प्रकृति पर निबंध- Essay about nature in Hindi

दोस्तो, आज हम प्रकृति पर निबंध (Essay about nature in Hindi) को विस्तृत मे जानेगे ।

यह निबंध आपको स्कूल के हर क्लास ओर कॉलेज मे काम आने वाला है ।

हम इस निबंध मे प्रकृति का महत्व, उसके फायदे ओर नुकसान के बारे मे जानेंगे । ओर आज के इस आधुनिक युग मे मानवी कितने बड़े पैमाने प्रकृति का विनाश कर रहा हे उसको भी जानेंगे । 

हम पर भरोसा करें, प्रकृति पर निबंध (Essay about nature in Hindi) को पढ़ने के बाद शायद ही आपके मनमे इसके बारे मे कोई संदेह रहेगा ।

तो चलिए शुरू करते है।

 

Information about nature in Hindi- प्रकृति पर निबंध

 

प्रस्तावना :

अगर हम प्रकृति को एक वाक्य मे समजे तो, हमारे नज़दीक ओर हमारे आस-पास जितनी भी चिजे हे वो सब प्रकृति है ।

एक मनुष्य को अपने जीवन के लिए जितनी भी चिजे आवश्यक हे वो सभी चिजे प्रकृति देती है ।

उदाहरण से समजे तो, एक मानवी अपनी भूख मिटाने के लिए खाद्य सामग्री का उपयोग करता है, अपनी प्यास बुजाने के लिए पानी पिता है ओर सांस लेने के लिए ऑक्सीजन वायु का उपयोग करता है ये सभी प्रकृति के ही अंग है ।

इस के अलावा भी प्रकृति ने हम इन्सानो को इतना दिया हे जितना हम सोच भी नहीं सकते ।

अगर इस पृथ्वी पर प्रकृति न हो, तो जीवन मुश्किल हो जाएगा ओर हमारी पृथ्वी भी ब्रह्माण्ड के बाकी ग्रहो जैसी बन जाएगी ।

इसीलिए जब कोई चीज़ हमे इतना कुछ दे तो हमारा भी कर्तव्य बनता है कि हम उसको महत्व दे ओर उसका सम्मान करें ।

लेकिन क्या आज हम प्रकृति को महत्व दे रहे है ? ओर क्या हम प्रकृति को सम्मान दे रहे है ? ये प्रश्न हमे अपने आप से पूछने की जरूरत है ।

प्रकृति है क्या ?

हमने ऊपर प्रकृति की साधारण सी व्याख्या को जाना, लेकिन अब हम विस्तृत मे जानेंगे ओर समजेगे की क्या है प्रकृति ?

पृथ्वी पर प्रकृति का कोई एक रूप नहीं है, वो कई भागो मे विभाजित है । लेकिन इन सब भागो मे विभाजित प्रकृति का निर्माण सिर्फ तीन घटकों से ही हुआ है ।

वो तीन घटक जल, वायु ओर अग्नि है । बल्के हमारे आस-पास दिख रही जीवसृष्टि, ब्रह्मांड, ग्रह, आकाशगंगा, तारे आदि भी इन घटकों से मिलकर ही बनी है ।

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इस के अलावा बड़े-बड़े जंगलो से लेकर गरम ओर रेतीला रेगिस्तानो तक, उछलते हुए समुद्र और नदिया के पानी से लेकर विशाल और लंबी पर्वत की श्रेणियों तक ओर रंगीन फूलो वाले बगीचो से लेकर असंख्य धरती के धुर्वो का मुख्य तोर पर समावेश प्रकृति मे होता है ।

इस के अलावा हमारे आस-पास के वातावरण, मनुस्य, आसमान, अन्न, पशु-पक्षी आदि को भी हम प्रकृति मे शामिल कर सकते है ।

ये सभी चिज़े एक मनुष्य के लिए भगवान के दिये हुए एक वरदान समान है । क्योकि प्रकृति से हमारा मन प्रफुल्लित हो जाता है । दिल को एक तरह की तसल्ली ओर सुकून मिलता है । 

परंतु जब मनुष्य का मन लालची बनता हे तो वो कोई-ना-कोई खराब काम जरूर करता है । इसीलिए इस आधुनिक मानवी ने अपने फायदे के लिए प्रकृति को भी नुकसान पहोचाना शुरू कर दिया है ।

