बाल मजदूरी पर निबंध (हेरतंगेज़ तथ्य) – child labour in hindi

दोस्तो, आज हम बाल मजदूरी पर निबंध (child labour in hindi) को विस्तृत मे जानेगे ।

दुनिया मे बसे हर व्यक्ति का बचपन जीवन का सबसे खुशनुमा पल होता है । क्योंकि बचपन ही एक एसा समय हे जिसमे हम बिना घमंड के सब कुछ सीखते है ।  

बच्चो का पूरा अधिकार हे की माता-पिता उनकी सही परवरिश करे, उन्हे अच्छी शिक्षा दिलाये, स्कूल मे भेजे ओर दोस्तों के साथ खेलने का पूरा समय दे । लेकिन बाल मजदूरी से इन फूल जैसे बच्चो का पूरा जीवन खराब हो जाता है ।

हमारे देश के लिये ये जरूरी हे की देश की सबसे कीमती संपत्ति यानि हमारे बच्चों को संरक्षित किया जाए ।

लेकिन आज यही बच्चे देश की शक्ति बनने के स्थान में देश की कमजोरी बन गए है । आखिर क्यो ? इस आश्चर्यजनक प्रश्न का जवाब आपको बाल मजदूरी पर निबंध मे आगे मज़ेदार तथ्यो के साथ मिलेगा । तो अंत तक इसे जरूर पढे ।

हम पर भरोसा करें, child labour in hindi essay को पढ़ने के बाद शायद ही आपके मनमे बाल मजदूरी के बारे मे कोई संदेह रहेगा ।

तो चलिए शुरू करते है।

Child labour in Hindi Essay – बाल मजदूरी एक अभिशाप

 

प्रस्तावना :

पूरा विश्व ओर खास कर हमारे जैसे विकासशील देश के लिए बाल मजदूरी या बाल श्रम एक गंभीर विषय है । वर्तमान मे हम सबको इस विषय पर प्रकाश डालने की जरूरत है ।

क्योकि वर्तमान मे किए गए एक रिपोर्ट के मुताबिक कुल बाल मजदूरी के बच्चो मे से 50.2 प्रतिशत ऐसे बच्चे हैं जो हफ्ते के सातों दिन बिचारे काम करते हैं ओर 53.22 प्रतिशत बच्चे यौन उत्पीड़न के शिकार हैं ।

लापरवाह माँ-बाप ओर कम पैसो में काम कराकर अपना फायदा बढ़ाने के लिये मालिक, इन प्यारे बच्चो से जबरजस्ती काम करवाते है ।

भारत में तो ये एक सामाजिक मुद्दा है । देश को आजादी मिले बहोत साल हो गए फिर भी आज बाल मजदूरी हमारे लिए एक कलंक समान है । क्योकि यहा पे तो सब लोग समजते हे की यह तो सरकार की ज़िम्मेदारी है ।

अगर हम एसे ही सरकार पर लांछन उड़ते रहे ओर व्यक्तिगत तोर पर हमने कोई काम नहीं किया तो वो दिन भी दूर नहीं की हमारे बच्चे भी कही मजदूरी कर रहे होंगे ।

बाल मजदूरी क्या है ?

हमारे देश मे 14 साल की कम उम्र वाले बच्चो को काम करवाना गेरकानूनी है । लेकिन माता-पिता की पीड़ा, गरीबी, भुखमरी और लाचारी से प्यारे बच्चे बाल मजदूरी के खतरनाक दलदल में फस जाते हैं ।

साधारण भाषा मे समजे तो किसी भी क्षेत्र में बच्चों से काम दबावपूर्णं करवाया जाए उसे बाल मजदूरी या बालश्रम कहते है ।

बचपन हर बच्चे का अधिकार है । परंतु बाल मजदूरी जैसे गैरकानूनी कार्य से बच्चो को बड़ों की तरह जीने पर बेबस ओर मजबूर किया जाता है ।

essay on child labour in hindi language

जब बच्चे बाल मजदूरी की चपेट मे आ जाए तब उनका शारीरिक और मानसिक विकास कम हो जाता है, फिर वो बौद्धिक ओर सामाजिक रुप से भी अस्वस्थ जो जाते है ।

ओर कई देशो की रिपोर्ट्स के मुताबिक बाल मजदूरी का दर विकासशील देशों मे बहोत ज्यादा है । एसे देशो मे बच्चे कम पैसो मे भी पूरे दिन कड़ी मेहनत करते है ।

हमे एक बार सोचना चाहिए की, क्या वो बच्चे स्कूल को याद नहीं करेंगे ? क्या वो अपने दोस्तों के साथ खेलना नहीं चाहते होंगे ? क्या वो बिचारे भी अपने माता-पिता का प्यार नहीं चाहते होंगे ?

