हाथी पर एक जबरदस्त निबंध (2021)- Essay About Elephant in Hindi

दोस्तो, आज हम हाथी पर निबंध (about elephant in hindi) जानेगे । यह निबंध आपको स्कूल, कॉलेज और कई जगहो पर काम आने वाला है ।

हम इस निबंध मे हाथी के महत्व, उसकी अलग-अलग प्रजातीया और उसके हेरतंगेज़ तथ्यो को जानेगे । 

हम पर भरोसा करें, हाथी पर निबंध पढ़ने के बाद शायद ही आपके मनमे इसके बारे मे कोई संदेह रहेगा ।

तो चलिए शुरू करते है ।

 

Essay About Elephant in Hindi– हाथी पर निबंध

 

प्रस्तावना :-

हाथी यानि पृथ्वी पर मौजूद एक विशाल और ताकतवर जानवर । यह एक पालतू और शाकाहारी प्राणी है ।

हाथी को बुद्धिमत्ता और आज्ञाकारी प्रवृति के लिए जाना जाता है । प्राचीनकाल से लेकर अब तक हाथी मनुष्यो के लिए बहोत उपयोगी रहा है ।

जैसे प्राचीनकाल मे राजा-महराजाओं की सवारी के लिए हाथी का उपयोग किया जाता था ।

इसके अलावा भारी सामान को लाने-लेजाने और युद्ध करने के लिए भी हाथी का इस्तेमाल किया जाता था । इसीलिए तो हाथी को उस समय शाही पशु कहा जाता था ।

हाथी के महत्व को देखते हुए 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस मनाया जाता है ।

भारत मे हाथी मुख्य तौर पर मैसूर, असम और त्रिपुरा के जंगलों में पाए जाते है । इसके अलावा भी भारत के कई शहरो मे हाथी देखने मिलते है ।

 

हाथी की शारीरिक रचना :-

हाथी एक चौपाया विशाल जानवर है जो सिलेटी, काला और सफेद रंगो मे पाए जाते है ।

उनके पैर एक स्तंभ की तरह समान होते है, जिससे वह बड़े लंबे समय तक खड़े रह सकते है ।  उनके आगे के पैरो मे 4 और पीछे के पैरो मे 3 नाखून होते है ।

हाथी के दो लटकते हुए कान होते है । हाथी की सुनने की क्षमता बहोत ज्यादा होती है । वह अपने साथियों की आवाज 5 मील दूर से ही सुन लेते है ।

information about elephant in hindi

उनकी आंखे बहोत छोटी होती है । इसीलिए हाथी को कम रोशनी मे ज्यादा और ज्यादा रोशनी मे कम दिखाई देता है ।

उनके मुख मे दो लम्बे सफेद दाँत और एक लंबी सूंड़ होती है । सूंड़ काफी मजबूत और लचकदार होती है । हाथी सूंड़ का उपयोग सांस लेने, खाना खाने और नहाने के लिए करता है ।

14 लीटर पानी हाथी अपनी सूंड मे एक बार मे ही खींच लेता है । हाथी के दाँत उसके पूरे जीवनकाल में निरंतर बढ़ते ही रहते है ।

हाथी की त्वचा बहोत ज्यादा मोटी और संवेदनशील होती है । संवेदनशील होने की वजह से उनको हर दिन नहाना पड़ता है ।

इसके अलावा हाथी के एक छोटी पुंछ भी होती है ।

हाथी का वजन लगभग 5000 से 7000 किलोग्राम तक और ऊंचाई 11 फुट जितनी होती है ।

 

हाथियों की प्रजातिया :

पृथ्वी पर हाथी की मुख्य दो प्रकार की प्रजाति पाई जाती है ।

जिसमे पहली प्रजाति है अफ्रीकी, जिसका वैज्ञानिक नाम लोक्सोडान्टा अफ्रीकाना है । और दूसरी प्रजाति है एशियन, जीसका वैज्ञानिक नाम एल्फास़ मैक्सिम्स है ।

विश्वभर मे एशियाई हाथी को भारतीय हाथी भी कहा जाता है

अफ्रीकी हाथियों की तुलना में एशियाई हाथि थोड़े अलग होता है ।

जैसे की, अफ्रीकी हाथी एशियन हाथियों से थोड़े बड़े और गहरे धूसर यानि स्लेटी रंग के होते है ।

इसके अलावा वह एशियाई हाथी से अधिक वजनदार और बड़े भी होते है ।

hathi par nibandh

आफ्रीकी हाथि की सूंड थोड़ी लम्बी और दो छिद्रों वाली होती है । जबकि एशियाई हाथी की सूंड में केवल एक ही छिद्र होता है ।

