जवाहरलाल नेहरू पर जबरदस्त निबंध- Jawaharlal Nehru in Hindi

दोस्तो, आज हम जवाहरलाल नेहरू पर निबंध (Essay on Jawaharlal Nehru in Hindi) को विस्तृत मे जानेगे । यह निबंध आपको स्कूल के हर क्लास और कॉलेज मे काम आने वाला है ।

हम इस निबंध मे भारत देश के पहले प्रधानमंत्री यानि जवाहरलाल नेहरू पर निबंध को जानेगे । और आखिर मे हम यह भी समजेगे की, क्यो वर्तमान मे नेहरू जी की आलोचना की जाती है ?

हम पर भरोसा करें, जवाहरलाल नेहरू पर निबंध को पढ़ने के बाद शायद ही आपके मनमे इसके बारे मे कोई संदेह रहेगा ।

तो चलिए शुरू करते है ।

 

Essay on Jawaharlal Nehru in Hindi- जवाहरलाल नेहरू पर निबंध

 

प्रस्तावना :-

अनुशासन पर चलने वाले एक नैतिकवादी और सैद्धान्तिक मनुष्य यानि जवाहर लाल नेहरू । हृदय मे सिर्फ राष्ट्र प्रेम और देश की सेवा करने की भावना रखने वाला व्यक्ति यानि नेहरू जी ।

कुशल लेखक, प्रभावशाली वक्ता और सोचे हुए काम को पूरा करने की क्षमता रखने वाला व्यक्ति यानि नेहरू जी ।

पहले प्रधानमंत्री के रूप मे उन्होने एक मजबूत भारत की नींव रखी थी । जिसके कारण ही आज भारत आर्थिक, सामाजिक और राजकीय रुप से विकसित और शक्तिशाली राष्ट्र है ।

अपने उच्च विचार और गहरी सोच से नेहरू जी ने हमेशा भारत को उन्नति के मार्ग पर ले जाने की कोशिश की है ।

सच मे, नेहरू जी ने अपना प्रभावशाली व्यक्तित्व भारत के हर नागरिक पर छोड़ा है । इसी वजह से लोग आज भी उनको अपना आदर्श मानते है ।

 

जवाहरलाल नेहरू का जीवन परिचय :-

पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर 1889 मे इलाहाबाद मे हुआ था । उनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू और माता का नाम स्वरूप रानी था ।

वो पेशे (व्यवसाय) से एक वकील थे, लेकिन देश को आज़ाद कराने के लिए मोतीलाल नेहरू भी स्वतंत्रता आंदोलन मे कूद पड़े थे ।

जवाहरलाल नेहरू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा घर पर निजी शिक्षको द्वारा प्राप्त की थी । परंतु आगे की शिक्षा प्राप्त करने के लिए नेहरू जी इंग्लैंड चले गए । और साल 1912 में फिर से देश लौट आए थे ।

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जब नेहरू जी इंग्लैंड थे, तभी उनके माता-पिता ने अपने घर के लिए योग्य बहु खोजना शुरू कर दिया था ।

उनकी खोज कमला नेहरू के रूप मे पूरी हुई जो एक कश्मीरी ब्राम्हण परिवार से थी । इन दोनों का विवाह साल 1916 मे हुआ और 1917 मे उनके घर एक बच्ची ने जन्म लिया ।

जिसका नाम इंदिरा प्रियदर्शिनी था । यह वही बच्ची थी जो आगे चलकर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी । (Essay on Jawaharlal Nehru in Hindi)

नेहरू जी के घर एक बच्चे ने भी जन्म लिया था, लेकिन वो ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह सका ।

इसके अलावा उन्होने देश को आज़ाद कराने के लिए भी बहोत मेहनत करी थी । इसके लिए वो कई बार जेल भी गए थे ।

उनको बच्चो से बहोत प्यार था । वो हमेशा युवाओं के विकास के लिए तैयार रहते थे ।

इसीलिए उनके जन्मदिन यानि 14 नवम्बर को भारत मे बालदिन के रूप मे मनाया जाता है । शायद इसी कारण देश मे नेहरू जी को चाचा नेहरू कहा जाता है ।

