Children’s day in Hindi-2020 भारतीय बालदिन

children's day in hindi

आज हम Children’s day in Hindi के बारे मे विस्तृत मे जानेगे ।

मेरी आपसे बिनती हे की इस Children’s day in Hindi को पढ़ने से पहले नीचे दियी गयी माहिती पढ़ कर ही आगे बढ़े क्यूकी बाद मे नहीं चाहता की आपको कोई प्रोब्लेम हो ।

आप लोग इस लेख को

Essay on children’s day in Hindi, (बाल दिवस पर निबंध)

Speech on children’s day in Hindi, (bal divas par bhashan)

Article on children’s day in Hindi  इन सभी के लिए उपयोग कर सकते हे ।

लेकिन आपके मनमे प्रश्न होता होगा की आखिर इन सब के लिए एक ही लेख कैसे काफी हे ?

तो मे आपको बता देना चाहता हु की हमने इसको अच्छी तरह जांच कर लिखा हे ताकि आपको निबंध , स्पीच , लेख ओर प्रोजेक्ट इन सभी के लिए अलग-अलग ढुढ्ना ओर कही ओर जाना न पड़े ।

बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करवाना , उन्हें सही शिक्षा, पोषण, संस्कार मिले इस बात का ध्यान रखाना ये हमारा कर्तव्य हे ।

लेकिन हमारे देश में आज भी बाल शोषण और बाल मज़दूरियों का दर बढ़ता ही जा रहा हे आखिर क्यू ?  ओर इसीलिए बाल दिवस हमारे लिए ओर भी महत्व का हे ।

तो चलिये शुरू करते हे ।

 Children’s day in Hindi– बाल दिवस

Introduction:

बच्चे देश का भविष्य हैं । उन्हें प्यार और लगाव के साथ पालना चाहिए ओर उनके साथ अच्छे से बर्ताव करना चाहिये ।

क्यूकी बच्चों बड़े होके हमारे देश के नागरिक बनने वाले हे ओर अगर भविष्य के नागरिक को आज ही से अगर देश प्रेमी ओर अच्छे व्यक्ति के गुण सिखाये जाए तो हमारे देश का विकास गति से हो सकता हे ।

किसी ने क्या खूब लिखा हे की ,

 “ निव जितनी पक्की होगी इमारत उतनी ही कठिन ओर मजबूत होगी । “

children's day india in hindi

इसी लिए हर साल 14 नवंबर को पूरे भारत भर में बाल दिवस मनाया जाता है ।

साल 1889 में 14 नवंबर को यानि आज ही के दिन हमारे पहले प्रधानमंत्री नेहरुजी का जन्म हुआ था । भारत मे उनहि की याद मे बाल दिवस मनाया जाता हे ।

उन्हें ‘चाचा नेहरू’ भी कहा जाता था क्यूकी वो बच्चो को बहुत प्यार करते थे । इसी वजह से जब वे प्रधानमंत्री बने तो उनकी पहली प्राथमिकता बच्चों की शिक्षा ही थी ।

उसके बाद युवाओं के विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए उन्होने कई प्रयास किए । जिनमे उन्होंने विभिन्न शैक्षिक संस्थानों जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भारतीय प्रबंधन संस्थान की स्थापना की और देश को आधुनिक बनाने में हमारे नेहरुजी ने अहम भूमिका निभाई ।

नेहरुजी का मानना था की , किसी भी देश का भविष्य उनके बच्चे ही होते हे । ओर आप एक बार विकसित देशो को विश्लेषण करे तो आपको पता चलेगा की वहा उनकी भावी पेढ़ी पर कितना ध्यान दिया जाता हे ।

ज़िंदगी मे एक बात याद रखना की , बच्चे गीले सीमेंट की तरह होते हैं जो भी उन पर गिरता है वह एक छाप बन जाता हे

Children’s day history:

बाल दिवस का इतिहास :