एशियाई हाथी की तुलना मे अफ्रीकी हाथी की त्वचा में बाल कम होते है ।

अफ्रीकी हाथी अफ्रीका के मुख्य 37 देशो मे पाये जाते है । जबकि एशियाई हाथी भारत, श्रीलंका, थाइलैंड और बर्मा मे पाए जाते है ।

श्रीलंका मे हाथियों का अनाथाश्रम भी बनाया गया है ।

 

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हाथियों की जीवन शैली :-

हाथी शांत और गुस्सेल दोनों स्वभाव का जानवर है ।

जब तक कोई इसे परेशान ना करे तब तक हाथी शांत स्वभाव का जानवर है । लेकिन अगर किसी ने हाथी को परेशान कर दिया तो उसको काबू करना बहोत मुश्किल है ।

नर हाथी को अकेला और मादा हाथी को झुंड में रहना ज्यादा पसंद है ।

एक मादा हाथी इन्सानो की तरह बच्चे को जन्म देती है । इसके साथ-साथ वह बच्चे को अपना दूध भी पिलाती है ।

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इसका गर्भकाल 22 महीने का होता है और 4 साल में एक बार ही मादा हाथी गर्भ धारण करती है ।

हाथी एक शाकाहारी जानवर है, जो अपने भोजन मे पेड़-पौधों की छोटी टहनिया, पत्तिया, गन्ने, धान, केले, रोटी और जंगली फल लेता है ।

उसकी आयु 70 से 80 साल है । (about elephant in hindi)

हाथी को जंगलों में रहना ज्यादा पसंद है । परंतु वर्तमान मे वनो की कटाई बहोत ज्यादा हो रही है । इसलिए कई बार हाथी अपना भोजन खोजने के लिए आवासीय इलाकों की और आ जाते है ।

 

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हाथी के उपयोग :-

प्राचीन काल से ही भारत मे हाथी को महत्व दिया जाता था । इसीलिए भारत के कई धार्मिक ग्रंथों मे हाथी से संबंधित चिजे लिखी गई है ।

एसा कहा जाता है की जब पहले युद्ध होता था, तब हाथीयो की संख्या के आधार पर यह अनुमान लगाया जाता था की कोन यह युद्ध जीतेगा या कोन हारेगा । 

इसके अलावा कई समाज मे हाथी को समृद्धि का प्रतीक माना जाता था । पहले धनी लोग अपने घर की शोभा बढ़ाने के लिए हाथी को दरवाजे पर रखते थे ।

कई शिकारी हाथी पर बैठकर शेर और बाघ जैसे खतरनाक जानवरो का शिकार करते है ।

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वर्तमान मे हाथी को सर्कस मे खेल दिखाने के लिए भी उपयोग किया जाता है ।

हाथी की हड्डियों और दातों से कंघी, ब्रश, चाकू और हेंडल जैसी कई उपयोगी चिजे बनाई जाती है । (about elephant in hindi)

और भी कई तरीको से हाथी हम मनुष्यो को मदद करता है । लेकिन आज हम इन्सानो ने लालच मे आकार इनको मारना शुरू कर दिया है । 

जिसकी वजह से हमे हाथी के संरक्षण के लिए कई कानून बनाने पड़ रहे है ।

 

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हाथियो के संरक्षण के लिए बनाई गई योजनाए :-

भारत मे हाथी को एक देवता की सवारी मानकर पूजा जाता है ।

परंतु आज हमारे देश मे हाथी की हालत दयनीय हो गई है । मनुष्य अपने फायदे के लिए हाथियों को मारता ही जा रहा है ।

आज हमारे जंगलो को बेझिझक काटा जा रहा है, जिसकी वजह से कई जानवर भूख से मर रहे है ।

लेकिन कई जानवर भोजन की खोज मे इन्सानो की बस्ती में आ जाते है । जिससे लोगो के बीच भय का माहौल पैदा हो जाता है और अंत मे इनको मार दिया जाता है ।

हाल ही मे आपने दैनिक समाचार मे देखा होगा की, केरल मे एक गर्भवती हथीनी को कुछ लोगो ने पटाखे खिलाकर उसकी हत्या कर दी । इस दर्दनाक घटना से सारी इंसानियत मर गई थी । 

और एसे कई हाथियो को बिना वजह मार दिया जाता है । जिसके कारण आज उनकी आबादी कम होती जा रही है । (about elephant in hindi)

हाथी की गणना से पता चला की, 2012 की तुलना मे 2017 मे 11 प्रतिशत हाथी की संख्या कम हुई है ।

इस तरह हाथी की घटती संख्या को देख भारत सरकार ने हाथी के संरक्षण के लिए कई कदम उठाए है ।

