भारतीय मोर के मज़ेदार तथ्य -about peacock in hindi

आज हम  about peacock in hindi यानि हमारे राष्ट्रीय पक्षी मोर के बारे मे विस्तृत मे जानेगे ।

मेरी आपसे बिनती हे की इस about peacock in hindi को पढ़ने से पहले नीचे दियी गयी माहिती पढ़ कर ही आगे बढ़े, क्यूकी बाद मे हम नहीं चाहते की आपको कोई प्रोब्लेम हो ।

आप लोग इस लेख-निबंध को

Essay on peacock in hindi (राष्ट्रीय पक्षी मोर पर निबंध )

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Report writing on peacock in hindi, इन सभी विषय के लिए उपयोग कर सकते हे ।

लेकिन आपके मनमे प्रश्न होता होगा की आखिर इन सब के लिए एक ही लेख कैसे काफी हे ?

तो मे आपको बता देना चाहता हु की हमने इसको अच्छी तरह जांच कर लिखा हे ताकि आपको निबंध , स्पीच , लेख ओर प्रोजेक्ट इन सभी के लिए अलग-अलग ढुढ्ना ओर कही ओर जाना न पड़े ।

तो चलिये शुरू करते हे ।

Peacock information in Hindi-भारतीय मोर 

Introduction:

मोर शब्द का उपयोग आमतौर पर दोनों लिंगों के पक्षियों के लिए किया जाता है । लेकिन अगर तकनीकी रूप से देखा जाय तो केवल पुरुष मोर हैं मादा तो पीहर हैं और जब ये दोनों का मिलन हो या दोनों एक साथ हो तब उन्हें मयूर कहा जाता है।

मोर एक बड़े आकार का पक्षी होता है जिसकी लंबाई चोंच से लेकर पेरो तक 100 से 115 सेमी तक होती है और पूरी तरह से विकसित मोर क लंबाई  195 से 225 सेमी होती हे । वजन के मामलेमे मोर  4 से 6 किलो का होता हे ।

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मोर बड़े, रंगीन तीतर होते हैं जो इंद्रधनुषी पूंछ के लिए जाने जाते हैं । मोर की पुंछ मे लगे पंख उसके पूरे शरीर का 60 प्रतिसत हिस्सा होता हे ।

मोर के पंख मे नीले, लाल, पीले, जैसे कई सारे अन्य रंग भी सामील होते हे , जो मोर की सुंदरता को ओर बढ़ावा देते हे ।

मोर जमीन-भक्षी होते हैं जो कीड़े, पौधे और छोटे जीव खाते हैं।

मोर कहाँ पाया जाता है?

मोर की दो प्रजातियाँ बड़ी परिचित हैं , जिनमे नीला मोर ओर हरा मोर सामील हे ।

नीला मोर दुनिया मे सबसे ज्यादा भारत और श्रीलंका में पाया जाता है , ओर हरा मोर जावा और म्यांमार (बर्मा) में सबसे ज्यादा पाया जाता है।

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लेकिन मोर की एक अधिक विशिष्ट और अल्पज्ञात प्रजाति भी है जिसका नाम कांगो मोर है । कोंगों मोर अफ्रीकी देशो मे ज्यादा पाये जाते है।

मोर के इंद्रधनुषी पंख धूप में चमकते हैं ओर उसकी सुंदरता के लिए मोर घरेलू पक्षियों का सबसे बड़ा आकर्षण है ।

बारिश में मोर क्यों नाचते हैं?

आप को पता होगा की जब वर्षा का मौसम आता हे तब मोर अपनी अनमोल छटा बिखेरते हुए नाचते हे, आखिर इसके पीछे का कारण क्या हे ?

