ग्लोबल वार्मिंग पर निबंघ (बड़े खतरनाक रहस्यो के साथ)

आज हम global warming essay in hindi को विस्तृत मे जानेगे ।

मेरी आप सभी से एक बिनती हे की आप इस global warming essay in hindi को पढ़ने से पहले नीचे दियी गयी माहिती पढ़ कर ही आगे बढ़े क्यूकी बाद मे हम नहीं चाहते की आपको कोई प्रोब्लेम हो ।

आप लोग इस लेख को नीचे दिये गए सारे टोपिक्स के लिए उपयोग कर सकते हो ।

global warming in hindi essay

ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध

causes of global warming in hindi

ग्लोबल वार्मिंग के कारण

global warming se bachne ke upay par nibandh

global warming in hindi project

लेकिन आपके मनमे प्रश्न होता होगा की आखिर इन सब के लिए एक ही लेख कैसे काफी हे ?

तो मे आपको बता देना चाहता हु की हमने इसको अच्छी तरह जांच सारे टोपिक्स को ध्यान मे रख कर लिखा हे ताकि आपको निबंध, स्पीच, लेख ओर प्रोजेक्ट इन सभी के लिए कही ओर जाना न पड़े ।

तो चलिये शुरू करते हे ।

Introduction :

ग्लोबल वार्मिंग एक ऐसा शब्द है जिसको अधिकांश लोग जानते ही नहीं है । ओर जो भी लोग इस शब्द से परिचित हे उनको ग्लोबल वार्मिंग का स्पष्ट अर्थ नहीं पता ।

इसीलिए पहले हम ग्लोबल वार्मिंग के बारे मे जानेगे । साधारण भाषा मे समजे के ग्लोबल वार्मिंग का अर्थ क्या है तो जिसजी वजह से पृथ्वी लगातार गर्म हो रही हो उसे ग्लोबल वार्मिंग कहते है ।

global warming kya hai

विभिन्न गतिविधियां के कारण पृथ्वी के तापमान मे जब बढ़ोतरी हो तो उसे ग्लोबल वार्मिंग कहते है ।

विश्व के प्रमुख वैज्ञानिकों के अनुसार अगर इसको रोका नहीं गया तो आने वाले कुछ सालो दुनिया मे बाढ़ की घटनाएँ बढ़ेगी ओर मौसम का मिज़ाज बदल जाएगा है ।

यह धरती के लिए तो हानिकारक हे ही इसके साथ-साथ इंसानों के लिए भी ये बेहद खतरनाक है ।

इसको नियंत्रित करना विश्व के हर विकसित से लेकर विकाशसील देश के लिए चुनौतीपूर्ण है । लेकिन याद रखना इस दुनिया मे कोई भी चीज़ नामुमकिन नहीं है ।

चाहे कोई भी समस्या हो उसे हल किया जा सकता है ओर किसी भी समस्या को हल करने के लिए हमे सबसे पहले इसके कारणो को जानना होगा । उसके बाद परिणाम जान कर हम कोई भी समस्या को हल कर सकते है ।

हम इस global warming essay in hindi लेख मे आगे सब कुछ जानेगे । इसीलिए last तक पढ़ते रहे क्योकि आगे एसे interesting तथ्य बताये गये है जिसे जन कर आप हेरान हो जाएगे ।

ग्लोबल वार्मिंग क्या है?

हमने ऊपर उसकी व्याख्या तो जन ली की क्या है ग्लोबल वार्मिंग ? लेकिन अब उसको पूरा विस्तृत मे जानते है की आखिर ग्लोबल वार्मिंग की वजह क्या है ?

