अहिंसा और युवा पर एक जबरदस्त निबंध- Ahinsa Aur Yuva Par Nibandh

दोस्तो, आज हम अहिंसा और युवा पर निबंध जानेगे । यह निबंध आपको स्कूल, कॉलेज और कई जगहो पर काम आने वाला है ।

हम इस निबंध मे जानेगे की, आखिर क्या है अहिंसा ? क्या सच मे गांधीजी ने अहिंसा के बल-बूते पर हमारे देश को आज़ाद करवाया था ?

और क्यो आज हमे और हमारे देश के युवाओ को अहिंसा की बहोत जरूरत है ?

हम पर भरोसा करें, अहिंसा और युवा पर निबंध को पढ़ने के बाद शायद ही आपके मनमे इसके बारे मे कोई संदेह रहेगा ।

तो चलिए शुरू करते है ।

 

Essay on non-violence and youth in Hindi – अहिंसा और युवा पर निबंध

 

दुनिया के किसी भी जीव को तन, मन, धन और वाणी से कोई हानी न पहुँचाना इसे ही अहिंसा कहते है । अहिंसा को साधारण भाषा मे समजे तो हिंसा न करना या किसी को नुकसान न पहुँचाना ।

इसीलिए तो अहिंसा को गौतम बुद्ध और महावीर स्वामी जैसे इतिहास के सबसे सदाचारी और प्रसिद्ध लोगो ने अपनाया था । उन्होने देश के लोगो को भी इसी मार्ग पर चलने का संदेशा दिया था ।

इसके अलावा भी कई विश्व प्रसिद्ध नाम जैसे स्वामी विवेकानंद, राजाराम मोहन राय और ईश्वर चंदविद्यासागर ने अहिंसा को अपनाकर ही देश के प्राचीन कुरिवाज़ों को दूर करने का प्रयास किया था ।

अहिंसा मे इतनी शक्ति है की, एक अंगुलिमार जैसा खतरनाक डाकू भी जब अहिंसावादी गौतम बुद्ध के संपर्क मे आया तो वो एक बौद्ध भिछु बन गया ।

और डाकू अंगुलिमार ने बौद्ध भिछु बनने के बाद हिंसा को छोड़ दिया और अहिंसा का रास्ता अपना लिया । 

इसी कारण गौतम बुद्ध को प्राचीन काल मे अहिंसा का सबसे बड़ा प्रणेता माना जाता है ।

जब कलिंग के युद्ध मे मगध साम्राज्य का सबसे बड़ा सम्राट यानि अशोक ने बड़े पैमाने हिंसा देखि तो उसका मन विचलित हो गया ।

ahinsa evm yuva par nibandh

और उसके पश्चाताप के लिए अशोक ने बौद्ध धर्म अपनाकर अहिंसा का मार्ग स्वीकार किया । उसके बाद अशोक ने एक युद्ध नहीं किया, यह है ताकात अहिंसा की । 

साल 1947 मे हमारे देश की आज़ादी भी अहिंसावाद की ही देन है । देश के राष्ट्रपिता यानि महात्मा गांधी जी ने अहिंसा को अपनाकर ही अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया था ।

इसी वजह से दुनिया गाँधी जी को अहिंसावादी विचारधारा का जनक कहती है ।

जब दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के नाम पर अश्वेतो को मारा जाता था, तब भी नेलसन मंडेला ने उस अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए अहिंसा का मार्ग ही अपनाया था ।  

इसके लिए उन्होने 27 साल जेल की अंधेरी कोठरी मे रहना पसंद किया ।

परंतु जब अश्वेतो को न्याय मिला तो नेलसन मंडेला को दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बनाए गए, यह ताकात है अहिंसा मे ।

लेकिन वर्तमान समय मे पूरी दुनिया हिंसा पर आ गई है । लोग छोटी छोटी बातो पर एक-दूसरे के गले काट रहे है ।

कुछ देशो मे तो आंदोलन के नाम पर दंगे हो रहे है, जिसकी वजह से बड़े बड़े देश तबाह होने की कगार पर है ।