मोर का तीन प्रजातियों के साथ सबंध हे जिसमे मोर (नर), पेहेन्स (मादा) और पीचिस (शिशुओं) का समावेश होता हे । मोर की ये तीन प्रजातियों में से भारतीय या नीला मोर वो है जिसे हमने सबसे ज्यादा देखा है ।

मोनसून मौसम के दौरान ज्यादातर जानवर संभोग करना चाहते हैं । भारत में वर्षा का मौसम जून में शुरू होता है और सितंबर में समाप्त होता है ।

मोर भी इन तीन महीनों के दौरान मादा मोर के साथ संभोग करना चाहते हैं इसलिए मादा मोर को आकर्षित करने के लिए वो नृत्य करते हे ।

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एक महिला साथी को आकर्षित करने के लिए बारिश में मोर का नृत्य कुछ इस तरह होता हे की नर मोर बारिश में अपने पंख खोलते हैं, जिससे मोर के रंगीन पंख फैल जाता है।

जब विज्ञान की प्रगति उतनी नहीं हुई थी तब मोर का नृत्य एक संकेत माना जाता था कि, हमारे आस-पास के क्षेत्र में अचानक बारिश आने वाली है ये  धारणा बिलकुल गलत साबित होती है ।

क्योकि हमने जाना की मोर अपनी महिला साथी को आकर्षित करने के लिए नृत्य करता है ना की बारिश लाने के लिए ।

एसा भी नहीं हे की नर मोर केवल बारिश में ही अपने पंख खोलते है या फैलाते हैं । लेकिन जब भी उनको संभोग करने की आवश्यकता महसूस होती है तब वो पंख भी खोलते हे ओर नृत्य भी करते हे ।

रात में मोर क्यों रोते हैं?

मोर भी रोते हे ? आज हम इसको भी जानेगे , लेकीन आपको क्या लगता हे की वाकिय मे मोर रोते हे ? अगर पता हो तो comment मे yes जरूर लिखे ।

एक प्रयोग के मूताबिक पता चला हे की मोर रोते हे वो भी रात के समय मे ज्यादा । 

इसके एक बड़ा कारण ये भी माना जाता हे की , जब वर्षा के मोसम मे उनके संभोग करने का वक्त आता हे तब उनको कोई मादा मोर ना मिले तो वो रोने लगते है ।

मोर तब तक शांत रह सकता हैं जब तक कि उन्हें कोई खतरा न हो या उनके प्रजनन का मौसम न हो ।  मोर एक एसा पक्षी हे जो अन्य जीवो के साथ अच्छी तरह से घुल-मिल ना पसंद नहीं करता ।

क्या मोर एक शाकाहारी पक्षी है?

मोर तीतर परिवार से आते हैं इसलिए वो कहा रहते हे यानि उनकी भौगोलिक स्थिति और वो जंगली हे की नहीं उसका आधार पर तय होता हे की वो शाकाहारी हे या मासाहारी ।

इसीलिए मोर को दो भागो मे बाटा जाता है ।

(1) पालतू मोर यानि शाकाहारी ( गाव –शहर मे रहते हे )

(2) जंगली मोर यानि मासाहारी  ( जंगल मे रहते हे )

पालतू मोर बीज, फल, जामुन, अन्य पौधे, दाने मकई और कुत्ते या बिल्ली के भोजन खाते हे । 

जंगली मोर छोटे जानवरों (चूहों), कीड़े, छिपकली, दीमक, चींटियों, बिच्छुओं ओर भी कई जीवजंतु ओर बहुमुखी आहारों को पचाने में भी सक्षम होते हैं ।

क्या मोर आपको मार सकते हैं?