सूर्य की कई किरणें वायुमंडल से होती हुईं पृथ्वी की सतह से टकराकर फिर परावर्तित होती है ओर लौट जाती हैं ।

हम सब को पता हे की पृथ्वी का वायुमंडल कई वायु से मिलकर बना है । इस मे कुछ ग्रीनहाउस वायु भी शामिल हैं जैसे कार्बन डायआक्साइड, नाइट्रोजन आक्साइड, मिथेन आदि जो धरती के ऊपर एक आवरण बना लेती हैं ।

यह आवरण परावर्तित होकर लौटती किरणों के एक भाग को रोक देता है और वही बची हुई किरणे पृथ्वी के वातावरण को गर्म बनामे मदद करती है ।

लेकिन जब ग्रीनहाउस गैस बढ़ने लगता है तब यह आवरण और भी मोटा हो जाता है । मोटा होने की  वजह से आवरण सूर्य की ज्यादा किरणों को रोकने लगता है और यहीं से शुरू होता है ग्लोबल वार्मिंग ।

global warming se bachne ke upay

ये विश्व की कितनी बड़ी समस्या है उसका अंदाजा एक सामान्य आदमी नहीं समझ पाता । लोग इसे एक वैज्ञानिक भाषा का शब्द समजकर भूल जाते है । इसीलिए तो लोगों को लगता है कि विश्व को इससे कोई समस्या नहीं है ।

अगर भारत की बात करे तो यहा तो ग्लोबल वार्मिंग जैसा कोई शब्द ही नहीं है । विकाशसील देश की भाग-दौड़ वाली जनता को इस से कोई मतलब नहीं है ।

लेकिन यही वजह विज्ञान की दुनिया मे तहलका मचा रही है । विज्ञानिओ ने तो यहा तक भी कह दिया की 21वीं सदी का सबसे बड़ा खतरा ग्लोबल वार्मिंग को कहा जा रहा है ।

विज्ञानिओ ने इसकी मिसाल तृतीय विश्वयुद्ध दी है की, तृतीय विश्वयुद्ध से होने वाले नुकसान से 10 गुना ज्यादा ग्लोबल वार्मिंग का नुकसान होता ।

ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन :

आप सभी के मनमे प्रश्न होता होगा की आखिर एसे गेसो का उत्सर्जन कोन करता होगा ? कहा से एसे गेस उत्पन्न होते होगे ? चलो जानते है ।

ग्रीन हाउस गैसों का सबसे ज्यादा उत्सर्जन 21.3 प्रतिशत के साथ पॉवर स्टेशन करते है । उसके बाद हर क्षेत्र की इंडस्ट्री से 16.8 प्रतिशत ये गेस उत्पन्न होता है ।

यातायात और गाड़ियों से लगभग 14 प्रतिशत, खेती-वाडी से 12.5 प्रतिशत, जीवाश्म ईंधन से 11.3 प्रतिशत, रहवासी क्षेत्रों मे 10.3 प्रतिशत, बॉयोमॉस जलने से 10 प्रतिशत ओर कचरे को जलाने से 3.4 प्रतिशत ग्रीन हाउस गैस का उत्सर्जन होता है ।

ग्लोबल वार्मिंग के कारण क्या है ।

अब आप सभी के मनमे प्रश्न होता होगा की आखिर एसे कोनसे प्रमुख कारण है जिससे ग्लोबल वार्मिंग बढ़ता है ? ग्लोबल वार्मिंग क्यों हो रही है ? तो चलो जानते है ।

आज के डोर मे ये एक गंभीर समस्या है जिस पर विश्व के हर देश को ध्यान देने की जरूरत है । हम सबको समजना होगा की ये सिर्फ एक कारण से नहीं बल्कि अनेक कारणों से हो रहा है ।

इसमे सबसे ज्यादा जिम्मेदार ग्रीन हाउस गैस हैं क्योकि यह गेस बाहर की गर्मी को अपने अंदर सोख लेती हैं ।

global warming ke karan kya hai

इन गेसों का उपयोग ज्यादा सर्दी वाली जगहो मे पौधों को गर्म रखने के लिये किया जाता है जो ज्यादा सर्दी मे खराब हो जाते हैं ।

