गणतंत्र दिवस पर भाषण (2020)- Republic day speech in Hindi

आज हम republic day speech in hindi यानि 26 जनवरी पर भाषण के बारे मे विस्तृत जानेगे ।

अगर आप 2020 मे 26 जनवरी पर भाषण हिंदी में देना चाहते है ओर इसकी तलाश मे हैं तो हम आपकी मदद करेंगे ।

इस speech on republic day in hindi को स्कूल के अध्यापक ओर छात्र, ऑफिस के कर्मचारी आदि इसका उपयोग कर सकते है ।

इस मौके पर स्कूल, कॉलेज ओर विश्वविद्यालय में प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है । उसमे भी आप इस स्पीच का उपयोग कर सकते है ।

कई लोग भाषण (स्पीच) के नाम से ही घबरा जाते हैं आखिर क्यो ?

आप एक बार इस Republic day speech in Hindi मे दी गयी माहिती को पूरा पढे । इसके बाद आप खुद कहेंगे की, वास्तव में भाषण या स्पीच देना एक आसान काम है ।

भाषण देते वक्त इन बातो का जरूर ध्यान रखे :

अपनी स्पीच को शुरू करने से पहले आप मंच पर जाकर उपस्थित सभी लोगों का अभिवादन करें । उसके बाद अपना परिचय देंते हुए अपना नाम ओर कौन-सी कक्षा में पढ़ते हैं वो बताएं ।

किन्तु आप स्कूल मे नहीं किसी ओर आयोजन में गणतंत्र दिवस की स्पीच दे रहे हैं तो अपनि संस्था का नाम भी बताएं ओर मोजूद सभी लोगो को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दें ।

फिर अपने आयोजनकर्ता या शिक्षक का धन्यवाद करें जिन्होंने इस महान अवसर पर मंच पर आकर बोलने का मौका दिया है ।

स्पीच के दौरान गणतंत्र दिवस से जुड़ी किसी घटना को भी बता सकते हैं ।

हम पे विश्वास रखिए, यदि आपने हमारे दिये गए इस Republic day speech in Hindi को पूरा पढ़ा तो आपके भाषण (स्पीच) से सारे लोग बहोत खुस हो जाएंगे ओर चारो तरफ तालियों की आवाज गूंज उठेगी ।

आपको अगर विद्यालय मे भारत के गणतंत्र दिवस पर भाषण देने का अवसर मिलता हे तो इसे जाने न दे । आपको एक प्रभावी भाषण देने के लिए अपने अंदर सिर्फ आत्मविश्वास लाना है ।

आपको Republic day speech in Hindi कहाँ से शुरू करना है ? एक सुनियोजित भाषण कैसा होता है ? आपको भाषण मे क्या बोलना हे ? ओर कैसे आपको लोगो का पूरा ध्यान अपने तरफ रखना है ? वो सब कुछ हम आपको सिखाएँगे ओर आपकी सहायता करेंगे ।

अब अपनी स्पीच शुरू करे :

सम्मानित मुख्य अतिथि, शिक्षकगण और मेरे प्यारे दोस्तों । सबसे पहले मैं आपको गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता/देती हूं । मेरा नाम ___ है और मैं कक्षा __ में पढ़ता हूँ ।

यहा बेठे सभी लोगो को पता है की आज हम यहां हमारे भारत देश के बेहद खास अवसरो मे से एक यानि 71 वां गणतंत्र दिवस मनाने इकट्ठा हुए हैं । गणतंत्र दिवस पर कुछ भी बोलना ये मेरे लिए सौभाग्य है ।

हम सब भारतवासियो को पता हे की, गणतंत्र दिवस हमारे लिए न सिर्फ एक पर्व है, बल्कि गौरव और सम्मान है, ओर हर भारतीय का अभिमान है ।

लेकिन फिर भी मे आपको बता देना चाहता हु की आखिर गणतंत्र दिवस का महत्व क्या है ? ओर इसे क्यो गणतंत्र दिवस ही कहा जाता है ?

भारत में 26 जनवरी 1950 को लोग देश का गणतंत्र दिवस मनाते हैं क्योकि इसी दिन भारत का संविधान लागू होकर देश एक स्वतंत्र गणराज्य बना था ।

लेकिन आपके मनमे प्रश्न होता होगा की आखिर 26 जनवरी 1950 को ही क्यो गणतंत्र दिवस के रूप में चुना गया ?

क्योकि 15 अगस्त 1947 से पहले भारत एक गुलाम देश था । कई लोगो की कुर्बानी के बाद हमारे प्यारे भारत देश को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी । लेकिन उस वक्त भारत एक स्व-शासित प्रदेश यानि संप्रभु राज्य नहीं था ।

इसके पहले भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने साल 1929 में इसी दिन को भारत को स्वतंत्र घोषित किया था किन्तु उस वक्त हमारे देश को पूर्ण स्वराज नहीं मिला था ।

फिर 26 जनवरी 1950 को भारत सरकार अधिनियम 1935 को हटाया गया ओर भारत का संविधान लागू किया गया ।

इसी दिन की सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर भारत एक गणतंत्र ओर आत्मनिर्भर देश बना । इस के छह मिनट बाद यानि 10 बजकर 24 मिनट पर हमारे पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने शपथ ली ।

हमारे संविधान की कुछ रोचक बाते जिसे आप भाषण के दरमियान खास तौर पर बताए, लोग सुनते रह जाएंगे ।