एक बच्चा यह सब कुछ चाहता हे, परंतु बदकिस्मती से एसे बच्चो को अपनी हर इच्छाओं को दबाना होता होता है ।

पूरी दुनिया मे अभी 14 वर्ष से कम उम्र वाले 215 मिलियन एसे बच्चे हैं जिनका वक्त स्कूल, किताबों और दोस्तों के साथ नहीं बल्के होटलों ओर घरों मे बर्तन, झाडु-पोंछे के साथ, उद्योगों में औजारों के साथ बीतता है ।

मे आपको यह भी बता दु की पूरे विश्व मे सबसे ज्यादा बाल मजदूर भारत में है ।

आंकड़ो को जाने तो साल 1991 की जनगणना के अनुसार भारत मे बाल मजदूरों की संख्या 11.3 मिलियन थी । जो 2001 में बढ़कर 12.7 मिलियन तक पहुंच गयी है ।

वर्तमान मे भारत मे बाल मजदूरो की संख्या 35 मिलियन से भी ज्यादा है । ओर उसमे मुख्य राज्य UP, बिहार ओर राजस्थान है ।

essay on child labour in hindi

लेकिन आखिर इस गंभीर बीमारी की शुरुआत कहा से हुई । तो चलो जानते है ।

बाल श्रम का आरंभ औद्योगिक क्रांति की शुरुआत से माना जाता है । क्योकि अर्थशास्त्री कार्ल मार्क्स ने, अपने घोषणापत्र में बाल श्रम की बात करी थी ।

साल 1990 में हुए बाल अधिकार सम्मेलन मे अमेरिका ओर सोमालिया के सिवा सभी देशों ने हस्ताक्षर किया था । क्योकि उस वक्त इस बीमारी की शुरुआत हो चुकी थी । 

W.L.R (World Labour Report) के मुताबिक बाल मजदूरी को मजबूर श्रम भी कहा जाता है ।

बाल मजदूरी के कारण क्या है ?

बाल मज़दूरी का सबसे बड़ा कारण अनुचित शिक्षा, गरीबी ओर बेरोजगारी है । क्योकि गरीब लोग बहुत कम कमाते हे ओर आज के इस मोघवारी के जमाने मे अपनी रोज़ी-रोटी चलाना कठिन होता है । इसलिए वे अपने बच्चों को बाल मज़दूरी के लिए भेजते है ।

शिक्षा इसलिए क्योकि अशिक्षित लोग तो यही समजते हे की, बच्चा कमाना जितना जल्दी सीखेगा उतना ही अच्छा होगा उनके परिवार के लिए ।

इसीलिए साल 2006 में किए गए एक संशोधन के अनुसार, लगभग 76 मिलियन बच्चों ने अभी तक स्कूल देखा ही नहीं है ।

माता पिता के लालची होने के कारण भी कई बच्चे इस खतरनाक बीमारी का शिकार हो जाते है । क्योकि वो स्वयं तो कुछ नहीं करना चाहते इसलिए वो अपने बच्चो को बाल मजदूरी के लिए भेज देते है ।

bal mazduri rokne ke upay

हमारे देश में बड़ी संख्या मे अनाथ बच्चे है । इन अनाथ बच्चो को गुंडे-माफिया लोग पकड़कर भी भीख माँगने पर मजबूर कर देते हैं । एसे बच्चो की ज़िंदगी भी बर्बाद हो जाती है ।

कई बच्चों को बचपन मे ही अपने परिवार को संभालने की ज़िम्मेदारी आ जाती है । क्योकि उनकी ज़िंदगी मे कुछ एसी घटनाए होती है जिसकी वजह से घर मे कोई कमाने वाला नहीं रहता ।