और सबसे खतरनाक बात यह है की, दंगे करने वाले लोगो मे सबसे ज्यादा युवा है ।

इसीलिए आज अगर किसी देश को तबाह करना हो तो सबसे पहले उस देश के युवाओ को लक्ष्य बनाया जाता है ।

अगर उस देश के युवाओ को व्यसनी बना कर खराब आदतों मे लगा दिया जाए तो, किसी की ताकात नहीं है की उस देश को बचा सके ।

और आज हमारे देश का हाल भी कुछ एसा ही है । आए दिन हम दैनिक समाचार मे देखते है की, हमारे युवा कितनी खतरनाक और गंभीर चिज़े अपना रहे है । वो अपने लक्ष्य से कितने भटके हुए है ।

ahinsa our yuva vishay par nibandh

इसीलिए आज हम सबको मिलकर हमारे युवाओ को हिंसा के गलत रास्ते से अहिंसा के सही रास्तो पर लाना है । उनको अहिंसा की सही ताकत का मूल्य समजाना है ।

इसके लिए हमे गांधी जी के यह संदेश को देश के हर युवाओ तक पहोचाना ही होगा की, अहिंसा ही मनुष्य का पहला धर्म है ।

हमे उनको समजाना होगा की, दुनिया के सभी विश्व प्रसिद्ध और सफल लोगो ने अहिंसा के मार्ग को ही अपनाया था ।

युवाओ के अंदर अहिंसा लाने के लिए हमे सबसे पहले उनको शिक्षित करना होगा । देश के हर कोने तक हमे शिक्षा को पहोचाना होगा ।

क्योकि पढ़े-लिखे युवा अहिंसा के मूल्य को जल्दी समज पाएंगे ।

इसके अलावा हमे देश के युवा को जागरूक करना पड़ेगा । उन तक यह बात पहोचानी होगी की हिंसा से कभी आपको न्याय नहीं मिलेगा ।

क्योकि इतिहास गवाह है की, जीतने भी लोगो ने हिंसा अपनाई है उनके जीवन मे बहोत कठिनाइयों आई है । लेकिन अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति ने हमेशा खुशिया पाई है ।

एसा व्यक्ति अपने बारे मे तो सोचता ही है, उसके साथ-साथ वह लोगो के कल्याण और देश के विकास के बारे मे भी सोचता है ।

अहिंसावादी व्यक्ति समाज और परिवार मे मान-सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करता है । और वो अपने हर सपने को साकार करने मे बहोत हद तक सफल रहता है ।

और अगर देश के भविष्य को उज्जवल और बेहतर बनाना है तो देश की युवा पीढ़ी को अहिंसा का रास्ता अपनाना ही होगा ।

क्योकि किसी भी देश की युवा पीढ़ी उस देश की रीड की हड्डी समान होती है । इसीलिए अब हम सभी को अहिंसावादी बनकर देश के विकास मे अहम योगदान देना है ।

 

निष्कर्ष :-

तो अब शायद आपको पता चल गया होगा की, आखिर क्यो आज हमारे युवाओ को अहिंसक बनना जरूरी है ?

इसके साथ-साथ आपको यह भी पता चल गया होगा की, हमारे महात्मा गांधी जी ने अहिंसा को अपना कर ही अंग्रेज़ो को हमारे देश से भगाया था ।

और आखिर मे हम आपसे एक ही प्रश्न पूछना चाहते है की, क्या अब आप लोग देश को आगे बढ़ाने के लिए और विकसित करने के लिए अहिंसा का रास्ता अपनाएँगे या नहीं ? (इसका जवाब कमेंट मे जरूर दे)

अंत मे आपको यह अहिंसा और युवा पर निबंध कैसा लगा ?

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको सरल ओर साधारण भाषा मे अहिंसा और युवा पर निबंध दे सके । लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email जरूर करे ।

आपको किसी और विषय पर भी निबंध चाहिए तो हमारी कॉमेंट मे जरूर बताए । और अगर आपको लगता है की, इस निबंध से आपको थोड़ा भी लाभ हुआ तो इसे share करना ना भूले । ( please share )

Thanks for reading अहिंसा और युवा पर निबंध

 

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