काँच के एक बंद घर में ऐसे पौधों को रखा जाता है और गैस भर दी जाती है ताकि गैस सूरज की गर्मी को सोख ले और पौधों को गर्म रखे ।

वैज्ञानिकों के अनुसार ग्रीन हाउस गैसों में सबसे ज्यादा कार्बन डाइआक्साइड गेस होती है । यही गेस मनुष्य, प्राणी-पक्षी अपने साँस के साथ बाहर निकालते हैं । हेरानी की बात तो यह है की पिछले कुछ सालो मे इस गेस की मात्रा बढ़ी है ।

ज्वालामुखी विस्फोट, जीवाश्म ईंधन, ऑटोमोबाइल आदि बहोत ज्यादा मात्रा मे कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन करते है ।

उसके अलावा हवाई जहाजों, वाहनों ओर बिजली बनाने वाले संयंत्र उद्योगों से भी अंधाधुंध इन गेसों का उत्सर्जन होता है ।

ग्रीन हाउस गैसों के बढ़ने मे जंगलों की कटाई ओर बड़े पैमाने पर हो रहा जंगलो का विनाश भी एक मुख्य कारण है । क्योकि जंगल प्राकृतिक रूप कार्बन डायआक्साइड गेस की मात्रा को कम करता हैं । लेकिन आज वनो की बेतहाशा कटाई हो रही है ।

उसके साथ-साथ रेफ्रीजरेटर्स, एसी ओर अग्निशामक यंत्रों से निकालने वाला सीएफसी गेस भी धरती के ऊपर बने ओजोन वायु की परत को नष्ट करने का काम करती है ।

ये परत सूर्य से निकलने वाली घातक अल्ट्रावायलेट किरणों को पृथ्वी पर आने से रोकती है ।

कई वैज्ञानिकों मानना है कि, अब ओजोन की परत में एक बड़ा सा छिद्र हो चुका है जिस की वजह से सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणें अब सीधे धरती पर पहुंच रही हैं । ओर इस से लगातार पृथ्वी गर्म बन रही हैं ।

बिजली की वजह से भी कार्बन डायआक्साइड अधिक मात्रा मे उत्पन्न होता है । क्योकि बिजली का उत्पादन करने के लिए जीवाष्म ईंधन का उपयोग करना पड़ता है ।

ओर जब हम जीवाष्म ईंधन को जलाते है तब कार्बन डायआक्साइड गेस पैदा होती है जो ग्रीनहाउस गैस है ।

causes of global warming in hindi

ग्लोबल वार्मिंग गेस की बढ़ोतरी मे एक बड़ा कारण प्रदुषण भी है जिसे हम नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते । आज के समय के विश्व के हर कोने प्रदुषण फेला हुआ है ।

प्रदूषण की वजह से भी कार्बन डाईआक्साइड की मात्रा बढ़ोतरी हो रही है । जिस से भी ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है ।

एक रिपोर्ट के मुताबिक विश्व का 20 प्रतिशत कार्बन डाइऑक्साइड सिर्फ गाड़ियों में लगे पेट्रोल इंजन की वजह से उत्पन्न होता है ।

विकसित देश भी कही-न-कही कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन करने के लिए जिम्मेदार है । क्योकि विकाशसील देशो की तुलना मे विकसित देश 10 गुना ज्यादा कार्बन का उत्सर्जन करते है ।

इसीलिए हम सब भारतीय ओर पृथ्वीवासी को ग्लोबल वार्मिंग को रोकने और धरती को बचाने के लिए जल्दी से कदम उठाने होंगे ।

ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव क्या है ?