इसीलिए एसे बच्चो को अपने परिवार की मजबूरियो के कारण कारखानों, होटलों ओर ढाबों में काम करने जाना पड़ता है ।

विश्व के सबसे ज्यादा आबादी वाले देशो मे भारत दूसरे पायदान पर है । ओर जहा लोग ज्यादा होंगे वहा लोगो का भरण-पोषण करना थोड़ा कठिन हो जाता है ।

जीवन ज़रूरियात वस्तुओ का मूल्य बढ़ जाता है । जिसके वजह से गरीब लोग अपना घर ठीक से नहीं चला पाते । ओर घर के सभी लोगो को मज़दूरी करने जाना पड़ता है जिसमे छोटे बच्चे भी शामिल होते है ।

भ्रष्टाचार भी बाल श्रम को बढ़ावा देता है । क्योकि बड़ी-बड़ी होटलों और कारखानों मे बिना कोई डर के काम पर रख लेते है । उनको पता हे की अगर पकडे भी गए तो पैसे देकर छूट जाएँगे ।

इसके अलावा हमारे जैसे विकासशील देशों में बेरोजगारी भी बहुत है । जिसके कारण लोगो के पास रोजगार ही नहीं है । ओर अंत मे वो अपने बच्चो को बाल मजदूरी के लिए भेज देते है ।

हमारी सरकारो द्वारा बाल मजदूरी के विरुद्ध इतने नियम बनाने के बावजूद भी क्यो बाल मजदूरी मे भारत टॉप मे है ? ये हमे अपने आपसे पूछने की जरूरत है ।

( क्या आपने सोचा की आपके सपनों मे हमारा देश कैसा होगा ? मैंने सोचा हे ओर इस पर निबंध भी लिखा, मेरे सपनों का भारत- जानने के लिए click here )

बाल मजदूरी के परिणाम क्या है ?

एक बच्चे का अधिकार हे की वो खिलौने से खेले, घर के सभी सदस्य उसे प्यार करे, अच्छी-से-अच्छी शिक्षा ले ओर पढ़ लिख कर ज़िंदगी मे सफल हो ।

परंतु जिन मासुम बच्चो को बाल मज़दूरी के दल-दल मे डाल दिया जाता है उन्हे यह कुछ भी नसीब नहीं होता । उल्टा उन्हे बौद्धिक, शारीरिक, मानसिक, और सामाजिक पीड़ा का सामना करना पड़ता है ।

कई जगहो पे इस बीमारी के इतने गंभीर परिणाम हे की, मज़दूरी करते-करते बच्चे कुपोषण के शिकार हो जाते हैं । ओर अंत मे इन फूल जैसे प्यारे बच्चो की मृत्यु हो जाती है ।

bal mazduri ke karan

कई जगहो पे बच्चे और बच्चियों का शारीरिक योन शोषण की घटनाए भी सामने आई है । अमेरिका मे हुए एक रिपोर्ट के मुताबिक बाल मज़दूरी मे फसे कुल बच्चों में से लगभग 40 प्रतिशत बच्चे शारीरिक शोषण के शिकार है ।

काम करते समय बच्चो से कई बार गलतिया हो जाती है । लेकिन कई मालिक उन्हे डाट देते हे जिसके कारण उन्हे मानसिक पीड़ा बहोत होती है । ओर एक बच्चे पर इसका बहोत गहरा असर पड़ता है ।

इसके अलावा कई बच्चे अच्छी शिक्षा ना ले पाने की वजह से देश के विकास में कोई सहयोग भी नहीं कर पाते ओर इसी वजह से देश का विकास बहोत धीमा पड़ जाता है ।

कई जगहो पे यह पाया गया की जहाँ पे मज़दूरी की जाती है, वहाँ पे ज़्यादातर लोग अभद्र भाषा का उपयोग करते हैं ।

इसके साथ-साथ उनका रहन-सहन भी खराब हो जाता है । एसी हालत मे समाज का विकास करना तो बहोत कठिन होता है ।

लगातार शारीरिक ओर मानसिक पीड़ा के कारण बच्चे ओर बच्चिया नशे का शिकार हो जाती है । इस के साथ-साथ कई खतरनाक आदतें जैसे ड्रग्स, शराब, ओर हिंसा भी बच्चे अपना लेते है ।