और इसी के चलते भारत सरकार ने फरवरी 1992 में हाथी परियोजना बनाई ।

इसका मुख्य उदेश्य हाथी का संरक्षण करना था । इसके लिए सरकार ने हरियाणा मे एक हाथी पुनर्वास केंद्र स्थापित किया गया ।

यहा पर बूढ़े और बीमार हाथियों के रहने की व्यवस्था और उनका उपचार किया जाता था ।

इसे सफल होता देख सरकार ने देश के तमिलनाडु, कर्नाटक, ओडिशा और केरल राज्य मे भी हाथी पुनर्वास केंद्र स्थापित किया ।

इसके अलावा 12 अगस्त 2017 को गज यात्रा नामक एक राष्ट्रव्यापी अभियान भी चलाया गया था । जिसका मुख्य उदेश्य हाथियो को संरक्षण करना था ।

यह अभियान भारतीय वन्यजीव ट्रस्ट द्वारा चलाया गया था । (about elephant in hindi)

परंतु भारत सरकार एसी हजारो अभियान और योजनाए बना ले, जब तक हम नागरिक सरकार का साथ नहीं देंगे और इसके बारे मे दूसरों को जागरूक नहीं करेंगे तब तक यह सभी योजनाए असफल है ।

हाथी को बचाने के लिए हम सभी भारतवासी को आगे आकर सरकार का साथ देना होगा । तभी हम सही अर्थ मे हाथी का संरक्षण कर सकेंगे ।

 

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हाथी के बारे हेरतंगेज़ तथ्य :- 

  • थाईलैंड देश को सफेद हाथियों का देश भी कहा जाता है । क्योकि थाईलैंड मे सफेद रंग के हाथी पाए जाते है ।
  • मादा हाथी अपने बच्चे को 1 दिन में 10 लीटर से भी ज्यादा दूध पीला सकती है ।
  • हाथी एक ही दिन में 30 गैलन से ज्यादा जल और 400 पाउंड से अधिक खाना खा सकते है ।
  • वह अपने भोजन को पचाने के लिए दौड़ते है और उस वक्त हाथी मीथेन गैस छोड़ते है ।
  • हाथी 40 KM प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकते है ।
  • उनकी यादाश्त क्षमता बहोत अच्छी होती है ।
  • हाथी का बच्चा जन्म के समय 120 किलोग्राम का होता है ।
  • दुनिया का सबसे छोटा हाथी यूनान के क्रिट द्वीप मे है । वो एक मादा है ।
  • हाथी सिर्फ 2 से 4 घंटे ही सोता है ।
  • हाथी का ह्रदय 1 मिनट में 27 बार धड़कता है ।
  • उसके बच्चे को कॉल्फ कहते है ।
  • उनकी त्वचा बहोत संवेदनशील होती है ।
  • विश्व का सबसे बूढ़ा हाथी का नाम लिन वांग है, जो 86 साल का था ।
  • हाथी हररोज 16 घंटे सिर्फ भोजन करने में बिताते हैं ।
  • जब हाथी का बच्चा जन्म लेता है, तब वो अंधा होता है ।
  • हाथी को अपनी सूंड पर इतना नियंत्रण होता है की, वह कच्चे अंडे को बिना तोड़े सूंड से उठा सकते है ।
  • हाथी कभी अपनी सूंड से पानी नहीं पीता, वह उसमे पानी भरकर मुँह में डालता है । (about elephant in hindi)

 

निष्कर्ष :-

वास्तव में हाथी हम मनुष्यो के लिए एक उपयोगी जानवर है । बल और बुद्धि का जोड़ हाथी के अलावा किसी और जानवर मे होना बहोत मुश्किल है ।

लेकिन फिर भी क्यो आज हम इन प्यारे हाथियो को मार रहे है ? आधुनिक बनने की लालच मे आकर या हमारे स्वार्थ के लिए ? 

इससे ना सिर्फ प्राणी बल्के हमारा पर्यावरण भी विलुप्त होने के खतरे मे है ।

इसलिए आज से ही अपने आप से यह वादा करे की हम ना किसी जानवर को मारेगे और ना ही पर्यावरण को नुकसान पहोचाएंगे ।

और अंत मे, इतना सब कुछ जानने के बाद शायद अब आप लोगो को हाथी के बारे बहोत कुछ पता चल गया होगा ।

 


 

अब मे आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की आपको ये हाथी पर निबंध (about elephant in hindi) कैसा लगा ?

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको सरल ओर साधारण भाषा मे हाथी पर निबंध दे सके । लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email करे ।

और अगर आपको इस निबंध से कुछ भी लाभ हुआ हो तो इसे शेर करना न भूले । (please share)

Thanks for reading About Elephant in Hindi

 

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