विज्ञानियो के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग आज दुनिया के हर क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है । हम बारी-बारी सब क्षेत्रों की बात करेंगे । उसके साथ-साथ पृथ्वी पर ग्लोबल वार्मिंग का क्या प्रभाव पडा है ? ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभाव क्या है ? ये सब कुछ जनेगे ।

मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव :

ग्लोबल वार्मिंग का सबसे ज्यादा प्रभाव मानवो पर ही पड़ेगा क्योकि तापमान के बढ़ने से डेंगू, मलेरिया,  फेफड़े के संक्रमण की बीमारी, अस्थमा और फीवर जैसी बीमारी होती है ।

इसके अलावा वातावरण में कार्बन डायोक्साइड का प्रमाण बढ़ेगा ओर मनुष्यो को शुद्ध ऑक्सीजन न मिल पाने की वजह से मौत हो जाएगी ।

global warming ke prabhav kya hai

ओर वो समय भी दूर नहीं जब ज़्यादातर लोगो के पास खाने-पीने के लिए स्वच्छ जल ओर श्वास लेने के लिए शुध्द हवा भी नहीं होगी ।

इसके प्रभाव से उत्तर-पूर्वीय ध्रुवो की बर्फ पिघलने लगेगी । बर्फ पिगलने की वजह से आस-पास के बहोत सारे देश पानी में डूब जाएंगे है ।

जीव-जंतु ओर पशु-पक्षियों पर प्रभाव :

आपको क्या लगता है की इस से सिर्फ मनुष्यों के जीवन को ही खतरा है ? बिलकुल नहीं । बल्कि इसने तो जानवरों के जीवन को भी कठिन बना दिया है ।

मौसम की बदलती स्थितियों के कारण कई पशुओं की अस्तित्व को मुश्किल बना दिया है । वैश्विक तापमान के बढ्ने की वजह से पेंगुइन, ध्रुवीय भालू, आर्कटिक लोमड़ी, टोड, ग्रे भेड़िये, जैसी ओर भी जीव जंतुओं की कई प्रजातीय शामिल है जो अब विलुप्तता के कगार पर है ।

जब भी गर्मी बढ़ती हे तब पशु-पक्षी भी पहाड़ी इलाकों की तरफ जाते हे लेकिन इस मे कुछ पशु-पक्षियों अपना अस्तित्व खो देते है ।

पौधों पर प्रभाव : 

जब तापमान बढ़ेगा तब पानी की उपलब्धि में कमी आएगी और मिट्टी मे भी परिवर्तन आएगा । जब इन दोनों मे अनियमित ता होगी तो पौधों की वृद्धि रुक जायेगी ।

याद रखना की एक दिन ऐसा भी आएगा जब पौधे विलुप्त हो जाएगे । सब कुछ मिलाकर देखे तो ग्लोबल वार्मिंग की वजह से पौधों की वृद्धि में कमी आने की आशंका है ।

भूमि पर प्रभाव :

ग्लोबल वार्मिंग के कारण विश्व की कई जगहों पर वातावरण में भयंकर बदलाव आ रहा हैं । जैसे कई जगह पर बारिश रुकने का नाम ही नहीं ले रही जिसकी वजह से बाढ़ के हालत काफी ज्यादा मात्रा मे बढ़ रहे हैं ।

जबकि कुछ क्षेत्रों मे मोसम की वजह से सब कुछ सूखा पड़ा है । एसा नहीं है की इस ने सिर्फ लोगों के जीवन को ही प्रभावित किया है । इस ने तो देश के गरीब किसानो की उपजाऊ जमीन को भी बिन उपजाऊ कर दिया है ।

जल पर प्रभाव :

ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हिमनदी गल रही हैं । ओर इसके गलने के कारण महासागरो का पानी गर्म हो रहा है ओर गर्म पानी से कई जलीय जीवन मृत्यु के घाट उतर जाते है ।

इसके साथ-साथ समुद्रो में पानी का स्तर भी उचा आ गया है । ओर जब पानी का स्तर ऊपर आएगा तो निचले इलाकों में बाढ़ आएगी जिससे मनुष्य के जीवन को भी बड़ा खतरा है ।

वायु पर प्रभाव :

पृथ्वी के तापमान मे वृद्धि के कारण ओजोन गैस का स्तर टूटता है । इसी के कारण मनुष्यो को स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं उत्पन्न होती है ।