लेकिन याद रखना की, अगर प्रकृति में असंतुलन पैदा होगा तो प्रकृति अपना विकराल रूप जरूर ले लेगी । भूकंप, सुनामी, बवंडर ओर कई प्रकार की प्राकृतिक आफते हम पर आएगी । ओर यही वरदान हमारे लिए अभिशाप बन जाएगा ।

इसीलिए हमे आज से ही प्रकृति के पारिस्थितिक संतुलन को नुकसान पाहोचाना बंद करना होगा ।

प्रकृति का सौंदर्य :

हम सभी को एक बार शांति से बेठ कर सोचना चाहिए की, आखिर प्रकृति का निर्माण किसने किया होगा ? उसका निर्माण इतना सुंदर कैसे हुआ होगा ? आकाश का रंग नीला ही क्यों है ?

आकाश मे इतने सारे तारे क्यों हैं ? तारे टिमटिमाते क्यो है ? सूर्य, उदय और अस्त के समय नारंगी रंग का क्यों हो जाता है ?

यह प्रश्नो का जवाब मिलना थोड़ा कठिन है, लेकिन यह सभी चिज़े प्रकृति को सुंदर स्वरूप देती है । ऊपर वाले ने अगर इस दुनिया को सबसे बड़ा उपहार दिया हे तो वो प्रकृति है ।

हमारे जीवन की अत्यंत उपयोगी ओर मूल्यवान चीजें प्रकृति ने हमें प्रदान की है । वो न सिर्फ दिखाई देती है बल्के श्रव्य भी है ।

हर सुबह हमे प्रकृति का एक सुंदर रूप देखने को मिलता है । जैसे हर सुबह घर के आस-पास पेड़-पौधे पर पानी की छोटी-छोटी बूंदें दिखाई देती है । इस के अलावा समुद्र मे सांज के समय सूर्यास्त का नज़ारा मनमोहक होता है ।

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चमकिले सितारें, नीला आकाश ओर वर्षा ऋतु के रंगीले इंद्रधनुष को भी हम कैसे भूल सकतें है । पहाड़ों पर चढ़ने का आनंद भी अनेरा है । ओर झरने से गिरते हुए पानी की सुंदरता को हम कहा भूल सकते है ।

गंगा, यमुना, सरस्वती आदि नदिया भारत का यशगान पूरे विश्व मे करती है । आकाश में उड रहे पक्षी भी कलरव करके देश का गुणगान सुनाते हैं ।

दक्षिण भारत के नारियली पेड, उतर भारत की झीले ओर स्वर्ग जैसे बगीचे, मध्य भारत के फलदायी वृक्ष आदि देश के सौंदर्य को और उन्नति देते है ।

इस के अलावा छे-छे ऋतुए हमारे देश के सौंदर्य को और बढाती है । जिसमे वर्षा, हेमंत, शिशिर, वसंत, ग्रीष्म और शरद ऋतुए शामिल है । भारत विश्व का पहला एसा देश है, जहाँ ऋतुओं में इतनी ज्यादा विभिन्नता है ।

जैसे गरमी मे फलों का आनंद, वर्षा मे धरती पर स्वर्ग जैसी हरियाली ओर शरद मे संध्याकाल का मज़ा । इस तरह भारत की भूमि स्वर्ग से भी सुंदर बन जाती है ।

इसीलिए एक बीमार मनुष्य को भी प्रकृति की गोद मे आने से साहस और आत्मविश्वास मिलता है । उसके अंदर एक नई ऊर्जा और जज्बा पेदा होता है ।

प्रकृति द्वारा इतना कुछ देने के बाद भी आज का आधुनिक व्यक्ति प्रकृति को  बहुत नुकसान पहोचा रहा है ।

वह सांसारिक सुख पाने मे इतना व्यस्त हो गया की, ना उसे पशु-पक्षियों के सुनहरे आवाज़ सुनाई दे रहे है, ओर ना उसे वर्षा ऋतु का इंद्रधनुष देखने का समय है ।

वो अब सिर्फ धन को ही सुनता है ओर धन को ही देखता है । ओर प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेने के लिए आपके पास एक शुद्ध हृदय होना बेहद जरूरी है । वर्तमान मे हमे एसे लोगो की बहुत जरूरत है ।

