमारे देश की बेटियो पर होने वाले अत्याचार के विरुद्ध एक युद्ध है ।

इसके साथ-साथ कन्या भ्रूण हत्या और दहेज जैसे गंभीर मामलो के विरुद्ध इस योजना द्वारा आवाज उठाई गई है । क्योकि इसकी वजह से हमारे देश की महिलाओ का भविष्य एक बड़े खतरे मे पड सकता है ।

बेटियो के प्रति लोगो की मानसिकता को बदलना भी इस योजना का मुख्य उदेश्य है ।

क्योकि अक्सर देखा जाता है की, लोग जितनी खुसी अपने बेटो के जन्म पर मनाते हे उतनी खुसी उनकी बेटी के जन्म पर नहीं मनाते ।

परंतु इस योजना के तहत लोगो मे जागरूकता लायी जाएगी । ताकि भारत मे बसने वाले हर नागरिक को अपनी बेटि पर बेटों की तरह ही गर्व हो । (Beti bachao Beti padhao in Hindi)

इसके अलावा हमारे रूढ़िवादी सामाज मे भी बेटियों के प्रति मानसिकता में बदलाव आए । ताकि समाज मे लडकियों को पुरुषो के समान अधिकार दिलाए जा सके ।

क्योकि कई माता-पिता केवल समाज से डर कर लडकियों को शिक्षा प्राप्त करने नहीं देते । और अशिक्षित महिला कभी अपने अत्याचार पर आवाज़ नहीं उठाएगी ।

इसीलिए अगर शिक्षा से हमारे समाज मे बदलाव आएगा तो बेटियाँ के स्थिति मे जरूर सुधार होगा । और उसके बाद देश का कोई भी परिवार या समाज बेटियों को पराया धन नहीं कहेगा ।

प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक सिग्मंड फ्रोएड ने अपने प्रयोगों से सिद्ध करा था की, महिलाए पुरुषों की तुलना में अधिक मेहनती, धैर्यवान, अहिंसक और ईमानदार होती है ।

लेकिन फिर भी इस दुनिया मे सबसे ज्यादा परेशान महिलाओ को ही क्यो करा जाता है ?

 

(शिक्षा के महत्व पर निबंध कुछ सच्चाई के साथ – click here )

 

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना कितनि सफल रही ?

महिलाओ की स्थिति को ध्यान मे रख कर देश मे कई योजनाए बनाई गई थी ।

जिसमे सुकन्या समृद्धि योजनाबालिका समृद्धि योजनालाड़ली लक्ष्मी योजनालाडली योजनाकन्याश्री प्रकल्प योजना और धनलक्ष्मी योजना शामिल है ।

लेकिन क्या हमे इन योजनाओ से लाभ हुआ ? क्या हमने इन योजनाओ के बारे मे सरकार से प्रश्न किया ? बिलकुल नहीं, और इसीलिए हम अक्सर इन योजनाओ के परिणाम से अनजान रहते है । 

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना भारत सरकार ने 2015 मे लागू की थी  । परंतु अभी तक इस योजना के बारे मे कोई ठोस दस्तावेज़ बाहर नहीं आए है । (Beti bachao Beti padhao in Hindi)

beti bachao beti padhao in hindi essay

इसलिए हम यह तो नहीं कह सकते की इस योजना से हमे बहुत फाइदा या बहोत नुकसान हुआ है ।

लेकिन कई राज्यो मे इस अभियान के बहोत अच्छे परिणाम दिखे है, इसे हम नकार नहीं सकते ।

देश मे नेक विचार और सांस्कृतिक माहौल बना है । लेकिन इस के बावजूद भी आज कन्या भ्रूण हत्या के मामले काफी मात्रा में अंजाम दिया जा रहा है । इसे हमे रोकने की बहोत जरूरत है ।

 

(बाल दिन पर निबंध कुछ रोचक तथ्यो के साथ जानने के लिए  click here )

 

बालिकाओं के प्रति हमारी क्या जिम्मेदारी है ?