बाल दीवस की शुरुआत साल 1925 मे की गई थी ओर वही से उसकी निव रखी गई थी ।

हमारे लिए ये गर्व की बात हे की , विश्व स्तर पर बाल दिवस मनाये जाने का प्रस्ताव श्री वी कृष्णन मेनन द्वारा दिया गया था, जिसके बाद सबसे पहली बार बाल दिवस अक्टूबर में मनाया गया था ।

सभी देशों में इसे मनाये जाने एवम स्वीकृति मिलने के बाद संयुक्त राष्ट्र सभा द्वारा 20 नवंबर को बाल दिवस की घोषणा की गई ।

उस वक्त भारत देश मे बाल दिवस 20 नवंबर को मनाया जाता था । भारत ने अपना पहला Children’s Day साल 1959 में मनाया था ।

bal diwas in hindi

वर्ष 1964 में हमारे सबके प्यारे ओर प्रखर स्वतंत्रता सेनानी ओर प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु की म्रत्यु हुई ।

उसके बाद से बाल दिवस को 20 नवंबर से बदलकर उनके जन्मदिन यानी 14 नवंबर के दिन मनाने का फेसला भारत ने किया ।

अब आपके मनमे प्रश्न होता होगा की नेहरुजी के जन्म दिन पर ही क्यू ?

ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि वह चाचा नेहरू को बच्चे बहोत प्यारे लगते थे ओर वो बच्चो मे बहुत लोकप्रिय भी  थे ।

इसीलिए भारत के पहले प्रधान मंत्री को विदाई देने के लिए संसद में एक प्रस्ताव पारित किया गया ओर उसके बाद से पूरा भारत 14 नवम्बर को बाल दिन मनाने लगा ।

परन्तु आज भी कई देशो मे बाल दिवस अलग-अलग दिन मनाया जाता है जैसे कि ,

अमेरिका में जून के दूसरे रविवार को, चीन में 4 अप्रैल को , पाकिस्तान में 1 जुलाई को , जापान में 5 मई को , ब्रिटेन में 30 अगस्त को , पश्चिमी जर्मनी में 20 सितंबर को , पाकिस्तान में 1 जुलाई को , ओर कई देशो मे 1 जून को बाल दिवस मनाया जाता हे ।

 

Why is Children’s Day celebrated?

बाल दिवस क्यों मनाया जाता है?

बच्चों के बीच “चाचा नेहरू” के नाम से मशहूर नेहरूजी का मानना था की , बच्चे एक राष्ट्र की वास्तविक ताकत और समाज की नींव हे ।

बाल दिवस मनाने के पीछे एक मुख्य कारण हम यह भी मान सकते है कि , लोगों को बच्चों के अधिकारों तथा अच्छे पालन-पोषण के विषय में जागरुक किया जा सके।

bal diwas par nibandh

क्योंकि हमने आगे उदाहरण से जाना था की विकसित ओर विकाशशील देशो के बीच एक बड़ा अंतर बच्चो की हो राही परवरिश हे ओर वो ही देश के असली भविष्य हैं।

इसलिये देश मे बसे हर व्यक्ति को अपने बच्चों के प्रति जिम्मेदारी को समझना चाहिये , जिससे की बाल दिवस का वास्तविक अर्थ सार्थक हो सके ।

(आप पर्वतारोहण के सोखिन हे तो इसके खतरनाक तथ्यो के बारे मे जानना न भूले-Click here ।)

How is Children’s Day celebrated in India?

भारत में बाल दिवस कैसे मनाया जाता है?

वैसे देखा जाय बल दिवस को देश में हर जगह ढेर सारी क्रिया-कलापों के साथ मनाया जाता है ।

स्कूल मे नैतिक, शारीरिक और मानसिक जैसे हर पहलू में ओर स्वास्थ्य से संबंधित कई सारी प्रतियोगिताएँ रखी जाती हे ।

इस दिन स्कूलोमे बच्चों को नये कपड़े , अच्छा भोजन और किताबें दी जाती है । इसके अलावा बच्चों को उनके अधिकारों तथा अपेक्षाओं के प्रति जागरुक किया जाता है ।

bal diwas par bhashan

कई स्कूलों ओर संस्थानों में तो बाल मेले भी लगाए जाते हे , ओर वही उनके बीच प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं ताकि बच्चों की क्षमता और प्रतिभा को और बढ़ावा मिले।