बल्के दुनिया के हर व्यक्ति को प्रकृति के महत्व को समजना चाहिए । क्योकि प्रकृति हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है ।

लेकिन वर्तमान मे मनुष्य टेलीविजन, मोबाइल और इंटरनेट चलाकर अपना अधिकतर समय बिताते हैं ।

ओर ये सब चीज़ों को चलाने के लिए आपको घर से बाहर निकाल ने की जरूरत नहीं है । इसीलिए ज्यादातर लोग अपना समय घर के अंदर ही बिताते हैं ।

एक रिसर्च के मुताबिक पता चला हे की ज़्यादातर घर मे रहने से तनाव बढ़ता है । जिसके कारण ही तो आज लोगो मे मानसिक तनाव जैसी बीमारिया बढ़ रही है ।

आपको काम ओर मनोरंजन (TV, mobile) के साथ-साथ थोड़े दिन प्रकृति के साथ भी बिताकर आनंद लेना चाहिए । क्योकि प्रकृति वो शक्ति हे जिसने मनुष्य को बहुत कुछ दिया है ।

प्रकृति शरीर की कई बीमारियों दूर कर देती है । जैसे पेड़-पौधो की हरियाली से मानसिक तनाव(stress) कम होता है । और मानसिक तनाव कम होगा तो दिमाग को भी शांति मिलेगी ।

प्रकृति का महत्व क्या है ?

प्रकृति हमारे लिए बहोत महत्व रखती है । बिना प्रकृति के हम इस दुनिया की कल्पना नहीं कर सकते । क्योकि पृथ्वी का हर पहलू प्रकृति पर निर्भर करता है ।

भगवान ने ज़मीन, आकाश, पहाड़, नदिया, समुद्र, पेड़-पौधे, फल-फूल, पशु-पक्षि, आदि जैसी कई चीजो का निर्माण मानवी के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया है । ये सभी चिज़े मिलकर प्रकृति बनती है ।

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इस तरह प्रकृति ने हमे बहुत कुछ दिया हे लेकिन फिर भी मानवी प्रकृति को बर्बाद करने मे क्यो लगा है ?

उसने अपने लाभ के लिए ग्रीन हाउस प्रभाव, पर्यावरण प्रदूषण ओर ग्लोबल वार्मिंग जैसे कई विनाशकारी कारणो को अपनाया है ।

आज दुनिया का हर देश आगे बढ़ना चाहता है । इसीलिए वो कोई-ना-कोई आविष्कार जरूर करता है । किन्तु इन अविष्कारों की वजह से प्रकृति पर बहोत खराब असर पड़ता है ।

ओर अगर एसा ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब इस पृथ्वी पर मनुष्य का अस्तित्व ही खतम हो जाएगा ।

आए दिन आप समाचार मे देखते भी होंगे की दुनिया मे भूकंप ओर सुनामी हर दो-तीन दिन मे आती रहती है । इस का कारण हम मनुष्य ही है । इसलिए हर देश को कुछ भी आविष्कार करने से पहले प्रकृति के बारे मे सोचना चाहिए ।

इस के अलावा हमें ज्यादा-से-ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए, पर्यावरण को स्वच्छ रखने की कोशिश करनी चाहिए ओर कम-से-कम प्रदूषण फैलाना चाहिए । ओर इन के बारे मे हमे लोगो को जागरूक करने की कोशिश भी करनी चाहिए ।

हमे जीव-जंतु ओर पशु-पक्षी को भी सुरक्षित रखने का प्रयास करना चाहिए । क्योकि प्रकृति पर जितना एक मनुष्य का हक हे उतना ही एक हक इन जीव-जन्तु ओर पशु-पक्षी का भी है ।

इस के अलावा प्रकृति हमे खुशीया तो देती ही हे उसके साथ-साथ शिक्षा भी देती है । जैसे की, फलों के जुके हुए पेड़ो से हम यह सीख सकते है की, हमें अपनी ज़िंदगी मे विनम्र कैसे रहना है ?

पहाडो से हम यह सीख सकते है की, वीपरीत परिस्थितियों में भी हमे किस तरह खड़े रहना हैं ? फूल से हमे मुस्कुराना सीखना हैं । लेकिन फिर भी क्यो हम इसको नुकसान पाहुचा रहे है ?

