पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध (पृथ्वी की एक खतरनाक समस्या)

दोस्तो, आज हम पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध को विस्तृत मे जानेगे । यह निबंध आपको स्कूल के हर क्लास मे ओर कॉलेज मे काम आने वाला है ।

हम इस निबंध मे पर्यावरण का हो रहा विनाश ओर अंधकार की तरफ जा रही दुनिया के बारे मे बात करेंगे । कितने हद तक हम पर्यावरण को हानी पहुंचाते हे उसको भी समजेंगे।

एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर हम रुके नहीं ओर आज जिस तरह से प्रदूषण कर रहे है, अगर ऐसा ही 50 साल तक चलता रहा, तो हमारा अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा । तब हम क्या जवाब देंगे हमारे बच्चो को ।

हम पर भरोसा करें, पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध को पढ़ने के बाद शायद ही आपके मनमे इसके बारे मे कोई संदेह रहेगा ।

तो चलिए शुरू करते है ।

 

Essay on environmental pollution- पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध

 

प्रस्तावना :

किसी ने पर्यावरण प्रदूषण के बारे मे क्या खूब लिखा हे की, हमे ये ग्रह हमारे पूर्वजो से उतराधिकार मे नही मिला बल्के अपने बच्चो से उधार मे मिला है । ओर उधार मे ली हुई चीज़ हमेशा वापस लोटानि होती है । 

लेकिन क्या आज हम अपने गिरीबान मे जांक कर देख सकते हे की हमने पृथ्वी को कितना सुरक्षित रखा ? क्या हमारी आने वाली वाली पेढ़ीयो के लिए पृथ्वी बिलकुल सही सलामत है?

तो शायद ही कुछ ही लोग इन प्रश्नो के जवाब दे पाएंगे । आखिर क्यू ?

एसा नहीं हे की सिर्फ भारत ही इस समस्या से जुज़ रहा हे बल्के दुनिया के सभी देश इस समस्या से बेचेन है । स्विट्जरलैंड ओर हॉलैंड जैसे कुछ देशो को छोड़कर बाकी सभी देशो क लिए ये एक बड़ी समस्या है ।

हररोज़ न जाने कितने पेड-पौधे काटे जा रहे है । जंगल मे आग होने के कारण भी पर्यावरण को बहोत गंभीर नुकसान हो रहा है । जैसा की अभी ऑस्ट्रेलिया के जंगल मे हुआ था ।

इस से निपटने से पहले हमे यह समजना होगा की पर्यावरण प्रदूषण एक लाइलाज बीमारी है । इसे सिर्फ रोका जा सकता है ।

इसके लिए हम सभी मानवजाति को समाधान का हिस्सा बनना पड़ेगा, प्रदूषण का हिस्सा नहीं ।

पर्यावरण का अर्थ क्या है ?

मानवो की भौतिक आवश्यकताओं को जो पूरा करता हे उसे पर्यावरण कहते है । हमारे आसपास का वातावरण भी एक तरह का पर्यावरण ही है ।

अगर हम कई सदियो पहले की बात करें, तो प्रकृति ने हमें एक स्वच्छ ओर सुंदर वातावरण दिया था । लेकिन जैसे-जैसे मनुष्य का विकास होता गया वैसे-वैसे लालची बनता गया ओर प्रकृति का विनाश करने लगा ।

paryavaran pradushan ki samsya

ओर इसी विकास ओर लालच के कारण आज मानव ने खुद को ओर पर्यावरण दोनों को खतरे में डाल दिया ।

वर्तमान मे विज्ञान बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है । क्योकि यह मानव जीवन को आरामदायक बनाता है । लेकिन दूसरी तरफ उसने पर्यावरण को भी बहुत नुकसान पहुंचाया है । ओर अपने ही अस्तित्व को चिह्नित किया है ।

प्रदूषण का अर्थ क्या है?

