रहस्यो वाली मज़ेदार कहानिया – Moral stories for kids in Hindi

दोस्तो, आज हम Moral stories for kids in Hindi यानि मज़ेदार रहस्यो वाली कहानियो के बारे मे जानेंगे ।

यह कहानिया क्लास 7-8-9-10 (moral stories in hindi for class 7-8-9-10) के लिए उपयोगी है ।

Moral stories for kids in Hindi को शुरू करने से पहले आपको मे बता देना चाहता हु की ऐसी मज़ेदार कहानियो का पूरा श्रेणी हमारी साइट पर मोजूद हे वहा जाके भी आप जबरदस्त कहानियो का लुत्फ उठा सकते हे ।

आज हमारी कहानी शीर्षक दांत ओर जीभ है । इन दोनों का महत्व हम एक गुरु ओर शिष्य की कहानी से समजेंगे ।

तो चलिये शुरू करते हे ।

Moral stories for kids in Hindi– बच्चों के लिए हिंदी में नैतिक कहानियाँ

एक चीनी धर्मशास्त्री और प्रख्यात तत्त्वज्ञानी थे, जिनका नाम कन्फ्यूशियस था । उनहो ने पंद्रह साल तक एकांतवास किया ओर उस के बाद तेरह वर्षों तक देश की यात्रा की ।  

जब वह देश की यात्रा कर रहे थे तब वो कई लोगो से मिलते । उन्होंने लोगों को कहा की अगर आप जीवन में सुख और शांति प्राप्त करना चाहते हो तो आपको प्रेम, कर्तव्य, सहनशीलता, दान और क्षमा जैसे गुणों को अपनाना होगा ।

मानवतावाद के समर्थक कन्फ्यूशियस ने जनता को नैतिक और सदाचारी बनने की शिक्षा दी ।

उनके पास कई शिष्य थे जो उनकी मदद करते थे ओर उनके पास से शिक्षा ओर अच्छे गुण भी ग्रहण करते थे । जब उनकी शिक्षा पूरी हो जाती हे तो उनको धर्म प्रचार के लिए दूर-दूर भेजा जाता था ।

उनमे से ही कुछ शिष्य धर्म का प्रचार करने के लिए जा रहे थे तब वो कन्फ्यूशियस के पास आए और उनसे मार्गदर्शन देने के लिए आग्रह किया ।

कन्फ्यूशियस ने इन शिष्यो का उत्तर इस कहानी के शीर्षक से देते हुए कहा की, आप जहां भी जाए, वहा एक कोमल जीभ की तरह रहे ।

moral stories in hindi for class 8

तो उन्मे कुछ शिष्यो ने फिर एक प्रश्न किया की इसका मतलब क्या है ?

कन्फ्यूशियस ने इसका जवाब देते हुए का की जीभ बत्तीस मजबूत दांतों के बीच रहेती हे उसी तरह आपको भी कठिन लोगो के साथ कोमल रह कर ये काम करना होगा ।

अधिक स्पष्टता करते हुए कन्फ्यूशियस ने कहा की वत्स, जब आप एक देश से दूसरे देश जाएंगे तो याद रखना की आपको कठोर लोग भी मिलेंगे, ओर कोमल लोग भी मिलेंगे ।

इस बिंदु पर आप कठोर बत्तीस दांतों के बीच जीभ जैसी कोमलता के साथ व्यवहार करना होगा ।

उन्होने ओर उदाहरण से समजाते हुए कहा की, जब बच्चा पैदा होता है तो दोनों में से कौन पहेले आता हे दांत या जीभ ?

शिष्यों ने उतर देते हुए कहा, गुरुदेव एक बच्चा जीभ के साथ पैदा होता है, ओर दांत उसके बाद आते हैं ।

कन्फ्यूशियस ने फिर एक प्रश्न पूछा की मनुष्य जीवन की अंतिम क्षणों मे या जब वो बूढ़ा हो जाता हे तब कोन उसके शरीर को पहले अलविदा कहता हे दांत या जीभ ?