भारत जैसे महान देश, जहां पर माताओं को पुजा जाता हे-वंदन किया जाता है । उनका बहोत सम्मान किया जाता है ।

लेकिन दुसरी तरफ हम लोग ही देश में बेटियों का शोषण करते है । ये कितनी घटिया चीज़ है ।

इसमे भारत का हर व्यक्ति एसा नहीं है । परंतु कुछ असामाजिक तत्वो की बातो मे आकर सामान्य लोग भी अपने बेटोयो के साथ भेदभाव करने लगते है ।

इसीलिए सरकार एसी योजनाए लाकर महिलाओ के अधिकारो की रक्षा करने का प्रयास करती है । लेकिन जब तक लोगो का सम्पूर्ण साथ नहीं होगा तब तक एसी हज़ार योजनाए भी व्यर्थ है ।

इसीलिए हमे सरकार का साथ देकर हर योजना को सफल बनाने का प्रयास करना चाहिए । (Beti bachao Beti padhao in Hindi)

वर्तमान समय मे विज्ञान हर क्षेत्र मे विकास कर रहा हे ये हमारे लिए बहोत अच्छी बात है । लेकिन यही विज्ञान से हमे कई बार नुकसान भी होता है ।

जैसे की कुछ वेज्ञानिक पद्धति से हमे पहले ही पता चल जाता है की, एक महिला गर्भ में होने वाला संतान लड़का हे या लड़की । और बेटे की चाह रखने वाले लोग बच्ची को गर्भ में ही मार देते है ।

हमारे देश मे लिंग जांच करने वाली मशीनें बहोत ही आसानी से उपलब्ध हो जाती है । इसलिए हमे सबसे पहले इन मशीनों पर प्रतिबंध लगाना होगा ।

भारत सरकार ने इस के खिलाफ एक सख्त कानून भी बनाया है, लेकिन पैसो की लालच मे कुछ डॉक्टर आज भी लिंग जांच करते है । (Beti bachao Beti padhao in Hindi)

यहा पर हमे खुद जागरूक होकर इन मशीनों पर रोक लगानी होगी । और अगर कोई हमारे आस-पास गर्भ की जांच करवाए तो हमे तुरंत पोलिस को उसकी खबर देनी चाहिए ।

तभी हम महिलाओ की रक्षा कर सकते है, और सरकार को इस योजना मे मदद कर सकते है ।

 

निष्कर्ष :-

इतना सब कुछ जानने के बाद अब आप लोगो को पता चल गया होगा की, आखिर क्या है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना और क्यो हमे इस योजना की जरूरत पड़ी ?

संसार के निर्माण की शक्ति रखने वाली और देश के विकास और वृद्धि के लिए आवश्यक बेटियो को बेटो की तरह सम्मान मिलना ही चाहिए ।

और आज के ज़माने में तो महिलाए सभी क्षेत्रों में पुरुष से आगे बढ्ने लगी है । इसीलिए हम सभी को अपनी संकुचित मानसिकता को छोड़ कर महिलाओ को खुले आसमान मे उड़ने देना चाहिए ।

अब मे आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की, क्या अब आप लोग बेटियो पर हो रहे अत्याचार को सहन करेंगे या नहीं ? और अपने महिलाओ का सम्मान करेंगे या नहीं ? ( इसका जवाब कमेंट मे जरूर दे )

और आपको यह बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध (Beti bachao Beti padhao in Hindi) कैसा लगा ?

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको सरल ओर साधारण भाषा मे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध को दे सके ।

लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email जरूर करे । आपको और भी किसी विषय पर निबंध चाहिए तो कॉमेंट मे जरूर बताए ।

इस बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध को हर उस परिवार और समाज तक पहुचाए जहा इसकी सख्त जरूरत है । यानि पीड़ित बेटियो के आस-पास ताकि एसे लोग को बेटियो के महत्व को जान सके । (please share)

Thanks for reading Beti bachao Beti padhao in Hindi 

 

READ MORE ARTICLES :-

 

मिसाइल मेन ए.पी.जे अब्दुल कलाम पर निबंध 

मेरा भारत देश महान पर निबंध

रहस्यो ओर बोध वाली मज़ेदार कहानिया

सहकर्मी के लिए विदाई भाषण

समय के महत्व पर एक जबरदस्त निबंध

राष्ट्र की बर्बादी यानि भ्रष्टाचार पर निबंध