वायु प्रदूषण पर निबंध (भयानक) – Air pollution essay in Hindi

आज हम Air pollution essay in Hindi यानि वायु प्रदूषण पर निबंध को विस्तृत मे जानेगे ।

मेरी आप सभी से एक बिनती हे की आप इस Air pollution essay in Hindi को पढ़ने से पहले नीचे दियी गयी माहिती पढ़ कर ही आगे बढ़े क्यूकी बाद मे हम नहीं चाहते की आपको कोई प्रोब्लेम हो ।

आप लोग इस लेख को नीचे दिये गए सारे टोपिक्स मे उपयोग कर सकते है ।

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हम पे विश्वास रखिए, इस लेख को पढ़ने के बाद आपके मनमे वायु प्रदूषण पर निबंध के बारे मे कोई संदेह नहीं रहेगा ।

तो चलिये शुरू करते हे ।

 

Air pollution essay in Hindi

 

प्रस्तावना :

वायु मनुष्य ओर प्राणियों के जीवन का अत्यन्त आवश्यक तत्व ओर मुख्य आधार है । क्योकि बिना वायु के इस पृथ्वी ओर पृथ्वी मे बसने वाले जीव की कल्पना नहीं की जा सकती ।

लेकिन पिछले कुछ वर्षो मे हमारे सामने वायु प्रदूषण की खतरनाक समस्या खड़ी हो गयी है । एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2015 मे 11 लाख लोगों की मौत सिर्फ वायु के प्रदूषण से हो गयी थी । ओर दिन-प्रतिदिन वायु प्रदूषण से हो रही मौत ओर भी भयानक रूप ले रही है ।

इसीलिए हम सभी को स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छ वातावरण, स्वच्छ पर्यावर्णीय ओर स्वच्छ वायुमंडल की बहोत जरूरत है ।

ओर इसके लिए हमे स्वच्छता को अपना कर्तव्य समज कर लोगो को जागरूक करना होगा । तभी वायु प्रदूषण का समाधान हो सकता है ।

वायु प्रदूषण का अर्थ क्या है ?

पानी, मिट्टी ओर हवा जैसी कुदरती चीजे जब खराब द्रव्यों से दूषित होती हे तब प्रदूषण होता है । ओर उसमे सिर्फ वायु में हो रहे प्रदूषण को वायु प्रदूषण कहते है ।

वायु प्रदूषण को साधारण भाषा मे समजे तो वातावरण में हानिकारक पदार्थ जैसे तत्व, रसायन, जैविक अणु, धूल ओर विषैली गैस जब अधिक मात्रा मे मिल जाए ओर हवा को प्रदूषित करदे इसे वायु प्रदूषण कहते है ।  

इसीलिए आज वायु प्रदूषण से कई सारी समस्याओं उत्पन्न हो रही है । जैसे किडनी ओर फेफड़ों की बीमारी, ह्रदय की बीमारी, कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी ओर ग्लोबल वार्मिंग आदि समस्याए उभर रही है ।

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हानिकारक तत्वो मे नाइट्रिक एसिड, सल्फ्युरिक एसिड, कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन एसिड आदि का समावेश होता है । ओर इन गेसो का निर्माण या तो मानवी करता हे या प्राकृतिक तरीके से होता है ।

कुछ साल पहले वायु प्रदूषण पर किए गए एक रिपोर्ट के मुताबिक विश्व के हर पुरुष, महिला और बच्चे की आयु वायु प्रदूषण की वजह से दो साल घटी है । इसीलिए अब मानव स्वास्थ्य के लिए वायु प्रदूषण एक बड़ा खतरा है ।

वायु प्रदूषण के प्रकार :

कई बड़े विज्ञानिओ ने वायु प्रदूषण के मुख्यत्वे तीन प्रकार बताए है । गैसीय प्रदूषण, रासायनिक प्रदूषण, विविक्त प्रदूषण ओर ।

जब हवा में ईधन से निकलने वाला धुंआ ओर सल्फर ऑक्साइड ओर नाइट्रोजन ऑक्साइड मिल जाए तो वहा से गैसीय प्रदूषण होता है । ओर ये ईंधन मानव क्रियाओं ओर प्राकृतिक तत्वों द्वारा उत्पन्न होता है ।