कुछ अधिकारियों के अनुसार ओर रिपोर्ट के मुताबिक संभोग के मौसम में मोर अधिक आक्रामक हो जाते हैं।

houstonpress.com वेब साइट के अनुसार मोर के कुछ हमले आज हम यहा प्रस्तृत करेंगे ।

ये बात हे साल 2013 में मई के महीने की , अल्बुकर्क चिड़ियाघर के एक मोर ने दो साल की बच्ची पर हमला कर दिया था ।

उसकी मां ने प्रेस को बताते हुए कहा कि , मोर मेरी बेटी के सिर पर कूद गया , ओर उसके हमले से एक खूनी घाव मेरी बेटी के सिर पर हो गया था ओर उसे दो टांके भी लगाने पड़े ।

Why is the Indian peacock so beautiful

जून 2010 में, एक तीन वर्षीय लड़के को डेनवर चिड़ियाघर में चोट लगी थी । एसोसिएटेड प्रेस को लड़के के पिता ने कहा कि , मोर ने अचानक उनके बेटे पर हमला किया था । हमले के बाद लड़के को अस्पताल ले जाया गया और उसे नाक और माथे पर टांके लगवाने पड़े।

एक्सोटिक एनिमल इंसिडेंट रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2006 में एक और मोर का हमला हुआ । ये हमला ओरेगॉन चिड़ियाघर में एक बच्चा पर हुआ था , ओर उसे भी एक कंधे पर खरोंच का सामना करना पड़ा और दोनों हाथों पर भी मोर द्वारा हमला किया गया था ।

हालांकि मोर आमतौर पर आक्रामक जानवरों के लिए नहीं जाने जाते । लेकिन फिर भी हम हमेशा नहीं जानते कि वे किस मूड में  हैं , इसलिए हर समय सावधान रहें ओर खास कर अपने बच्चो का जरूर संभाले ।

मोर को मारने से क्या होता है?

मोर हमारे भारत देश का राष्ट्रीय पक्षी हे इसलिए हमारे देश मे मोर का शिकार ओर हत्या पर रोक हे । मोर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 51 (1-ए) के तहत संरक्षित है ।

फिर भी अगर कोई मोर की हत्या करे तो उस व्यक्ति को छे साल की अधिकतम कैद, ओर 25,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।

क्या भारत में पालतू पशुओं के रूप मे मोर को रखने की अनुमति है?

भारत देश मे मोर को पालतू पशुओ के रूप मे रखना गैरकानूनी है।

मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है और यह वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत मोर को पालतू जानवरों के रूप में रखना गैरकानूनी है ।

कोई भी पशु-पक्षी को मनुष्यों द्वारा अगर कैद में रखा गया हे ओर बाद मे उनको अगर बंधन से मुक्त किया जाए तो उनके जीवित रहने की संभावना बहुत कम होती हे ।

क्योकि जब उनको छोड़ा जाता हे तो वे नहीं जानते कि भोजन कैसे खोजना है या अपने विरोधी का मुक़ाबला कैसे करना है, इसलिए या तो कोई वन्य प्राणी उन्हे मार देगा या वो भूख से ही मर जाएगे ।  

इसलिए भी हमारे देश मे मोर को पालना हमारे कानून के खिलाफ है ।

मोर के बारे मे कुछ रहस्यमय तथ्यो :

मोर एक सामाजिक और जिज्ञासु पक्षी हैं । वे आपके आंख में देखेंगे अगर आप उन्हें घूरते हैं या आपकी शरीर की गतिविधिया मोर को आक्रामक लगती हे तो वो खुद को खतरे मे महसूस करेंगे ओर जल्दी से वहा से भाग जाएंगे ।

यदि आप मोर के करीब जाना चाहते है, तो धीरे से बात करते हुए चले और अपनी आंखों को संयमित रखें । आपको यह दिखावा करना पड़ेगा  कि आप उन्हें बिल्कुल नहीं देखते हैं ओर यह उन्हें सुकून देता है ।

एशिया खंड में मोर के पंख को शुभ माना जाता है । लेकिन यूरोपीय देशो मे मोर के पंख को घर में रखना बहुत बुरा माना जाता है ।

Can peacocks fly

ये अंधविश्वास जानबूझकर प्रचारित किया गया ताकि इसे बड़े ओर अमीर परिवार के सदस्य को खाने से रोका जा सके। ओर इस तरह दुनिया के सुंदर पक्षी को विलुप्त होने से बचा सके ।