उसमे भी खास तोर पे श्वास, अस्थमा और फेफड़ों के रोग होते है । पिछले कुछ सालो के अंदर एसी समस्याओ मे काफी बढ़ोतरी हुई है ।

शहरों पर प्रभाव :

ऊपर जोभी ग्लोबल वार्मिंग के बारे मे लिखा हे उसे पढ़ कर तो लगता है की, पृथ्वी पर तापमान बढ्ने से गर्मी बढ़ेगी ओर गर्मी बढ्ने से ठंड भगाने वाले कई साधनो का उपयोग कम होगा ।

लेकिन हम यह नहीं सोच ते की इसकी पूर्ति हम लोग AC मे कर देते है क्योकि गर्मी तो बढ़ेगी ।

वर्षा के पर प्रभाव : 

हम इस से मुकर नहीं सकते की पिछले कुछ सालो से वर्षा मे बहुत ज्यादा बदलाव आया है । क्योकि कई क्षेत्रों में तो भारी वर्षा से बाढ़ आई है ओर कई क्षेत्रों मे लोग सूखा का सामना कर रहे है ।

इस की वजह से मनुष्यो को जीवन मे प्रतिकूल प्रभाव पड़ा रहा है । इसके साथ-साथ कई जगहो पे  खतरनाक गर्मी पड़ रही हे तो कही तूफ़ान ओर चक्रवात का प्रभाव है ।

इसीलिए तो उन क्षेत्रों में उगाई गई फसलों को भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है । सूखा और भारी वर्षा दोनों ही फसलों को बहुत नुकसान पहुँचाते हैं ।

(भारत का रंगीन त्यौहार होली पर खास निबंध जानने के लिए – clickhere )

ग्लोबल वार्मिंग से बचाव :

global warming essay in hindi मे हमने इसके अर्थ से लेकर इसके कारण, प्रभाव सब कुछ जान लिया लेकिन अब इसके सबसे मुख्य भाग की बारी है यानि ग्लोबल वार्मिंग रोकने के उपाय? आखिर क्या है ग्लोबल वार्मिंग का समाधान ? कैसे इसका निराकरण लाये ?

मे इस से पहले ये एक बार कह चुका हु की ग्लोबल वार्मिंग का समाधान करना यह चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं ।

लेकिन हम जब तक एकजुट ओर संयुक्त होकर प्रयास नहीं करेंगे तो ग्लोबल वार्मिंग को रोका थोड़ा नामुमकिन जैसा हो सकता है । ना सिर्फ सामान्य व्यक्ति बालके सरकारों कोभी साथ देकर इस दिशा में कदम उठाने होंगे ।

global warming se bachav

हमें सबसे पहले ये विचार करना होगा की पेट्रोल की खपत कैसे करे ? उसके लिए हमे ईलेक्ट्रोनिक ओर हाइब्रिड कार बनानी होगी जिस से हम कार्बन डाइऑक्साइड को कम कर  सके ।

अगर हमे ग्लोबल वार्मिंग थोड़ा जल्दी रोकना है तो आपको लोगो की सहाय लेनी पड़ेगी । लोगो को इसके बारे जागरूकता फैलानि होगी ।

उनको बताना होगा की जितना हम अपने आस-पास के वातावरण को कम प्रदूषित करेंगे उतना ही हम अपनी आने वाले पेढ़ी को सुरक्षित करेंगे ।

इसके अलावा हमे सबसे पहले सी.एफ.सी. गैसों के उत्सर्जन को रोकना होगा ओर इसके लिए हमे लोगो को जागरूक करना होगा ।

क्योकि यह गेस फ्रिज़, एयर कंडीशनर और दूसरे कूलिंग मशीनों मे इस्तेमाल किया जाता है ओर ये  मशीन लोगो के घरो मे लगाए जाते है ।