 

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नेहरू जी की प्रारंभिक शिक्षा :-

नेहरू जी बहोत अच्छे परिवार से थे इसलिए उनको पढ़ाई मे कोई समस्या नहीं हुई । पढ़ाई के दौरान उन्हे जो चाहिए वो हर चीज़ उनके पास होती थी ।

उनके पिता को अंग्रेजी भाषा से कुछ ज्यादा ही लगाव था । इसीलिए वो चाहते थे कि, जवाहरलाल इंग्लिश विषय को बहोत अच्छी तरह सीखे ।

जिसकी वजह से उनको शुरू से ही एक शिक्षक घर मे इंग्लिश विषय के साथ-साथ हिंदी और संस्कृत विषय भी पढ़ाते थे ।

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घर की शुरुआती शिक्षा के बाद नेहरू जी ने प्रयागराज (इलाहाबाद) के एक लोकल कान्वेंट स्कूल में अपनी प्राथमिक शिक्षा ली ।

भारत मे 15 साल की उम्र तक उन्होने पढ़ाई करी । लेकिन आगे की शिक्षा के लिए उनको इंग्लैंड जाना था ।

इसलिए साल 1907 के अक्टूबर मास मे नेहरू जी ने इंग्लैंड की ट्रिनिटी कॉलेज कैम्ब्रिज मे प्रवेश लिया । और साल 1910 मे उन्होने प्राकृतिक विज्ञान के विषय मे डिग्री प्राप्त की ।

इसी दौरान नेहरू जी ने इतिहास, राजनीति, साहित्य और अर्थशास्त्र जैसे कई विषयो का अध्ययन किया । (Essay on Jawaharlal Nehru in Hindi)

1910 मे प्राकृतिक विज्ञान की डिग्री प्राप्त करने के बाद नेहरू जी कानून की पढ़ाई करने के लिए लंदन चले गए । वहा उन्होने इनर टेम्पल इन कॉलेज से वकालत कि ।

और आखिर मे साल 1912 में कानून की पढ़ाई पूरी करके नेहरू जी भारत वापस लौट आए ।

भारत आकर अपने पिता के साथ उन्होने वकालत की प्रैक्टिस शुरू की । और देखते-ही-देखते नेहरू जी बहोत प्रसिद्ध हो गए ।

 

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जवाहरलाल नेहरू का राजनीतिक जीवन :-

1912 मे इंग्लैंड से वापस आने के बाद नेहरू जी वकालत तो करने लगे थे । परंतु उनका मन वकालत मे नही लग रहा था ।

उनके पिता मोतीलाल नेहरू पहले से ही देश को आज़ाद कराने मे लगे हुए थे । इसीलिए वो भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के मुख्य सदस्य थे । लेकिन जवाहरलाल नेहरू भी इस मे जुड़ना चाहते थे ।

इसलिए वो भी साल 1912 मे भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस से जुड़ गए, और उसी साल बांकीपुर पटना के कांग्रेस अधिवेशन मे भाग लिया ।

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नेहरू जी महात्मा गाँधी से बहोत ज्यादा प्रभावित थे । क्योकि उस वक्त गांधी जी ने रंगभेद के खिलाफ बड़ा जबरदस्त आंदोलन किया था । उस वक्त पूरा देश गांधीजी से प्रभावित था ।

लेकिन महात्मा गाँधी जी से उनकी पहली मुलाक़ात भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के लखनऊ अधिवेशन मे हुई थी ।

गांधी जी से मिलने के बाद और अपने राजनीतिक कार्यो से नेहरू जी को भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के एक महत्वपूर्ण सदस्य बनाए गए ।

साल 1919 मे जब जलियांवाला बाग हत्याकांड हुआ तब नेहरू जी ने अपने राजनीतिक करियर को पूरे दिल से अपना लिया ।

