स्वच्छता पर निबंध (2021)- Essay on Swachata in Hindi

दोस्तो, आज हम स्वच्छता पर निबंध जानेगे । यह निबंध आपको स्कूल, कॉलेज और कई जगहो पर काम आने वाला है ।

हम इस निबंध मे स्वच्छता के महत्व के बारे मे जानने वाले है ।

इसके साथ-साथ हम यह भी समजेगे की आखिर क्यो, हमारे जैसे विकासशील देशो को स्वच्छता की बहोत जरूरत है ?

हम पर भरोसा करें, स्वच्छता पर निबंध पढ़ने के बाद शायद ही आपके मनमे इसके बारे मे कोई संदेह रहेगा ।

तो चलिए शुरू करते है ।

 

Essay on Swachata in Hindi- स्वच्छता पर निबंध

 

प्रस्तावना :-

स्वच्छता यानि मनुष्य का मन, शरीर और उसके आस-पास की सारी चारों को साफ-सुथरा रखना । मनुष्य जीवन मे स्वच्छता एक आवश्यक गुण है ।

हर इंसान को अपने आस-पास स्वच्छता रखनी ही चाहिए । क्योकि स्वच्छता मनुष्य को बिमारियों से दूर रखती है ।

और जब एक मनुष्य बिमारियों से दूर रहता है, तो उसका शारीरिक और मानसिक विकास बहोत अच्छा होता है ।

स्वच्छ वातावरण मे रहने वाले लोगो का मन शांत होता है । एसे लोग समाज और देश को एक बेहतर सोच प्रदान करते है ।

इसीलिए हमेशा अपने आस-पास स्वच्छता रखने की पूरी कोशिश करे ।

 

स्वच्छता का अर्थ :-

स्वच्छता यानि सफाई । स्वच्छता को साधारण भाषा मे समजे तो मनुष्य का तन, मन और आस-पास की सभी चीज़ों को स्वच्छ रखना ।

गांधी जी ने स्वच्छता के लिए बड़ा खूबसूरत वाक्य कहा था की, स्वच्छता ही सेवा है ।

अगर अपने देश की सेवा करना चाहते हो, तो अपने देश को स्वच्छ रखना शुरू करदे ।

और हमारे देश के लिए तो स्वच्छता बहोत जरूरी है । क्योकि हमारे देश मे जनसंख्या और बीमारियाँ दोनों ज्यादा है ।

swachata ka mahatva

अगर हमने समय रहते देश मे फैली गंदगी को साफ नहीं किया, तो बड़ी खतरनाक बीमारिया उत्पन्न होने का डर है ।

इससे ना सिर्फ लोग बीमार होंगे बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी गंभीर रूप से प्रभावित होगी । इसी कारण हमारे जैसे देशो के लिए तो स्वच्छता पर ध्यान देना बहोत जरूरी है ।

फिर भी देश के कई लोगो के लिए तो स्वच्छता का अर्थ है, सिर्फ अपने आपकी या अपने घर की सफाई करना ।

जबकि स्वच्छता का अर्थ तो, घर के साथ-साथ अपने मन और आस-पास के जगहो को भी साफ करना था ।

और लोग तब तक स्वच्छता के सही अर्थ को नहीं समज पाएंगे, जब तक स्वच्छता को अपनी दिनचर्या मे शामिल ना करदे ।

 

स्वच्छता की आवश्यकता क्यो है ?

स्वच्छता की सबसे पहली आवश्यकता यह है की, साफ-सुथरा रहना और अपने आस-पास सफाई रखना मनुष्य का प्राकृतिक गुण है ।

एक मनुष्य के जीवन के लिए जिस तरह भोजन, जल, वायु, घर और कपड़े जरूरी है, उसी तरह स्वच्छता भी जरूरी है ।

क्योकि अगर आप आपने आस-पास स्वच्छता नहीं रखेंगे तो मलेरिया, हैजा, पीलिया जैसी खतरनाक और जानलेवा बीमारियां जन्म लेगी । जिससे ना सिर्फ आपको बल्के आपके आने बच्चो को भी खतरा है ।