ग्रीस में यह हेरा स्वर्ग की रानी और ज़ीउस की वैध पत्नी के लिए पवित्र माना जाता हे ।

इंडोनेशिया के जावा में मुसलमानों एक मथक है ओर उनका मानना हे की मोर स्वर्ग की रखवाली करता है और शैतान को खा जाता है ।  

चीन की पुरानी नौकरशाही प्रणाली में उच्चतम स्तर के सदस्यों ने पद के प्रतीक के रूप में एक मोर को प्रदर्शित किया था ।

यूरोपीय कीमिया और हरमैन्यूटिक्स की शास्त्र में , मोर आत्मा का प्रतिनिधित्व करता है ।

हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मो की परंपराओं में मोर का प्रभाव मुख्य रूप से सांसारिक के तोर पर ज्यादा है ।

मयूरी, जिसे जापान में कुजाकू मायो-ओ के नाम से जाना जाता है, जो मोर के साथ जुड़ा हुआ बौद्ध ज्ञान देवता है जो विशेष रूप से आपदा से बचाता है।

(अगर आप अपने मित्र को अपनी जान से भी ज्यादा चाहते हे तों इसे पढ़ना न भूले – click here

मोर को भारत के राष्ट्रीय पक्षी के रूप में क्यों चुना गया ?

आपके मनमे प्रश्न होता होगा की दुनिया मे कितने पक्षी हे लेकिन मोर को ही भारत का राष्ट्रीय पक्षी क्यों चुना गया ?

1963 में भारतीय परंपराओं में धार्मिक और पौराणिक भागीदारी के कारण मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया था । इसको राष्ट्रीय पक्षी के रूप मे पसंद करने  के ओर भी कई मापदंड थे ।

क्या मोर उड़ते हैं?

कई लोगो ने मोर को देखा होगा लेकिन क्या मोर को उड़ते हुए देखा हे ? ओर क्या मोर उड भी  सकते हे ? तो चले इस मज़ेदार टॉपिक को जानते हे ।

एक मोर के पंख 6 फीट तक लंबे हो सकते हैं और शरीर की लंबाई का लगभग 60 प्रतिशत बनाते हैं। इसलिए कम दूरी तक मोर उड़पाते हे लेकिन अगर लंबी दूरी तय करनी हो तो उनके लिए उड़ना कठिन हे ।

(हमारे दुनिया ओर खास कर हमारे देश को पर्यावरण कितना नुकसान पहोचा रहा हे – click here)

निष्कर्ष :

भारत देश का राष्ट्रिय पक्षी यानि मोर दुनिया के सबसे अच्छे ओर सुंदर पक्षी मे से एक हे । मोर के लिए बहोत सारे कानून बनाए गए हे लेकिन फिर भी आज मोर की संख्या घटती जा रही है , आखिर क्यो ?

अगर हम इतने कानून बनाने के बावजूद भी मोर का बचाव नहीं कर सकते तो गलती सरकार या फॉरेस्ट पोलिस की नहीं बलके हमारी हे ।

हम जागरूक हो जाए तो हम इनको बचा सकते हे , लेकिन इसके लिए हमे प्रकृति से प्यार करना पड़ेगा , लोगों की अज्ञानता को दूर करना होगा , लोगो को समजाना पड़ेगा की मोर का मांस खाना गलत है ।

क्या भारत में मोर रखने की अनुमति है

कई लोग मोर का शिकार उनके पंख को लेने के लिए करते हे जिससे वो लोग कपड़े और आभूषणों के निर्माण कर सके ।

आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की क्या अब आप लोग मोर की रक्षा के लिए सतर्क रहेंगे ओर अगर कोई भी व्यक्ति मोर के साथ कुछ गलत होता देखे तो फॉरेस्ट पोलिस को जानकारी देंगे की नहीं ? इसका जवाब मुजे yes or no मे comment मे जरूर दे ?

अगर आपको ये लेख यानि about Peacock In Hindi अच्छा लगा हो तो इसे share करना न भूले ।

Thank you all my readers