अगर हमे प्रदूषण को एक ही शब्द मे समजना हो तो, पर्यावरण के लिए हानिकारक चीजों को प्रदूषण कहते है ।

उदाहरण के तोर पर कारखाने का धुआं, गंदा पानी, वनों की कटाई, भूमि को प्रदूषित करना ओर ध्वनि को प्रदूषित करना आदि प्रदूषण मे शामिल है ।

paryavaran pradushan ke prakar

मनुष्य क्यो भूल जाता हे की वो सिर्फ इस भूमि पर केवल अतिथि है । हमे भी अन्य प्राणियों ओर पशु-पक्षियो की तरह एक अच्छा अतिथि बनना है ।

पर्यावरण प्रदूषण के प्रकार :

तो आइए समझते हैं कि मनुष्य पर्यावरण को कितने प्रकार से प्रदूषित करता है ।

जल प्रदूषण :-

पर्यावरण प्रदूषण मे सबसे पहला प्रकार हे जल प्रदूषण । सभी प्रकृति की प्रेरक शक्ति जल है । दुनिया मे मनुष्य को सबसे ज्यादा जल की जरूर पड़ती है । लेकिन फिर भी हम क्यो पानि को बहोत प्रदूषित करते है ।

paryavaran pradushan ka arth

उदाहरण के तोर पर, कारखानों ओर बड़ी-बड़ी फ़ैक्टरीयो से खतरनाक रासायनिक पानी निकलकर नदियों और महासागरों मे मिलता है । जिसकी वजह से बड़ी मात्रा में जल प्रदूषित होता है ।

ओर इस प्रदूषण का भुगतान पानी मे रहे जीवो को देना पड़ता है । कई मछलीया और अन्य जीवो को इन प्रदूषण के कारण अपना जीव देना पड़ता है ।

वायु प्रदूषण :-

क्या कोई व्यक्ति 5 मिनट तक आपनी सांसे रोक सकता है ? सभी का जवाब ना ही होगा । क्योकि उसी से हम सब जिंदा है ।

लेकिन अगर हम समजे नहीं ओर इसी तरह वायु को प्रदूषित करते रहे तो हमारी आने वाले पेढ़ियो की की हालत बहोत बुरी हो जाएगी । क्योकि प्रदूषण मृत्यु हे ओर वायु जीवन ।

paryavaran pradushan ke karan

परंतु आज पर्यावरण का सबसे प्रदूषित हिस्सा वायु है । क्योंकि आज मोटर-साइकिल, कार, ट्रक आदि जैसे उपकरणों की संख्या लगातार बढ़ रही है । और इसके कारण पेट्रोल और डीजल की खपत भी बढ़ रही है ।

दूसरी तरफ जनसंख्या वृद्धि के कारण घरों में रेफ्रिजरेटर और AC बढ़ गए है । उनसे निकलने वाली सीएफसी गैस ओजोन परत को बहोत नुकसान पहुंचाती है । ओर अंत मे इन सभी से वायु को बहुत नुकसान होता है ।

भूमि प्रदूषण :-

मनुस्य की भूख को मिटाने वाला अनाज भूमि पर ही उगता है । लेकिन मानवी ने तो उसको भी नहीं छोड़ा । वर्तमान मे जहा देखो वहा कचरा-ही-कचरा नज़र आता है ।

भूमि पर सबसे ज्यादा नुकसान प्लास्टिक करता है । ओर आज सबसे ज्यादा उत्पादन प्लास्टिक का ही हो रहा है ।

ओर प्लास्टिक इतना मजबूत होता हे की अगर मिट्टी मे गाड दिया जाए फिर भी 50 साल तक वो वैसा ही रहेगा । लेकिन फिर भी आज सबसे ज्यादा उत्पादन प्लास्टिक का हो रहा है ।

कोई व्यक्ति अगर अपने आस-पास सफाई नहीं कर सकता तो इसे गंदा तो ना करे ।

शोर प्रदूषण :-

आवृत्ति के साथ तुच्छ शोर को प्रदूषण कहा जाता है । प्रदूषण कभी भी समृद्धि का मूल्य नहीं होना चाहिए ।

लेकिन आज की सादियो मे जब तक पार्टियों और डीजे नहीं बजते तब तक वो सादी नहीं कहलाई जाती । ईसके अलावा कारखानो के बड़े-बड़े मशीनों के शोर भी प्रदूषित करते है ।

एक मनुष्य जब ज्यादा शोर करेगा या सुनेगा तो उसको तनाव ओर मानसिक की बड़ी गंभीर बीमारी हो सकती है ।

प्रदूषण के कारण :-

एक लेखक ने प्रदूषण के बारे मे जबरदस्त लिखा था की, यदि आप प्रदूषण को नही मारते है, तो यह आपको जारूर मार देगा । इसलिए हमे प्रदूषण को मारना यानि उसको साफ करना जरूरी है ।