शिष्यों ने फिर उतर देते हुए कहा की, दांत बाहर गिर जाते हे जबकि जीभ जीवन के अंत तक साथ रहती है ।

कन्फ्यूशियस ने शिष्यों से कहा देखो, हमारी जीवन मे कठिन दांत आते हे देर से लेकिन गिर जल्दी जाते हैं । जबकि मुलायम जीभ जन्म से लेकर मृत्यु तक मनुष्य का साथ नहीं छोड़ती ।

इस उदेश्य से शिष्यो को पता चला की, यदि आप दाँत की तरह कठोर रहेंगे तो आप जल्द ही उखड़ जाएंगे । लेकिन अगर आप जीभ की तरह मुलायम रहेंगे तो आप अंत तक टिक पाएंगे ।

एक बात और समजाते हुए कहा की, अगर लोग सख्त दांत बन कर गुस्सा करे तो आपको जुबान बन कर नरम बनना होगा ।

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क्योकि कई बार दांत जीभ को कुचल देते हैं । इसलिए उन लोगो को सहन करना सीखे । जीभ को कई बार दर्द होता हे लेकिन जीभ कभी शत्रुता नहीं दिखाती ।

कई बार तो भोजन दांतों में फंस जाता है तो जीभ दाँतो की मदद करके उस भोजन को हटा देती है । उससे ये भी सीख मिलती हे की पीड़ित होने के बाद भी, हमे जीभ की तरह हमेशा मिठास फेलानी चाहिए ।

लेकिन अगर जीभ अपना बदला लेने पर आ जाए तो एक ही वाक्य या शब्द से बत्तीस दांत तुड़वाने की शक्ति ओर ताकत रखती हे ।

अंत में कन्फ्यूशियस ने शिष्यों को उपदेश देते हुए कहा की, दुनिया में एक विनम्र व्यक्ति शांतिपूर्ण जीवन जीता है । ओर अहंकारी आदमी बेचेनी ओर घुटन के साथ ।

इसलिए दुनिया मे बसे हर मनुष्य को दांत की तरह अहंकारी और अभिमानी नहीं बनना चाहिए । ज़िंदगी मे एक बात जरूर याद रखना की दांत एक खलनायक बनाता हे लेकिन जीभ एक सज्जन ।

अंत मे वो शिष्य कन्फ्यूशियस की इन सभी बातो को समजे ओर फिर उनकी आज्ञा लेके धर्म प्रचार करने के लिए निकल गए ।

परंतु हमे ये कहानी बहुत कुछ कह जाती है । जैसे ज़िंदगी मे नरम स्वभाव रखे फिर वो माँ-बाप के प्रति हो या भाई-बहन के प्रति, पड़ोसी की शकल मे हो या अपने सबन्धि की शकल मे ।

किसी ने क्या खूब लिखा है की हर मनुष्य प्यार का भूखा होता है । अगर आप वो चीज़ उनको देंगे तो तो वो सब कुछ आप पर न्योछावर कर देगा ।

इसीलिए ज़िंदगी मे कोमल ओर नरम स्वभाव से रखे ओर हर एक मानवी को प्यार करते हुए जिए । आप को पहले ये बहुत कठिन लगेगा लेकिन अंत मे वो लोग आपकी तारीफ किए बिना नहीं रहेंगे ।

आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की, क्या अब आप लोग अपने अंदर कोमलता को लाएँगे या नहीं ? ओर क्या हमे हमारे जीवन को जीभ की तरह रखना ओर उसके मुताबिक ढालना चाहिए या नहीं ? इसका जवाब मुजे कॉमेंट मे yes or no जरूर दे ।

ओर आपको ये Moral stories for kids in Hindi कैसी लगी ?

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको मज़ेदार कहानी Moral stories for kids in Hindi को दे सके ।

लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email करे । आपको ओर भी किसी विषय पर कहानी चाहिए तो कॉमेंट मे जरूर बताए ।

ओर इस Moral stories for kids in Hindi को अपनी ज़िम्मेदारी समज कर अपने हर दोस्त तक जरूर पाहुचाए (please share)

Thanks for reading Moral stories for kids in Hindi

 

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