हमारे देश का संविधान बनने की कहानी कम रोचक नहीं है । आप जानते होंगे कि संविधान को बनाने मे 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे थे ।

हमारे संविधान को पांडुलिपि मे लिखा गया था । पांडुलिपि में पेज की संख्‍या 234 है ओर वजन कुल 13 किलो है । प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने संविधान की मूल प्रति को हिंदी और इंग्लिश मे लिखा था ।

ओर हेरानी की बात तो यह हे की, संविधान को लिखने मे कहीं भी प्रिंटिंग या टाइपिंग का उपयोग नहीं किया गया ।

हमारे संविधान को एक विशेष प्रकार के चर्मपत्र पर तैयार किया गया था । एसा माना जाता हे कि, करीब 1 हजार से भी अधिक वर्ष तक ये चर्मपत्र सुरक्षित रह सकता है ओर इसे दीमकों या सूक्ष्‍मजीवों से भी कोई नुकसान नहीं होता ।

संविधान को निर्माण करने की समिति में कुल 284 सदस्‍य थे जिनमे 15 महिलाएं थीं  । इन सभी सदस्यो ने 24 नवंबर 1949 को संविधान पर दस्‍तखत किए थे ।

जब हमारे संविधान लागू किया गया तब उस में कुल 395 आर्टिकल, 8 अनुसूचियां ओर 22 भाग थे ।

भारत के गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथिओ मे से सबसे पहले अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो थे ।

यू तो गणतंत्र दिवस पूरे भारतभर में धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन हमारी देश की राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री ओर राष्ट्रपति द्वारा गणतंत्र दिवस मनाया जाता है ।

ये दोनों इंडिया गेट पर रही अमर जवान ज्योति पर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं । उसके बाद राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार, अशोक चक्र और कीर्ति चक्र जैसे महत्वपूर्ण सम्मान दिए जाते हैं ।

इसके बाद हमारी सेना द्वारा भव्य परेड निकाली जाती है । जो देश की सैन्य ताकत, देश की एकता और अखंडता को दर्शाती है ।

मैं अपने भाषण (स्पीच) को समाप्त करने से पहले आपको याद दिला दूं की, जब हमारा देश अंग्रेज़ो की गुलामी मे था तब भारत के लोगों को सोचने की भी आजादी नहीं थी ।

लेकिन अपने वतन से बेहत मोहब्बत करने वाले ओर कुछ आजादी के दीवाने युवा देश को आजाद कराने के सपने देखते थे ।

जिस वक्त इन युवाओ की उम्र स्कूल और कॉलेज जाकर अपना भविष्य बनाने की थी तब ये देश को आजाद कराने के जुनून मे अंग्रेज़ो से लड़ कर फांसी के फंदे पर लटक गए थे ।

मे यहा बेठे हर आदमी से ये प्रश्न पूछना चाहता हु, की क्या आज ऐसा उत्साह हमारे देश के युवाओं में देखने को मिलता है ?

शायद इसका जवाब हमारे पास ना हो क्योकी आए दिन हम देखते हे की अशिक्षा, भ्रष्टाचार, ग्लोबल वॉर्मिंग, आतंकवाद, नक्सलवाद, हिंसा, बलात्कार, असमानता ओर गरीबी जैसी कई बीमारियां हमारे देश मे बड़ी तेजी से फैल रही है ।

पूर्व राष्ट्रपति डॉ.अब्दुल कलाम ने कहा था कि, कोई भी देश अगर भ्रष्टाचार से मुक्त होता है तो वो सुंदर मस्तिष्क जैसा एक राष्ट्र बनता है ।

हमारा देश जब तक इन समस्याओं से बाहर नहीं निकलेगा तब तक हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का सपना पूरा नहीं होगा ।

हम सभी भारतवासीयो को एक होकर इन सभी समस्याओं को खत्म करनी होगी तभी श्रेष्ठ और विकसित भारत का निर्माण होगा ।

देश की भावी पीढ़ी से मेरा यही निवेदन है कि कुछ न सही तो अपने देश के लिए थोड़ा सा योगदान तो दें । फिर चाहे वो देश में लोगों की मदद करना हो, नए रोजगार पैदा करना या देश की रक्षा में योगदान देना हो ।

किसी ने क्या खूब लिखा है की,

कन्धों से कंधे मिलते है, कदमो से कदम मिलते हैं, हम चलते हैं जब ऐसे तो ,दिल दुश्मन के हिलते हैं ।

इसी के साथ में अपने भाषण ओर वाणी को विराम देना चाहूँगा ।

मुझे यहा भाषण देने के लिए ओर मेरे इस Republic day speech in Hindi को इतने धीरज ओर शांति से सुनने के लिये आप सभी का धन्यवाद ।

आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की, आपको ये speech on republic day in hindi का भाषण कैसा लगा ?

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आप सभी वाचको को सरल ओर साधारण भाषा मे 26 January speech in hindi 2020 को दे सके ।

लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email करे । आपको ओर भी किसी विषय पर स्पीच चाहिए तो कॉमेंट मे जरूर बताए ।

ओर इस लेख को अपने स्कूल के प्रिय मित्र तक जरूर पाहुचाए । (please share)

Thanks for reading Republic day speech in Hindi

जय हिंद… जय भारत

माँ किसको नहीं पसंद, माँ के प्यार भरे तथ्यो को जाने – click here

दुनिया को बर्बाद करने वाला बड़ा कारण – click here

Leave a Comment