राष्ट्रीय पर्वतारोहण दिवस (2021)- National mountain climbing

दोस्तो, आज हम राष्ट्रीय पर्वतारोहण दिवस को विस्तृत मे जानेगे । यह लेख आपको स्कूल ओर कॉलेज के अलावा ओर भी कई जगहो पर काम मे आने वाला है ।

हम इस लेख मे पहाड़ो और अजीब पर्वतारोहण के बारे जानेगे । हम पर भरोसा करें, राष्ट्रीय पर्वतारोहण दिवस को पढ़ने के बाद शायद ही आपके मनमे इसके बारे मे कोई संदेह रहेगा ।

तो चलिए शुरू करते है ।

 

National Mountain Climbing Day 2021 in Hindi

 

प्रस्तावना :-

आपके मन मे सबसे पहले यह प्रश्न आता होगा की आखिर क्यो राष्ट्रीय पर्वतारोहण दिवस मनाया जाता है ? तो चलो इसके बारे मे जानते हे ।

इस दिन को मनाने के पीछे दो मित्रो की बात है । इन दो मित्रो का नाम बॉबी मैथ्यू और जोश मैडिगन था । ये दोनों अमेरीकन नागरिक थे ।

क्योकि सबसे पहले इन दोनों ने ही अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य मे एडिरोंडैक पर्वत नामक पहाड़ की 46 ऊंची चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ गए थे  ।

इन दो युवकों ने 1 अगस्त 2015 को अंतिम 46 वें शिखर पर चढ़ाई की और मई 2016 में औपचारिक रूप से एडिरोंडैक 46 क्लब क्लब में शामिल हो गए । इसीलिए 1 अगस्त का दिन राष्ट्रीय पर्वतारोहण दिवस के तोर पर मनाया जाता है ।

यह दोनों अक्सर कहा करते थे की, हर किसी को अपने जीवन में कम-से-कम एक बार तो पहाड़ पर चढ़ना ही चाहिए । क्योकि जब हम पहाड़ की चरमसीमा पर पहुंचते हे तब हमे शानदार अनुभव होता है ।

किस तकनीक का उपयोग चढ़ाव के दौरान किया जाता है ?

पहाड़ की चढ़ाई से आप के शरीर का हर हिस्सा काम मे आता है । जैसे चढ़ाई की पकड़ को पकड़ने के लिए आपको अपनी उंगलियों और अग्रभागों का उपयोग करना पड़ेगा ।

शुरुआती लोग आमतौर पर अपने मार्ग को पकड़ कर तय करते है । कोई भी व्यक्ति को पहाड़ चढ़ने से पहले अपने मार्ग की कल्पना करना बहोत जरूरी होता है ।

why is national National Mountain Climbing Day celebrated in hindi

लेकिन अगर आप पहाड़ पर चढ़ना चाहते हो तो आपको यह प्रश्न जरूर मनमे आया होगा की आखिर क्या पहाड़ पर चढ़ने के लिए शारीरिक मजबूत होना जरूरी है ?

ओर यह भी कहा जाता हे कि, पर्वतारोहण ज्यादातर लड़कों द्वारा ही किया जाता है । परंतु यह बिलकुल गलत है ।

याद रखना की एक प्रभावी पर्वतारोही वह हे जो अधिकांश चढ़ाई, तकनीक, संतुलन और पैर की ताकत को समझना जानता है ।

पहाड़ पर चढ़ने मे उपयोग किए जाने वाले उपकरण :-

केरबाइनस :

ये एक धातु का रूप होता है जीसका उपयोग आम तोर पर रोक क्लाइम्बिंग या रोप वे जैसे यात्रा मे किया जाते हे ।

क्रमपोंस :

ये जूते के नीचे लगा रहता है । इसकी वजह से जूतो को मजबूती ओर बरफ मे अच्छी पकड़ बनाने मे सहायता मिलती है ।

साज :-

साज एक रस्सी की तरह आता हे ओर उसको को सुधार कर रस्सी मे भी बदला जा सकता है । इसे लोग अपने कमर के चारो तरफ बांध कर मजबूती हासल करते हे, ताकि वो नीचे गिरे नहीं ।

बर्फ की कुल्हाड़ी :-

खड़ी चढ़ाई मे पकड़ बनाने के लिए सबसे बेस्ट बर्फ की कुल्हाड़ी होती है । चढ़ाई मे हमे ये सबसे ज्यादा मदद करती है ।

इसके अलावा रस्सी, कपड़े ओर पर्वतारोहण की किट जिसमे दस्ताने, चसमे, जूते और हेलमेट जैसे उपकरण शामिल है ।

क्या फायदे हे पर्वतारोहण के ?