इस दिन पंडित जवाहर लाल नेहरू की समाधि स्थल ” शांतिवन ” पर जाकर भारत के प्रधानमंत्री एवं रास्ट्रपति और बच्चे उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं |

बाल दिवस के दिन भारत मे बच्चों के भविष्य को लेकर नई योजनाओं पर विचार किया जाता है ओर निर्माण भी किया जाता है ।

हमारे देश के प्रत्येक छोटे बड़े शहर में बाल दिवस को उत्साह से मनाया जाता है।

World day children’s day program :

विश्व स्तर पर बाल दिवस का कार्यक्रम :

बाल दिवस पूरे विश्व में भले ही अलग-अलग दिन को मानाया जाता हो लेकिन हर जगह इसका मकसद एक ही होता है , यानी बच्चों के अधिकारों के रक्षा करना और  उन्हें बुनायदी सुविधाएं मुहैया करवाना ।

विश्व में पहली बार बाल दिवस का कार्यक्रम जून 1857 में अमेरिका मे आयोजित किया गया था । वहा के एक पादरी डॉ. चार्ल्सलेनर्ड ने इसको पूरा आयोजित किया था ।

bal diwas speech in hindi

बाल दिवस को पहले अमेरिका मे फ्लावर संडे का नाम दिया गया था । बाद में इसके नाम को बदलकर चिलड्रेन्स डे कर दिया गया ।

इसी तरह विश्व के विभिन्न देशों ने भी इसे अपनाया ओर अपनी महत्ता और मान्यताओं के अनुसार इसे अलग-अलग दिन को मनाना शुरू किया ।

हर देश मे इस दिन बड़ी उमंग ओर उत्साह होता हे ओर वो बडे मज़े से इसको मनाते हे ।

( क्या मानसिक बीमारी का कारण तनाव हो सकता हे जानने के लिए – click here )

Why is Children’s Day necessary?

बाल दिवस क्यों आवश्यक है?

आप सभी के मनमे ये प्रश्न तो एक बार जरूर होता होगा की आखिर बाल दिवस आवश्यक क्यो हे ?

आपने भी ये देखा होगा की जैसा घर का महोल होता हे वैसा ही वो घर मे पल रहे बच्चे का दिल होता हे । क्यूकी बच्चो का मन निर्मल और कोमल होता है और उनके सामने की हुयी हर छोटी बात या हरकत उनके दिमाग पर गहरा असर डालती है ।

वही बच्चे हमारे भविष्य मे हमारे देश के होने वाले नागरिक हे । तब उनके ही हाथ मे हमारे देश की कमान होगी की उनको देश को विकाशसील मे से विकसित करना हे या विकाशसील मे से अल्प-विकाशसील की ओर ले जाना हे ।

इसीलिए उनका आज देश के आने वाले भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है । इसके साथ ही बच्चों की मानसिक और शारीरिक ये दोनों स्वास्थ्य का ख्याल रखना भी जरूरी है ।

बच्चों को सहीमात्रा मे पोषण , शिक्षण , ओर  संस्कार मिले इसका भी हमे ख्याल रखना चाहिए क्यूकी वो भी हमारे देश के हित के लिए काफी जरुरी है ।

children's day history in hindi

अगर बच्चे ही देश के भविष्य की दिशा का निर्धारण कर सकते हैं तो हमे क्यू बच्चो पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए ओर क्यू हमे बाल दिवस को नहीं मनाना चाहिए ।

जिससे हमारे लोग जागरूक हो ओर अपने देश के हित के लिए बच्चो पर विशेस ध्यान दे । इसीलिए हम बाल दिवस को जितना भी महत्व दे कम हे ।

बाल दिवस मनाने का एक कारण ये भी हे की , हमारे देश मे अनेक कानून बने होने के बावजूद बाल श्रमिकों की संख्‍या दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही हे ।