कई बच्चे बड़े-बड़े कारखाने में काम करते है । जहा वो थोड़े से पैसो के लिए अपनी जान को एक बड़े खतरे मे डाल देते है । या उन्हे एसी बीमारी हो जाती हे जिनसे वो पूरी ज़िंदगी परेशान रहते है ।

(अगर आप किसी को विदा कर रहे हो ओर आपके पास बोलने के लिए कोई शब्द नहीं, तो जरूर इस विदाई भाषण को पढ़िये – click here )

बाल मजदूरी रोकने के उपाय क्या है ?

हमने ये तो जान लिया किया की आखिर किस तरह से बाल मजदूरी एक बच्चे की ज़िंदगी को पूरी तरह से खराब कर देती है । लेकिन क्या इसका उपाय है ?

जी हा दोस्तो, इसका उपाय हे । अगर हम नीचे दिये उपाय को अपनाए तो बाल मजदूरी को रोक सकते है ।

हमने आगे भी जाना की बाल श्रम हमारे लिए एक अभिशाप है । अगर बाल श्रम हमारे समाज मे रहेगा तो हमारे समाज कभी भी अन्याय मुक्त नहीं बनेगे ।

इस गंभीर बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए हमे सबसे पहले अपनी सोच मे बदलाव लाना होगा । ओर इसे रोकने का प्रयास हमे अपने घर ओर ऑफिस से शुरू करना होगा ।

हमे अपने घर ओर ऑफिस मे किसी भी बच्चे को काम पर नहीं रखना चाहिए । इसके अलावा हमारी सरकार को भी इसे रोकने के लिए कड़े कानून बनाने चाहिए । ताकि अगर कोई भी बच्चो से मजदूरी करवाने से पहले तो 100 बार सोचे ।

bal mazduri ek abhishap

इसके अलावा हमे भी सरकार को पूरा सहयोग देना होगा । क्योकि ताली कभी भी एक हाथ से नहीं पड़ती ।

अगर हमारे सामने कोई एसा मामला आए तो हमे सबसे पहले पुलिस स्टेशन में जाकर खबर करनी चाहिए । एसे पत्थर दिल लोगो को हमे कड़ी-से-कड़ी सजा दिलवानी चाहिए ।

जो गरीब माता-पिता हे उनको भी अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए । क्योंकि वर्तमान मे सरकार भी मुफ्त मे शिक्षा, शिष्यवृति, खाना और दवाईयाँ जैसी चीजे दे रही है ।

अगर हम कारखानों और बड़ी-बड़ी फेक्टरियों के मालिको को समजा सके की, आप किसी भी 14 साल की कम उम्र वाले बच्चे को अपने यहा मज़दूरी ना करवाए ।

लेकिन फिर भी वो नहीं मान रहे तो हमे उस कंपनी या कारखाने की वस्तुओ का बहिष्कार करना चाहिए । अगर हम इसमे सफल रहे तो शायद हम 20 से 30 प्रतिशत बच्चो को इस बाल मजदूरी के चंगुल से बचा सकते है ।

इस के अलावा अगर हमें किसी बाल मजदूर का पता चले तो सबसे पहले हमे उस बच्चे के परिवार वालों से मिलना चाहिए ओर उनसे बात करके शिक्षा के महत्व को समजाना चाहिए ।

हमारे देश की शिक्षा प्रणाली में भी हमे सुधार लाना चाहिए । क्योकि आज भी ग्रामीण ओर बिछड़े हुए इलाकों मे गरीब बच्चे पढ़ नहीं सकते । शिक्षा की सुविधाए एसे बच्चो तक पहुचती ही नहीं है ।

बाल मजदूरी मे हो रहे भ्रष्टाचार को भी हमे रोकना होगा । क्योकि भ्रष्टाचार की वजह से थोड़े से पैसे देकर बाल मजदूरी करवाने वाले अपराधी बड़ी आसानी से छूट जाते हैं । या तो उन्हे गिरफ्तार ही नहीं किया जाता ।