आज के इस आधुनिक युग मे उद्योगों का विकास बड़े जोरों-शोरों से हो रहा है । लेकिन एसे उधोगों मे रासायनिक पदार्थों का उपयोग होता हे ओर इसमे से निकलने वाले धुआ ओर पानी वायु को प्रदूषित करते हैं ।

तीसरा प्रदूषण का प्रकार है विविक्त प्रदूषण । धूल, राख आदि ठोस प्रदूषक जब वायुमंडल में मिल जाए तो ओर हवा को प्रदूषित करे इसे विविक्त प्रदूषण कहते है ।

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वायु प्रदूषण के कारण :

एसा नहीं हे की वायु प्रदूषण पिछले कुछ सालो से हो रहा है । पृथ्वी की उत्पत्ति से ही वायु का प्रदूषण चल रहा है ।

लेकिन जब तक मानव सभ्यता इस दुनिया मे नहीं थी तब तक वायु का प्रदूषण बहुत ही कम होता था । ओर जब मानव सभ्यता इस दुनिया मे आई तो वायु का प्रदूषण 2 से 3 गुना अधिक गति से बढ़ने लगा ।

वायु प्रदूषण से न सिर्फ भारत बल्के दुनिया के सभी देश परेशान है । परंतु हम जैसे विकाशसील देशो को इस समस्या पर ज्यादा चिंता करने की जरूरत है । क्योकि वायु को सबसे ज्यादा प्रदूषित करने मे दुनिया के टॉप 10 देश सभी विकाशसील है ।

वायु प्रदूषण के मुख्य दो कारण है – प्राकृतिक कारण ओर मानव निर्मित कारण

प्राकृतिक कारण :

प्राकृतिक कारण मे सबसे पहले है ज्वालामुखी । इस दुनिया मे बहोत ज्वालामुखी के पहाड़ है जो कई बार फटते रहते हैं । ओर फिर उनके अंदर से जहरीली गैसे और लावा निकलकर वायु को भारी मात्रा मे प्रदूषित करती है ।

उसके अलावा जब ज्यादा गर्मि होती हे तब विश्व के बड़े-बड़े जंगलो मे आग लग जाती है । जिसके कारण वहा से बहोत धुँआ उत्पन्न होकर वायु मे मिलता है ओर वायु को प्रदूषण करता है ।

कभी-कभी हमारी पृथ्वी के आसपास वाले उल्का पिंड ओर धूमकेतु पृथ्वी से टकरा जाते हे जिस से उनकी धूल ओर मिट्टी हमारे वातावरण मे आकार वायुमंडल को प्रदूषित करती है ।

आँधी या तूफान की वजह से जब तेज हवा चलती है, तब धूल-मिट्टी उड़कर वातावरण में मिल जाती हे ओर इस से भी वायु प्रदूषित होता है ।

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फूलों पर रहे परागकण भी हवा को प्रदुषित करते है । क्योकि तेज हवा के चलने से परागकण उड़कर वातावरण मे भल जाते है ।

बैक्टीरिया एसी चीज़ हे जिसे हम आंखो से देख नहीं सकते । ओर कुछ बैक्टीरिया मनुष्य के शरीर के लिए अच्छे ओर कुछ नुकसानकारक होते है । ओर नुकसानकारक बैक्टीरिया ही हवा को प्रदूषित करते है ।

पशुओं द्वारा भी हवा प्रदूषित होती है । क्योकि वो जो गेस छोड़ते हे उनमे मिथेन वायु होती है ।  जो मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ।

मानव निर्मित कारण :

आप सभी के मनमे यह प्रश्न होता होगा की आखिर मनुष्य किस तरह वायु को प्रदूषित करता है ? तो चलिये विस्तृत मे जानते है ।

वायु प्रदूषण का सबसे मुख्य कारण जनसंख्या मे हो रही वृद्धि है । क्योकि जब जनसंख्या बढ़ेगी तो उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधन भी बढ़ेंगे । ओर संसाधन के बढ्ने से वायु का प्रदूषण होगा ।