तो हमारा एक प्रयास ये भी रहेगा की हम इस दिन लोगो के अंदर जागरूकता लाये ओर इन बच्चों को बचा   पाये ।

ताकि कल कोई व्यक्ति बाजार मे किसी बच्चे को मजदूरी करते देखता हे तो कम-से-कम Police को कहे या उसको बचाने का प्रयास तो करे ।

इसीलिए बाल दीवस आवश्यक हे ओर इस लेख को share करना भी ।

Importance of Children’s Day :

बाल दिवस का महत्व :

आपको ये तो पता चला की हमे बाल दिवस को मनाना आवशयक हे , लेकिन कुछ लोगो के मनमे आता होगा की हमे बाल दिवस को इतने उत्साह या बड़े स्तर पर मनाने की क्या जरुरत है परन्तु इस बात का अपना ही महत्व है ।

bal diwas kab manaya jata hai

ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि बच्चों को देश का भविष्य तो माना जाता है लेकिन उनको बचपन से ही उनके अधिकार और कर्तव्यों के बारे में पता होगा तो वह अपने खिलाफ होने वाले अत्याचारों और शोषण के विरुद्ध आवाज उठा सकेंगे ।

इसके साथ ही यदि उनको अपने अधिकारो के बारे मे ज्ञान होगा तो उनके अंदर अच्छाई ओर बुराई की समज होगी ।

एक बात ज़िंदगी मे याद रखना की , जैसा आज का बचपन होगा , वैसी ही कल आपकी जवानी । आप कितनी भी बड़ी इमारत खड़ी करलों लेकिन वो कितनी मजबूत रहेगी उसका फेसला निव की ईट करेगी ।

निष्कर्ष :

बाल दिवस साल में एक ही बार आता है लेकिन वो हर साल अपनि अलग ही छाप छोड़ जाता है। हर साल एसा  लगता है , मानो पहली बार मनाया जा रहा है ।

लेकिन क्या हम बाल दिवस को मनाने पर भी बच्चो की हालत मे सुधार ला पाए हे ये हमे अपने आपसे ही पूछना चाहिए ।

क्यूकी आज भी हमारे देश में बच्चों को कड़ा श्रम करना पड़ता हे वो भी कम आय पर आखिर क्यू ? उन्हें आधुनिक शिक्षा का लाभ नहीं मिल पाती आखिर क्यू ? ओर खास कर हमारी बच्चियो को समाज के कड़े नियमो के नीचे दबना पड़ता हे आखिर क्यू ?

भारतीय बालदिन

भारत में आज भी कई जगह एसी हे जहा बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड किया जा रहा है | छोटी सी उम्र में उनको मजदूरी करवाई जाती है उन्हे बड़ी-बड़ी फेक्टरी ओर कारखानो में बहोत काम करवाया जाता है |

जब हम ऐसे बच्चे देखते है तो लगता है की भारत का भविष्य खतरे में हे ओर भारत के विकास में बहुत बड़ी रुकावट आने वाली है ।

मे चाहता हु की अगर आपने इस लेख यानि Children’s day in Hindi को पूरा पढ़ा हे तो अब आपकी ज़िम्मेदारी हे की एसे बच्चो से या तो काम ना करवाए ओर कही उनको एसा काम करते देखे तो उनको बचाने की पूरी कोशिस करे ।

अब मे आपसे आखिर मे पूछना चाहता हु की अगर लगता हे की आपके आस-पास अगर कोई बच्चा मजदूरी कर रहा हे तो उसको बचाने का प्रयास करेगे या नहीं ,  इसका जवाब मुजे yes or no मे comment मे जरूर दे ।

इसको share करना ना भूले , क्यूकी आपकी मदद से हम हर उस बच्चे तक पहुँच सकते हे जिसके साथ गलत हो रहा हे या वो गलत कामो मे फसा हुआ हे ।

Thank you all my readers.

इसके बारे मे ज्यादा जानकारी के लिए यहा click करे ।

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