इसी कारण वो कुछ समय के बाद एक प्रभावशाली नेता के रूप में उभरे । और साल 1924 मे उनको इलाहाबाद नगर निगम के अध्यक्ष बनाया गया ।

उसके बाद 1920-1922 मे जब असहयोग आंदोलन हुआ तब नेहरू जी ने महात्मा गांधी के साथ काम किया । इस आंदोलन के बदले उनको जेल भी जाना पड़ा था । 

इसके अलावा जब असहयोग आंदोलन मे चौरी-चौरा की घटना बनी तब गांधीजी ने यह आंदोलन को स्थगित कर दिया । लेकिन इस फेसले से पार्टी मे बहोत दरारे पैदा हुई ।

जिसके कारण कई लोग गांधी जी की आलोचना कर रहे थे, और अलग-अलग पार्टि मे जा रहे थे । (Essay on Jawaharlal Nehru in Hindi)

तभी हमे कांग्रेस पार्टी और गांधी जी के प्रति नेहरू ज़ी की निष्ठा दिखाई दी । क्योकि उनके पिता यानि मोतीलाल नेहरू और चित्तरंजन दास द्वारा स्थापित स्वराज पार्टी में जाने से नेहरू जी ने इनकार कर दिया । 

और उनके पिता द्वारा तैयार की गई नेहरू रिपोर्ट की भी जवाहरलाल ने खूब आलोचना करी थी । 

उन्होने गांधी जी के साथ मिलकर जाति भेदभाव और अस्पृश्यता का कडा विरोध किया था और उससे निपटने के लिए भी कुछ दृष्टिकोण अपनाए थे । 

साल 1930 मे कांग्रेस के अगले अध्यक्ष के रूप मे नेहरू जी को बहोत समर्थन मिला । लेकिन उसी साल उनको नमक कानून के उल्लंघन की वजह से अंग्रेज़ो ने गिरफ्तार कर लिया ।

परंतु साल 1936 मे आखिर नेहरू जी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया ही गया । उसके बाद नेहरू जी 6 बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने ।

1942 मे भारत छोड़ो आंदोलन के समय भारत की पूर्ण राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए उन्होने जोरदार रैली निकाली ।

जिसके कारण उनको गिरफ्तार किया गया । करीब 3 साल तक उन्हे अहमदनगर के जेल रखकर 15 जून, 1945 को रिहा किया गया ।

इसमे हेरानी की बात यह थी की, उन्होने इन 3 साल जेल मे रहकर एक प्रसिद्ध किताब डिस्कवरी ऑफ इंडिया लिखी थी (Essay on Jawaharlal Nehru in Hindi)

रिहाई होने के बाद नेहरू जी अंग्रेज़ सरकार के साथ भारत की आज़ादी के लिए कठोर चर्चा और बातचीत करने लगे ।

और अंत मे हमारे सभी स्वतंत्रता सेनानियों की मेहनत द्वारा 1947 मे भारत को आज़ादी मिली ।

 

पहले प्रधानमंत्री के रूप मे नहरु जी :-

1947 मे जब ब्रिटिश सरकार ने हमारे देश को आज़ाद किया तब भारत मे 500 से भी ज्यादा रियासते थी ।

अब हमारे देश के लिए यह बहोत चुनौतीपूर्ण कार्य था की, इन सभी रियासतों को एक झण्डे के नीचे कैसे लाये ?

और आखिर मे इन सभी रियासतों को एक झण्डे के नीचे लाने का कार्य श्री वल्लभ भाई पटेल को दिया गया ।

उन्होने इस कार्य को बखुभी निभाकर सभी रियासतों को अखंड भारत मे शामिल कर दिया । सरदार वल्लभ भाई पटेल के इस कार्य की वजह से वो भारत के लोगो मे बहोत प्रख्यात हुए ।

अब अखंड भारत मे लोकतंत्र का निर्माण करने के लिए और पहली बार प्रधानमंत्री पद के लिए मतदान हुआ । इस समय लोगो के हाथ मे था की, किसको हमारा प्रदानमंत्री बनाना है और किसको नहीं ।