लोग अपनी विलासता की चीजों मे ज्यादा खर्च करेंगे ओर नए वाहन खरींदेंगे ।  उनही वाहनो से निकलने वाला धुआँ स्वच्छ वायु को प्रदूषित करता है ।

इतनी ज्यादा जनसंख्या की वजह से घरों से निकल ने वाला सूखा और गीला कचरा भी बहोत ज्यादा होता है । ओर अक्सर हम उन कचरे को जला देते है, जिसके कारण वायु का प्रदूषण बहोत ज्यादा होता है ।

आज एयर कंडीशनर (Ac) हर घर-ऑफिस मे पाया जाता है । लेकिन इस से निकलने वाला क्लोरोफ्लोरो कार्बन गेस वायुमंडल ओर वातावरण को गंभीर रूप से प्रदूषित करता है ।

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वर्तमान मे जिस तरह से पूरा विश्व तरक्की कर रहा है उसी तरह से औद्योगिक निर्माण भी बहोत तरक्की कर रहा है ।

लेकिन औद्योगिक निर्माण की वजह से हवा में मिट्टी ओर सीमेंट मिल जाती है ओर वातावरण को बहोत प्रदूषित करती है ।

इसके अलावा कारखाने ओर विशेस कपड़ो के कारखाने, रासायनिक ओर तेल शोधक कारखाने, चीनी , धातुकर्म, खाद और गत्ता बनाने वाले कारखानो से वातावरण मे सल्फर, नाईट्रोजन, जिंक, कैडमियम, कार्बन मोनोआक्साइड ओर कार्बन डाईआक्साइड जैसे हानिकारक वायु मिल जाते है । जिसके कारण भी अधिक मात्रा मे वायु का प्रदूषण होता है ,

पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करता है और बदले में ऑक्सीजन को छोड़ता है । लेकिन आज वनों की अंधाधुंध कटाई हो रही है । जिसके कारण वातावरण मे कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ रही है । ओर हवा प्रदूषित हो रही है ।

इसके अलावा देश के बड़े-बड़े उद्योग ओर व्यवसाय भी वायु को प्रदूषित करते है । क्योकि उनमे से निकल ने वाला धुआँ काफी खतरनाक गेसों से भरा होता है । ओर जब ये वातावरण मे मिलेगा तो वायु प्रदूषित होना ही है ।

वर्तमान मे हर देश शक्तिशाली बनना चाहता हे इसीलिए वो ज्यादा-से-ज्यादा अपनी शक्ति प्रदर्शन करता है ।

इसके लिए हर देश नए-नए परमाणु ओर अणु बम का परीक्षण कर रहा है । जिसकी वजह से परीक्षण की आस-पास का वातावरण नष्ट हो जाता है ।

एक पशु जब मर जाए ओर अगर तुरंत ही उसका निकाल ना किया जाए तो उसमे शुक्ष्म किटाणु उत्पन्न होकर आस-पास की वायु को बहोत प्रदूषित करते है । जिस से बहोत भयंकर बीमारियां फैलती है ।

आधुनिक युग मे हर दूसरा व्यक्ति धूम्रपान करता है । जिसकी वजह से भी हमारा स्वच्छ वातावरण प्रदूषित हो रहा है ।

आज के समय मे एक किसान भी अपने खेत मे अच्छी फसल लेने के लिए कीटनाशकों दवाओ का उपयोग करता है । ओर जब वो कीटनाशकों दवाओ का छिड़काव करता हैं तब वह दवा वायु में मिलकर उसी को प्रदूषित करती है ।

भारत ओर आफ्रिका जैसे कई विकाशसील देशो के गावों मे आज भी खाना बनाने के लिए गैस के बजाए लकड़ीका ही उपयोग किया जाता है । जिसकी वजह से भी अधिक मात्रा मे धुआं उत्पन्न होकर हवा में मिलता है ओर हवा को प्रदूषित करता है ।

इसके अलावा जो बिजली हमारे घर तक पहोचती उसे उत्पन्न करने के लिए कोयला का उपयोग किया जाता है । जो बहोत ज्यादा प्रदूषण फेलाता है ।

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वायु प्रदूषण का प्रभाव क्या है ?