जंगल का विनाश :-

वर्तमान मे अगर प्रदूषण बढ्ने का मुख्य कारण देखा जाए तो वो बड़े पैमाने पर हो रहे जंगलो का विनाश है । आज पेड-पौधो के जंगल नष्ट हो गए और पत्थरो के जंगल का विकास तेजी से हो रहा है ।

पेड़ो का उपयोग मनुष्यों द्वारा घर के फर्नीचर और कई अन्य तरीको से कागज बनाने के लिए किया जाता है । इसी वजह से पेड़-पौधो की संख्या दिन-प्रतिदिन घटती जा रही है ।

paryavaran pradushan ke dushprabhav

वनों की कटाई का सीधा असर बारिश पर पड़ता है । जिसके कारण कई बार बारिश ज्यादा आने से नदियां मे बाढ़ आ जाती हे ओर कई बार कम बारिश से अकाल की स्थिति बन जाती है ।

इसके अलावा वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है और कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है । क्योकि पेड़-पौधे ही हमे ऑक्सीज़न देते है ।

औद्योगिक और तकनीकी विकास :-

औद्योगिक और तकनीकी विकास से मनुष्य का बहुत विकास हुआ है । मानवी की ज़िंदगी बहोत आरामदायक बन गयी है । लेकिन इसमे भुगतना कुदरत को पडता है ।

पुराने गृह उद्योग और आज के तकनीकी उद्योग के बीच एक बड़ा अंतर है । देखा जाय तो तकनीकी विकास समय की बचत करता है ।

लेकिन इस तरह की तकनीक मे बहोत मशीनों का धुआं, गंदा पानी और कचरा जमीन, पानी और हवा को नुकसान पहुंचाता है । ओर यही भूकंप और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं का कारण बनता है ।

परमाणु बम विस्फोट :-

आज हर देश शक्तिशाली बनना चाहता है । इसलिए अर्थशास्त्र से लेकर टेक्नोलोजी तक ओर बम से लेकर हथियारों तक हर चीज़ मे एक दोड़ है । इसमे से एक चीज़ हे बम ।

आज सभी देश परमाणु, अणु और हाइड्रोजन बम को बनाने मे ओर परीक्षण करने मे लगे रहते है । जिसकी वजह से हवा और जमीन को बहुत नुकसान पहुंचता है ।

इस से भी अधिक खतरा तो तब हे जब एक देश दूसरे देश पर एसे खतरनाक बॉम्ब मारता है । आप सोच सकते ही की नुकसान कितना भयानक होगा । 

ये बॉम्ब इतने खतरनाक हे की बमबारी की जगह पर पैदा होने वाले बच्चे भी विकलांग होते है । (जैसे हिरोशी और नागासाकी में हुआ था)  

यह प्रदूषण के साथ-साथ मानव जाति के लिए बहुत बड़ा नुकसान है । (पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध)

पर्यावरण प्रदूषण को कैसे नियंत्रित करे :-

किसी भी प्रदूषण का निर्माण करना आसान हे लेकिन इसके प्रभाव को हल करना बहोत मुश्किल है ।

एसे प्रदूषण को रोकने के लिए हमे सबसे पहले सभी देशों का एक गठन करना होगा । ताकि सभी देश मिलकर इन प्रदूषण को निपटने पर गंभीर चर्चा कर सके ।

इसके अलावा प्रत्येक देश को अपनी रिपोर्ट देनी चाहिए । ओर इसके समाधान के लिए हर देश को यह सोचना चाहिए की इन प्रदूषणों से कैसे बचें ?

paryavaran pradushan evm sarakshan

लेकिन आप के मनमे प्रश्न होता होगा की ऐसे संघठन तो पहले से हे तो फिरसे संघठनो को बनाने की क्या जरूरत है ?