इसीलिए लोगो को जागरूक कर ने के साथ हमे ऐसी मशीनों का भी आविष्कार करना होगा जिससे सी.एफ.सी.गैसें कम निकले ।

जब भी हमे लंबी यात्रा करनी हो तो कार की बजाय ट्रेन का उपयोग करे । दैनिक जीवन मे कोशिस क्श्रे की खुद के वाहनो की बजाए सार्वजनिक बसों ओर ट्रेनों का उपयोग करे ।

ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए लिये U.N के सदस्यों ने 2015 तक एक जलवायु संधि करने के लिये एक कदम उठाया था । ये संधि विश्व के 195 देशों  दस्तखत थी ।

लेकिन इसके भावजूद भी दुनिया के सबसे ज्यादा जहरीली गैसों को उत्पन्न कैने वाले देशो मे चीन, भारत और ब्राजील जैसे देश शामिल हैं । आखिर क्यो ? इस पर हम सबको घोर करने की जरूरत है ।

उधोगों से भी निकालने वाले धुआँ भी बहुत हानिकारक होता है और इनसे निकलने वाला कार्बन डाइआक्साइड गर्मी बढ़ाता है । हमे एसे प्रदूषण करने वाले उधोगों को रोकना होगा ।

इसके अलावा हमे जंगलों की कटाई को रुकवाना होगा या रोकना होगा । बजाए पेड़ काटने हमे ज्यादा-से-ज्यादा पेड़ लगाने होगे ।

चाहे कुछ भी हो जाए हमें रूकना नहीं है । भारत के सभी नागरिकों को बेहतर बनाने ओर जागरूक करने का प्रयास करे ताकि हम सब मिलकर इस ग्लोबल वार्मिंग की बीमारी के प्रभाव को कम सके ।

( दुनिया को बर्बाद करने वाला बड़ा कारण वो भी निबंध के तोर पर जानने के लिए – click here )

Conclusion :

वर्तमान मे ग्लोबल वार्मिंग की समस्या वातावरण ओर पर्यावरण दोनों पर प्रभाव डालती है । इसकी वजह से दुनिया मे बसे हर व्यक्ति के जीवन को बड़ा खतरा है । हमे यह सोचना चाहिए की कैसे हम CO2 गेस को कम कर सके ।

आज विश्व के सभी विकसित से विकाशसील देश इस बात पर चर्चा करने पर मजबूर हो गए हे की आखिर कैसे ग्लोबल वार्मिंग को का किया जाए ।

क्योकि अब सब लोग समज गए हे की अगर हमने आज इस पर गोर नहीं किया तो आगे शायद कुछ सदी के बाद पृथ्वी का अस्तित्व ही ना रहे ।

याद रखना की जिस गेस की वजह से हमारी सांसे चलती है शायद खतरनाक गैसों की वजह से थम भी जाए ।

इसलिए तो हम सभी को आधुनिक आराम से ज्यादा प्राकृतिक सुधार करने की जरूरत है ।

आखिर मे मेरी आप सभी वाचको से अपील है की आप बहोत कम मात्रा मे ग्रीन हाउस गैसों को उत्पन्न करे नहीं तो इसका परिणाम हमारी आने वाली पीढ़ी को ना भुगतना न पड़े ।

इसीलिए इस लेख को हर उस व्यक्ति तक पहोचाओ जहा एसी खतरनाक गेस ज्यादा मात्रा मे उत्सर्जन हो रही हो । (please share- fb, Instagram, twitter, linkdin)

अब लास्ट मे आपसे पूछना चाहता हु की आपको ये global warming essay in hindi कैसा होगा ? इस प्रश्न का जवाब सिर्फ थोड़े शब्दो मे कमेंट मे जरूर दे ।

ओर global warming essay in hindi मे कोई प्रोब्लेम हो तो हमे ईमेल पे जरूर मैसेज करे । ओर आपको global warming essay in hindi मे कोनसा सब-टाइटल अच्छा लगा ।

Thank you to all my readers

Leave a Comment