परोपकारी और स्वार्थी इन्सान की मज़ेदार कहानिया (2021)

दोस्तो, आज हम मज़ेदार बोध वाली कहानिया जानेंगे । यह कहानिया क्लास 7-8-9-10 (Moral stories in Hindi for class 10) के लिए उपयोगी है ।

इस कहानी की शुरुआत करने से पहले मे आपको एक प्रश्न पूछना चाहता की, क्या पाखंडी परोपकारी व्यक्ति के मुक़ाबले एक स्वार्थी इंसान अच्छा होता है ?

ये बात एक गुरु ओर उनके तीन शिष्यो की हे । गुरु हररोज अपने शिष्यो को एक नया सबक देते थे ।

वैसे ही एक दिन गुरु ने शिष्यो को सिखाया की, मानव जीवन तभी सार्थक होता हे जब आप जीवन में हर दिन एक अच्छा काम करते हैं ।

ये सबक सीखाने के कई दिनो बाद गुरु को जिज्ञासा हुई की मैंने जो सबक सिखाया हे उसको मेरे शिष्यो ने क्या लागू किया ? ओर कहा लागू किया ?

अगले दिन गुरु ने सोच कर रखा था की, आज शिष्यो को उस सबक के बारे मे पूछूंगा ।

वो तीनों शिस्यों अगले दिन आश्रम आए ओर गुरु ने बारी-बारी से एक ही प्रश्न तीनों से पूछा की, बताओ मैंने जो सबक सिखाया था उस के बाद आपने लोगो की क्या सेवा की ?

उन तीन शिष्यो मे से पहले शिष्य ने कहा की, गुरुजी पेड़ के नीचे एक बेसहारा बूढ़ी औरत बेठी थी तो मैंने उसी बूढ़ी ओरत का हाथ पकड़कर सड़क पार करवाई ।

 

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गुरु ने इस पहले शिष्य की सराहना की और वो दूसरे शिष्य की ओर आगे बढ़े ओर उस से भी पहले वाला ही सवाल किया ।

दूसरे शिष्य ने कहा की, गुरुदेव मेने भी उसी पेड़ के नीचे एक असहाय वृद्ध औरत को सड़क पार कारवाई ।

गुरु को थोड़ा आश्चर्य लगा लेकिन उसकी भी सराहना की ओर वो तीसरे शिष्य की ओर आगे बढ़े ओर उसे भी वही सवाल किया जो पहले ओर दूसरे वाले शिष्य को किया था ।

अब जवाब देने की बारी थी तीसरे शिष्य की, गुरु को लगा की ये शिष्य कुछ अलग बताएगा लेकिन हुआ कुछ ओर ।

उसने भी वही जवाब दिया जो पहले ओर दूसरे वाले ने दिया था की, मैंने भी एक पेड़ के नीचे से उस बूढि ओरत को सड़क के पार ले गया था ।

ये बात सुनकर गुरु एक बड़ी उलझन में फस गए । वो भी सोचने लेगाए की आखिर तीनों शिष्यों ने इस सवाल का एक ही जवाब क्यो दिया ।

गुरु ने आखिरकार उनसे पूछा की ऐसा कैसे हो सकता है ? आप तीनों ने सड़क के पार एक ही बूढि औरत को पहुचाया ।

तब तीनों शिष्यों ने गुरु के इस प्रश्न का उत्तर देते हुए एक साथ कहा की, गुरुजी जब हम ने इन बूढ़ी औरत को सड़क पार पहुचाया उस वक्त हम तीनों एक साथ ही जा रहे थे । तो हमें पेड़ के नीचे एक बूढि औरत मिली ।

उन्हे देखते ही हमे आपका वो उदेश्य याद आया की हर दिन अच्छे कम करे । इसलिए हमने उस बूढ़ी ओरत को कहा की, हम तीनों आपको सड़क पार करने मे मदद करेंगे ।

लेकिन उसने कहा कि मैं सड़क पार नहीं करना चाहती । पर हम तीनों को वो आपका उदेश्य याद आ रहा था ।

इसलिए हमने कहा की आप सड़क पार करना चाहते हैं या नहीं, लेकिन आपकी सेवा करने के लिए हम आपको सड़क पार करवा कर ही रहेंगे ।

लेकिन फिर भी वो बूढ़ी ओरत मना कर रही थी । लेकिन हम तीनों ने उसे जबरदस्ती पकड़ लिया और सड़क के विपरीत किनारे पर खींच कर ले गए ।

शिष्यों की बात सुनकर गुरु दंग रह गए की ये क्या हो गया ? मेने सिखाये उदेश्य का आप तीनों ने अनर्थ बना दिया ।

 

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गुरु ने कहा की ज़िंदगी मे पहली बार एसा हुआ हे की मेरे सिखाय हुए उदेश्य से किसी को तकलीफ पाहुची हो ।

अंत मे उन्होंने शिष्यों को उसी उदेश्य पर फिर से एक सबक दिया की, अच्छे कर्म तभी किए जाते हे जब परोपकार की दृष्टि हो ।

इसका मतलब की किसी को जरूरत हो तभी उसकी मदद करनी चाहिये । बिना वजह पूछे हम उसकी मदद करके हम उसको ओर दुविधा मे डाल देते हे । बूढ़ी ओरत के साथ यही हुआ ।

इस तरह यह कहानी से हमे यह सीख मिलती हे की, कभी भी पाखंडी परोपकारी व्यक्ति पर ज्यादा विश्वास नहीं करना चाहिए ।

क्योकि एसे लोगो को से तो स्वार्थी इंसान बढ़कर है । इस प्रकार तीनों शिष्यों ने अपनी गलती समझी और गुरु से माफी मांगी ।

अब मे आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की आपको ये Moral stories in Hindi for class 10 कैसा लगा ।  

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको मज़ेदार कहानी Moral stories in Hindi for class 10 के लिए दे सके ।

लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email करे । आपको ओर भी किसी विषय पर कहानी चाहिए तो कॉमेंट मे जरूर बताए ।

ओर इस Moral stories in Hindi for class 10 को अपने दोस्तो के साथ जरूर शेर करे । (please share)

Thanks for reading Moral stories in Hindi for class 10

 

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