हमे भी पता हे की, एसे बहोत संघठन है । लेकिन अगर आप ध्यान से इन की रिपोर्ट्स पढे तो आपको पता चलेगा की इन संघठनो में से कुछ देश अपने स्वयं के लाभ को देख रहे है ।

इसके अलावा हमारे देश में जल का ज्यादा प्रदूषण बड़ी कंपनियों और कारखानों करते है । अगर उनको कानून के सख्त अनुपालन के तहत लाया जाए तो कुछ हद तक हम जल को प्रदूषित होने से बचा सकते है ।

ओर अगर कोई कंपनी या कारख़ाना निर्धारित से अधिक प्रदूषण करे तो उसे बंद करने पर मजबूर करनी चाहिए । उसके साथ-साथ उस खराब पानी को पुन: उपयोग किया जाए एसी तकनीक का भी विकास करना चाहिए ।

वायु प्रदूषण से बचने के लिए देश में एलपीजी, सीएनजी के उपयोग को बढ़ाना होगा ।

इस के साथ-साथ हमे पेट्रोल और डीजल के वाहनों को कम करके इलेक्ट्रॉनिक्स वाहनों और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना होगा । इस से हम कुछ हद तक हवा को प्रदूषित होने से बचा सकते है ।

प्लास्टिक के लिए भी हमे कुछ उपाय निकालने चाहिए । इसके लिए हमे प्लास्टिक को जलाने के बजाए हमे उसको रीसाइकलिन करके फिर से उपयोग मे आए एसी कुछ व्यवस्था करनी चाहिए ।

लेकिन सबसे बेहतर यह उपाय हे की, आपकी अगली जो पेढ़ी यानी जो बच्चे स्कूल मे हे उन्हें प्रदूषण के बारे में ज्यादा-से-ज्यादा जागरूक करने चाहिए ।

लेकिन आपके मनमे प्रश्न होता होगा की कैसे ?

इसके लिए आप स्कूल में प्रदूषण पर नई योजनाएं प्रदान कर सकते है । इसके अलावा कुछ भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता, युवा छात्रों के बीच प्रदूषण पर बहस (debate) का आयोजन करना चाहिए ।

बच्चों को पर्यावरण की सेवा के लिए भेजना चाहिए ओर उन्हें पोस्टर बनाने के लिए देना चाहिए ।

इससे उनके अंदर जागरूकता तो पेदा होगी ही बल्के बच्चो को उसमे मज़ा आएगा । उसके बाद वो बच्चे खुद ही पर्यावरण की रक्षा करेंगे ।

5 जून को बहुत होशपूर्वक विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है । उस दिन लोग प्रदूषण को मिटाने की एक नाकाम कोशिश करते हे ओर जागरूकता फेलाते है ।

लेकिन क्या हमे एक दिन के लिए ही पर्यावरण को बचाना है ? तो बाकी के 364 दिन क्या हमे पर्यावरण को नुकसान करना है ?

और यदि नहीं तो आइए आज से हम अपने घर से पर्यावरण की रक्षा करते हे ।

सबसे पहले हमे पानी को प्रदूषित करने से बचना होगा । सड़कों पर कूड़ा फेंकने के बजाय उसे कूड़ेदान में फेंकना होगा ।

जीवन मे हमे एक नियम बनाना चाहिए की हर महीने 1 पेड़ लगाएंगे और उसकी देखभाल करें । क्योकि अगर प्रकृति हमको इतना सबकुछ देती हे तो हम इसके लिए इतना तो कर ही सकते है ।

इसके अलावा जितना हो सके हमे उतना कम प्लास्टिक का इस्तेमाल करना चाहिए । बिजली के उपकरणों का उपयोग ज्यादा-से-ज्यादा करें ओर पेट्रोल और डीजल की खपत कम करें ।

अगर हम खुद यह काम करेंगे तो निश्चित रूप से पर्यावरण में बदलाव जरूर आएगा । ओर कुछ सालो मे प्रदूषण कम जरूर होगा । (पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध)

निष्कर्ष :-

अँग्रेजी की बड़ी अच्छी कहावत हे की, Stopping pollution is the best solution

अब मे आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की आपको ये पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध कैसा लगा ?

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको सरल ओर साधारण भाषा मे पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध को दे सके ।

लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email जरूर करे । आपको और भी किसी विषय पर निबंध चाहिए तो कॉमेंट मे जरूर बताए ।

क्या अब आप लोग प्रदूषण करेंगे ? या उसको रोकने मे मेरी मदद करेंगे । अगर मेरी मदद करना चाहते हे तो इसे शेर जरूर करे । (please share)

Thanks for reading (पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध)

 

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