इस से हमे शारीरिक ओर मानसिक दोनो तरफ से फाइदा मिलता है । तो चलिये हम सबसे पहले इसके शारीरिक लाभ को जानते है ।

शारीरिक लाभ :

इस से हमारे शरीर की स्नायु, मांशपेशियां, ऑक्सीजन जीवी कसरत, हृदय प्रणाली, हाथ और उंगलियां, चार बाहें और ऊपरी भुजाएँ, कंधे, गर्दन, पीठ जैसे कई फायदे होते हे ।

हृदय प्रणाली सहित आपके पूरे शरीर को चढ़ाई से लाभ मिलता है ।

मानसिक लाभ :

निर्णय लेना, समस्या को सुलझाना, लक्ष्य को साजना ओर उसे पूरा करना, एकाग्रता, दृढ़ निश्चय, आत्मविश्वास, तनाव से राहत, उपलब्धि की भावना, स्थानिक जागरूकता जैसे कई कौशल का हमारे अंदर विकास होता है ।

National Mountain Climbing Day in india

प्रत्येक चढ़ाई का रास्ता एक पहेली की तरह होता हे जो धैर्य और योजना बनाता है । क्योंकि एक बिंदु पर पहुंचने के बाद उन्हें उससे आगे जाने की रणनीति बनानी पड़ती है ।

इसके अलावा आपको चढ़ाई के लिए आपको चतुर ओर फुर्तीले निर्णय लेने की आवश्यकता होती है । किसी समस्या का आकलन करने, समाधान खोजने और फिर किसी योजना को अंजाम देने की आपकी क्षमता को चढ़ाई बढ़ाती है ।

पहाडो के कुछ रोचक तथ्य :-

पहाड़ की भूमि एक बिखरती हुई लेकिन विविध प्रकार के निवास स्थान प्रदान करती है । जिसमें पौधों और जानवरों की एक बड़ी श्रृंखला पाई जा सकती है ।

पृथ्वी की सतह का 24 प्रतिशत आवरण पर पहाड़ है । महत्वपूर्ण सामान और सेवाएं हमे ये प्रदान करते हैं ।

National mountain climbing

पहाड़ों से आने वाला मीठे पानी में मानवता का एक महत्वपूर्ण अनुपात है । पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र हमारे कई राज्य में पारिस्थितिक प्रणालिया की सेवाएं प्रदान करते हैं ।

पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार के लिए IUCN  (International Union for Conservation of Nature) नामक एक संगठन भी बनाया गया है ।

इसका काम बाहरी हितधारकों (शिक्षा प्रणाली और युवा पेशेवरों सहित) के साथ संबंधों को मजबूत करके ज्ञान नेटवर्क में सुधार करना है ।

दूसरी और अंतर्राष्ट्रीय नीति मंचों में सत्र आयोजित करके पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्रों और समुदायों की अनूठी चुनौतियों को लोगों के ध्यान में लाना है ।

निष्कर्ष :-

एक योजना के बाद केवल पहला कदम ही रणनीति निर्धारित करता है । चढ़ाई हमे यह सिखाती हे की,आप अपनी योजना का पालन एकाग्रता और दृढ़ संकल्प के साथ कैसे करे ।

जीवन में कुछ भी प्राप्त करने के लिए एक योजना और निष्पादन जरूरी है ।

अब मे आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की आपको ये राष्ट्रीय पर्वतारोहण दिवस का लेख कैसा लगा ?

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको सरल ओर साधारण भाषा मे राष्ट्रीय पर्वतारोहण दिवस के लेख को दे सके ।

लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email जरूर करे । आपको और भी किसी विषय पर निबंध चाहिए तो कॉमेंट मे जरूर बताए ।

हमारे इस लेख को अपने दोस्त-यारो के साथ जरूर शेर करे । (please share)

Thanks for reading राष्ट्रीय पर्वतारोहण दिवस

 

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