हमने यह तो जान लिया की आखिर किन कारणो से वायु का प्रदूषण होता है ? लेकिन हमे यह भी जान लेना चाहिए की इसका प्रभाव क्या होगा ? क्या असर होगी मनुष्य ओर इस दुनिया पर अगर वायु प्रदूषित हो गया तो ? चलिये जानते है ।

देखा जाय तो प्रदूषण के सभी प्रकार का प्रभाव ख़राब ही होता है लेकिन वायु प्रदूषण का प्रभाव बहोत खतरनाक है ।

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इसका सबसे ज्यादा प्रभाव मानव जीवन पर पड़ता है । वायु प्रदूषण से होने वाले रोगो मे खांसी, सिरदर्द, उल्टी, आंखों में जलन, दमा, गले का दर्द, हृदय रोग ओर जुकाम का समावेश होता है । 

अमेरिका जैसे विकसित देश की बात करे तो, सिर्फ अमेरिका मे हर साल 50,000 लोग वायु प्रदूषण से होने वाले रोग से मर जाते है । तो हमारे जैसे विकासशील देशो की तो बात ही क्या रही ।

क्वॉलिटी ऑफ लाइफ इंडेक्स के आंकड़ों के मुताबिक भारत, बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान के कुछ इलाको मे लोगों की औसत जीवन एक दशक तक घट गयी है । ओर आने वाले कुछ सालो मे इन देशों के लोगो का औसत जीवन पांच सालो तक घट जाएगा ।  

W.H.O की एक रिपोर्ट के अनुसार लगभग 1 करोड़ 20 लाख मौतें हर साल पर्यावरण प्रदूषण की वजह से होती हैं । ओर विश्व के प्रत्येक 10 व्यक्तियों में से 9 व्यक्ति दूषित हवा में अपनी साँस ले रहे हैं ।

विश्व मे वायु प्रदूषण के कारण सबसे ज्यादा मोते चीन मे होती है और फिर भारत मे ।

हमारे देश की बात करे तो हर साल लगभग 12 लाख मौतें सिर्फ खराब वायु के प्रदूषण से होती हैं । अगर इसे रोकने के सटीक उपाय नहीं मिले तो 2050 तक हर साल 36 लाख मौते होंगी ।

वायु के प्रदूषित होने से मधुमक्खी, कीटभक्षी ओर स्तनपोषी जीव-जन्तुओं पर बहोत गंभीर असर पड़ता हैं । उसमे भी जीव-जन्तुओ के श्वसन तंत्र ओर केंद्रीय तंत्रिका सबसे ज्यादा प्रभावित होता है ।

वायु के प्रदूषण से तापमान मे बहोत बड़ा परावर्तन आ रहा हैं । क्योकि आपने भी महसूस किया होगा की, पहले की तुलना मे आज ठण्ड और गर्मी दोनों अधिक पड रही है ।

इसीलिए हमे देश के लोगो को प्रदूषण से हो रही ही हानियो से अवगत करके उनके अंदर इस प्रदूषण के बारे मे जागरूकता लानी चाहिए ।

वायु प्रदूषण के निवारण या उपाय :

अब तक हमने वायु प्रदूषण के कारण ओर प्रभाव दोनों को जान लिया । लेकिन क्या इस प्रदूषण को रोका या कम किया जा सकता है ? जी हा मित्रो । इसको रोकने के लिए कुछ उपाय है जिसे उपयोग मे लाके वायु प्रदूषण को रोका जा सकता है ।

एसा नहीं हे की वायु प्रदूषण को रोकने के लिए पहले कोई निर्णय नहीं लिए गए ।

दुनिया के विकसित देश 1950-60 से ही वायु प्रदूषण को नियंत्रण करने के उपाय ओर तकनीक का उपयोग करने लगे थे  । 1970 के दशक मे भारत ने भी प्रदूषण के व्यापक प्रभावों के बारे में अध्ययन शुरू कर दिया था ।

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हमे सबसे पहले उन कारखानों पर नियंत्रण करना होगा जो अधिक मात्रा मे वायु को प्रदूषित करते है ।