हमारे आस-पास ओर हमारे समाज मे हमे कुछ एसे व्यक्तियों को ढूँढना हे जो कम-से-कम एक गरीब बच्चे की पढ़ाई का पूरा खर्च उठा सके । इस से भी कुछ हद तक बाल मजदूरी को रोका जा सकता है ।

एसा नहीं हे की सरकार ने बाल श्रम के खिलाफ इस से पहले कोई कदम नहीं उठाए । साल 1986 में ही भारत सरकार ने चाइल्ड लेबर एक्ट बनाया था ।

इस एक्ट के तहत ही बाल मजदूरी को एक अपराध माना गया ओर रोजगार पाने की कम से कम उम्र 14 वर्ष कर दी गयी ।

इसके साथ-साथ सरकार ने बाल मजदूरी के खिलाफ एक प्रोजेक्ट भी तैयार किया जिसका नाम नेशनल चाइल्ड लेबर प्रोजेक्ट रखा गया था । इस प्रोजेक्ट का मुख्य उदेश्य बाल मजदूरी को जड़ से खत्म करने का था ।

बाल श्रम के लिए 2017 मे सरकार ने एक बड़ा अच्छा फेसला लिया । जिसमे बाल श्रम की शिकायतों को हम ऑनलाइन दर्ज करवा सकते है ।

इसके लिए भारत सरकार ने PENCIL (प्लेटफॉर्म फॉर इफेक्टिव एनफोर्समेंट फॉर नो चाइल्ड लेबर) नामक एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है ।

जब आप इस पोर्टल मे ऑनलाइन शिकायत करते हो तब स्थानीक पुलिस उस बच्चे को बचाती है । ओर तब तक उस बच्चे पर नज़र रखती है जब तक उसका नाम किसी स्कूल मे दाखिल न हो जाए ।

लेकिन क्या ये प्रोजेक्ट सफल रहा ? हमे इस योजना ओर पोर्टल से कितना फाइदा मिला ? कितने बच्चो को हम बाल मजदूरी से बचा सके ? ये प्रश्न हमे सरकार से पूछने की जरूरत है ।

इस के अलावा हमे नए-नए एनजीओ ओर यूनियनों की स्थापना करनी चाहिए । इस से बड़ी मात्रा मे हम बाल मजदूरो को बचा सकते है ।

कई देशो को मिलकर बाल तस्करी को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने चाहिए । इस से आंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाल मजदूरी को रोका जा सकता है ।(child labour in hindi)

निष्कर्ष :

इतना सब कुछ जानने के बाद अब आपको पता तो चल गया होगा की, बाल मज़दूरी या बाल श्रम कितनी गंभीर समस्या है ।

इसे हम सबको मिलकर जल्द ही खत्म करनी होगी, नहीं तो हमारा देश को विकाशशील मे से अल्प-वीकशशील बनने मे देर नहीं लगेगी । पूरा भारत अंदर से खोखला हो जाएगा ।

अगर हमे विकसित भारत का निर्माण करना है तो इस गंभीर समस्या को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा ।

क्या आपके दिल को ठंडक नहीं होगी, जब आप किसी मासूम बच्चे के बचपन को बचाने के लिए कोशिश करेंगे ? क्या आपको नहीं लगता की यह सिर्फ सरकार का नहीं बल्के हमारा भी कार्य है ?

इसीलिए आप ज्यादा-से-ज्यादा लोगो को जागरूक करे ओर अधिक मात्रा मे बच्चो को बचाए । क्या पता आपके कार्य से किसी मासुम बच्चे की ज़िंदगी से हमेशा के लिए अंधेरा हट जाए ।

अब मे आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की आपको ये बाल मजदूरी पर निबंध (child labour in hindi essay) कैसा लगा ।  

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको सरल ओर साधारण भाषा मे बाल मजदूरी पर निबंध (child labour in hindi essay) को दे सके ।

लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email करे । आपको ओर भी किसी विषय पर निबंध चाहिए तो कॉमेंट मे जरूर बताए ।

ओर इस बाल मजदूरी पर निबंध (child labour in hindi essay) को अपनी ज़िम्मेदारी समज कर हर उस व्यक्ति तक पाहुचाए, जहा इन मासूम बच्चो पर आत्याचार हो रहा है । (please share)

Thanks for reading बाल मजदूरी पर निबंध (child labour in Hindi essay)

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