जब मतदान हुए तो कांग्रेस के आचार्य कृपलानी और सरदार वल्लभई पटेल को सबसे ज्यादा मत मिले ।

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परंतु गांधी जी के कहने पर इन दोनों ने अपना नाम वापस ले लिया । और जवाहर लाल नेहरू को देश का पहला प्रधानमंत्री बनाया गया ।

इतना ही नहीं, इसके बाद नेहरू जी लगातार 3 बार हमारे देश के प्रधानमंत्री बने । प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए, उन्होंने आधुनिक भारत की एक मजबूत नींव रखी थी ।

इसके अलावा युवाओं के विकास और रोजगार के लिए उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानअखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भारतीय प्रबंधन संस्थान जैसे कई शैक्षिक संस्थानों की स्थापना की ।

भारत देश के बेहतर विकास के लिए पंचवर्षीय योजनाओं का सिद्धांत नेहरू जी द्वारा लाया गया था ।

उनके कार्यकाल मे स्वेज नहर विवाद, कांगो समझौता, पाकिस्तान और चीन के साथ लड़ाई जैसी कई खतरनाक घटनाए भी हुई थी । (Essay on Jawaharlal Nehru in Hindi)

लेकिन नेहरू जी ने इन सभी समस्याओ का समाधान करके भारत को एक विकास की राह दी ।

सच मे नेहरू जी एक प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे । और इसीलिए उनको साल 1954 में भारतरत्न पुरस्कार से नवाजा गया ।

लेकिन 27 मई 1964, यह वो काला दिन था जब हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री और महत्वपूर्ण व्यक्ति यानि पंडित जवाहर लाल नेहरू की कुछ बीमारी के चलते मृत्यु हुई ।

 

कुछ लोग नहरु जी की आलोचना क्यो करते है ?

वर्तमान मे भारत के कुछ लोग नेहरू जी को गलत समजते है ।

एसे लोगो का मानना है की, नेहरू को प्रधानमंत्री का पद सिर्फ गाँधी जी की वजह से मिला । उन लोगो के मतो ने नहीं बल्के गांधी जी ने प्रधानमंत्री बनाया था ।

और यह पहले से तय था की, जो व्यक्ति कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष होगा वही प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभालेगा ।

लेकिन इन सभी आरोपो का जवाब नेहरू जी ने अपने काम से दिया । उन्होने अपना प्रधानमंत्री पद संभालते ही भारत का विकास करने मे लग गए । (Essay on Jawaharlal Nehru in Hindi)

और उनकी मृत्यु तक उन्होने कई एसे काम किए जिससे इन सभी दावो और आरोपो को गलत ठहराता जा सकता है ।

 

(दोस्तों के लिए विदाई भाषण– एक बार जरूर देखे)

 

निष्कर्ष :-

इतना सब कुछ जानने के बाद अब आप लोगो को पता चल गया होगा की, आखिर क्यो पंडित जवाहरलाल नेहरू को हमारे देश मे एक महान व्यक्ति के रूप मे जाना जाता है ?

उनका मुख्य उदेश्य ही यही था की, देश को अच्छी योजनाओं के माध्यम से और मजबूत लोकतांत्रिक परंपराओं से विकसित राष्ट्रो मे शामिल किया जाए ।

सच मे भारत को इतना प्रभावशाली, महत्वपूर्ण और जबरदस्त व्यक्ति आधुनिक युग मे मिलना बहोत मुश्किल है ।

अब मे आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की आपको ये जवाहरलाल नेहरू पर निबंध (Essay on Jawaharlal Nehru in Hindi) कैसा लगा ?

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको सरल ओर साधारण भाषा मे महात्मा गांधी पर निबंध को दे सके ।

लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email जरूर करे । आपको और भी किसी विषय पर निबंध चाहिए तो कॉमेंट मे जरूर बताए ।

और आपके आस-पास के सभी व्यक्ति और दोस्त-यारो तक यह निबंध जरूर पहुंचाए । (please share)

Thanks for reading Essay on Jawaharlal Nehru in Hindi

 

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