उनके लिए हमे एसे मापदण्डों को निर्धारित करना होगा जिस से अगर कोई इस मापदंड से ज्यादा वायु को प्रदूषित करे तो एसे कारखानो को बंद कर देना चाहिए ।

हमारे देश के जिन शहरो मे जनसंख्या 25 लाख से ज्यादा हे एसे महानगरों के 50 KM के आस-पास कोई भी धुंआ निकालने वाले ओर प्रदूषण उत्पन्न करने वाले उधोगों पर कडक प्रतिबन्ध लागू करने चाहिए ।

हमे ओर हमारी सरकार को वाहनों से निकलने वाले धुंए को भी नियंत्रित करने के लिए बड़े कदम उठाने होंगे ।

हमे ज्यादा प्रदूषित करने वाले वाहनो के लिए मापदंड निर्धारित करने के साथ-साथ बिजली से चलने वाले वाहनो का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए । ओर हम अपने वाहनों की जगह सार्वजनिक वाहनों का उपयोग करना चाहिए ।

इसके अलावा हम सभी भारतवासियों को इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए की, जंगल और पेड़-पौधों की कटाई हम कम-से-कम करे ओर किसी को काटने भी न दे । ओर नए पेड़ लगाने की ज्यादा से ज्यादा कोशिस करे ।

आज विश्व के सभी देश बढ़ती जनसंख्या की समस्या से जूझ रहे है । इसे रोकना थोड़ा नामुमकिन हे लेकिन अगर सही कदम उठाके लोगो को जागरूक करे तो इसे भी रोका जा सकता है ।

क्योकि अगर लोग कम होगे तो वायु मे कार्बन डाइऑक्साइड कम होगा ओर ऑक्सीज़न की मात्रा मे बढ़ोतरी होगी । जो मनुष्यो के लिए फायदाकरक है ।

बिजली को उत्पन्न करने के लिए कोयले और परमाणु ऊर्जा का उपयोग किया जाता है । जिस से भी वायुमंडल मे बहोत नुकसान होता है । इस के लिए हमें ऊर्जा के नए स्रोत खोजने की जरूरत हे जिसकी वजह से वायु कम प्रदूषित हो ।

हमारी सरकार को साल 1981 मे बनाया गया वायु प्रदूषण कानून को सख्ती से पालना करवाना चाहिए । इस से भी कुछ हद तक वायु प्रदूषण को कम किया जा सकता है ।

हमे इस खतरे से लोगो को जागरूक करना चाहिए । हमको लोगो के अंदर एक एसी आदत विकसित करनी चाहिए जैसे की लोग इसे अभी अपनी संस्कृति समजकर अपना ले ओर हवा को कम प्रदूषित करे ।

(आपने सोचा की आपके सपनों का भारत कैसा होगा, मैंने तो सोच हे । जरा देखिये तो सही – clickhere

उपसंहार

अब आपको भी पता चल गया होगा की वायु प्रदूषण कितना खतरनाक है । ओर इसे नियंत्रण करना कितना आवश्यक है ।

आप अकेले नहीं बल्के अपने आस-पास ओर सभी भारतवासी को इस जानलेवा बीमारी को कम करने के बारे मे सोचना चाहिए ।

अगर आप सिर्फ सरकार के भरोषे बेठे हे की वह हर गली-मोहल्ले में जाकर वायु प्रदूषण को नियंत्रण करेगी तो ये गलत है ।

हमे अपनी सरकार के साथ कदम मिलकर वृक्षारोपण जैसे सकारात्मक प्रयासों को बढ़ावा देना होगा । तभी हम सब वायु प्रदूषण को मूल मे से उखाड़ के फेक सकते है ।

आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की, क्या अब आप लोग वायु को प्रदूषित करेंगे ? (आप लोग इसका जवाब मुजे comment मे yes ओर no मे जरूर दे )

आपको ये लेख यानि Air pollution essay in Hindi कैसा लगा ?

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको सरल ओर साधारण भाषा मे Air pollution essay in Hindi को दे सके ।

लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email करे । आपको ओर भी किसी विषय पर निबंध या स्पीच चाहिए तो कॉमेंट मे जरूर बताए ।

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