पूरे ब्रह्मांड मे सिर्फ पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है जहा जीवन शक्य है । हमे इसे संरक्षित करने पर जरूर विचार करना चाहिए । (Essay about nature in Hindi)

प्रकृति का संरक्षण कैसे करे ?

हमने ऊपर भी जाना की मनुष्य दिन-प्रतिदिन लालची बनता जा रहा है । वर्तमान मे मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए दुनिया की किसी भी चीज़ को हानि पहुँचा सकता है ।

जैसे हर-रोज़ पेड़ो को काटना, पानी को दूषित करना, हवा को प्रदूषित करना आदि प्रकृति को बड़े पैमाने पर नुकसान कर रहे है । लेकिन यह लोग एक बात भूल रहे है कि, प्रकृति इस दुनिया की सबसे बहुमूल्य चीज़ है ।

लेकिन याद रखना की आज मनुष्य प्रकृति में जितना कचरा भर रह है, कल वही कचरा बाढ़, भूकंप ओर भवंडर के रूप मे निकलेगा । ओर बड़ी मात्रा मे मानवो का नुकसान करेगा ।

प्रकृति हम पर भारी पड़े इस से पहले हमे प्रकृति के महत्व को समझना होगा ओर उसका संरक्षण करना होगा ।

इस के लिए हमे पेड़ो की अंधाधुंध कटाई को रोक कर ज्यादा-से-ज्यादा पेड़ लगाने होंगे । क्योकि हरे-भरे पेड़-पौधो की जगह आज बड़ी-बड़ी इमारते और राक्षसी फैक्टरियां बन गयी है ।

अगर हम पेड़ो की कटाई को रोकने मे सफल रहे तो, इस से भूमि ओर वायु दोनों सुरक्षित रहेंगे ।

इस के अलावा जितनी भी चीजे प्रकृति के लिए हानिकारक हे, ऐसी चीजों का उपयोग हमे कम करना होगा । क्योंकि जो चीज उसके लिए खतरनाक है वो हमारे लिए कभी फायदाकरक नहीं हो सकती है ।

हमे पानी को स्वच्छ रखने के लिए भी सही कदम उठाने होंगे । हमारे आसपास की प्रकृति को भी स्वच्छ रखने की हमे कोशिश करनी चाहिए ।

हमे ज्यादा-से-ज्यादा लोगो को जागरूक करना होगा । प्रकृति का महत्व हमे हर उस व्यक्ति तक पाहुचाना होगा जो प्रकृति का नुकसान कर रहा है । तभी हम प्रकृति को विनाश से बचा सकेंगे । (Essay about nature in Hindi)

निष्कर्ष :

इतना सबकुछ जानने के बाद अब आपको पता चल गया होगा की प्रकृति के बिना इस दुनिया मे जीवन असंभव है ।

इस के अलावा हमे प्रकृति को समजना चाहिए ओर उसके साथ समय बिताना चाहिए । क्योकि प्रकृति से जुड़ा हुआ व्यक्ति शांत ओर कोमल होता है ।

लेकिन वर्तमान मे इस आधुनिक युग को देखते हुए हमे प्रकृति को स्वच्छ ओर स्वस्थ रखने का प्रयास करना चाहिए । अगर प्रकृति ने अपना असली रूप दिखाना शुरू किया तो कई लोग अपने आने वाली पेढ़ियो को देख नहीं पाएंगे ।

इसीलिए हमे आज से ही प्रकृति के संतुलन बनाए रखना है । ताकि हमारी आने वाली पेढ़िया भी इसका अच्छे से लाभ उठा सकें ।

अब मे आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की आपको ये प्रकृति पर निबंध (Essay about nature in Hindi) कैसा लगा ।

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको सरल ओर साधारण भाषा मे प्रकृति पर निबंध (Essay about nature in Hindi) को दे सके ।

लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email जरूर करे । आपको और भी किसी विषय पर निबंध चाहिए तो कॉमेंट मे जरूर बताए ।

अगर आप भी प्रकृति से प्यार करते है ओर प्रकृति को बचा कर अपने आने वाले कल को अच्छा बनाना चाहते हे तो ये लेख प्रकृति पर निबंध (Essay about nature in Hindi) को एक बार जरूर शेर करे । (please share)

Thanks for reading प्रकृति पर निबंध (Essay about nature in Hindi)

 

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