लेकिन अगर आप अपने आस-पास स्वच्छता रखेंगे तो एसी जानलेवा बीमारियां आपसे कोशो दूर रहेगी । इसीलिए स्वच्छता हमारे लिए आवश्यक है ।

स्वच्छता ना सिर्फ मानवी को शारीरिक रुप से बल्के मानसिक रुप से भी स्वस्थ रखती है ।

Essay on Swachata in Hindi

इसके अलावा जब आपके आस-पास गंदगी बहोत ज्यादा होती है तब मच्छर, कीड़े-मकौड़े, चूहे, सांप, बिच्छू, कॉकरोच, मक्खी और कई प्रकार के किटाणु आपके आस-पास पनपते है ।

जिससे ना सिर्फ बीमारी फैलने का डर है, बल्के साँप और बिच्छू जैसे जहरीले जानवरो के डसने से किसी की मौत भी हो सकती है । इसकी वजह से भी स्वच्छता रखना बहोत जरूरी है ।

एसा कहा जाता है की, स्वच्छ मनुष्य का मन हमेशा प्रसन्न रहता है । परंतु गंदगी से मनुष्य तनाव और टेंसन मे रहता है । इसके लिए भी हमे साफ-सफाई करना जरूरी है ।

और एसी कई आवश्यकताए है, जिससे हमारे आस-पास सफाई रखना बेहद जरूरी है ।

 

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स्वच्छता का महत्व :-

भारतीय संस्कृति मे कई सदियो से यह मान्यता है की, जहा स्वच्छता होती है वहा लक्ष्मी का वास होता है । इसके अलावा हमारे धर्मग्रन्थों मे भी साफ-सफाई के बारे मे निर्देश दिए गए है ।

गांधीजी ने स्वच्छता के बारे मे क्या खूब कहा था की, भक्ति के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण चीज स्वच्छता है ।

क्योकि जीवन के सभी पहलुओ को स्वच्छता प्रभावित करती है । स्वच्छता से हम जानलेवा बीमारियो से बच सकते है ।

शारीरिक स्वच्छता के साथ-साथ हमे वैचारिक स्वच्छता भी जरूरी है, क्योकि वैचारिक स्वच्छता मानवी को एक अच्छा व्यक्ति बनाती है ।

एसे लोग ना सिर्फ अपना बल्के दूसरों का भी भला सोचते है । और जब पूरा भारत एसी सोच रखेगा तो देश को स्वच्छ बनने मे देर नहीं लगेगी ।

इसीलिए कभी भी स्वच्छता से समझौता नहीं करना चाहिए । हम मानवीओ के लिए स्वच्छता उतनी ही आवश्यक है, जितना कि भोजन और पानी ।

swachata ka mahatva in hindi

आपने भी देखा होगा की, स्वच्छ व्यक्ति के चहरे पर एक तेज होता है । उसको सभी लोग आदर की दृष्टि से देखते है ।

लेकिन जो व्यक्ति अस्वच्छ होता है, उसके पास कोई भी नहीं बैठता । कोई भी व्यक्ति एसे लोगो का आदर-सम्मान नहीं करता ।

इसलिए हमेशा स्वच्छ रहे और अपने आस-पास भी स्वच्छता रखने की पूरी कोशिश करे ।

 

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अस्वच्छता की वजह से होने वाली हानियाँ :-

स्वच्छता के जीतने फायदे है, उतनी ही अस्वच्छता की हानियाँ है ।

कई लोग कूड़े-कचरे को नदी-नालियो मे फैक कर प्रकृति को गंदा करते है । जिसकी वजह से वहा पर कई चिजे सड़कर बदबू पैदा करती है ।

कई बार बदबू इतनी ज्यादा हो जाती है की, वहां से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है ।

एसी जगहो के आस-पास की धरती, जल, और वायु भी प्रदूषित हो जाता है । और इसी समय खतरनाक बीमारिया पैदा होती है ।

इनहि रोगो से लोग बीमार होते है, जिससे उनके जीवन मे भी शांति और खुशहाली नहीं रहती ।

swacchta ka mahatv par nibandh

इसीलिए तो किसी ने क्या खूब लिखा है की, सभी रोगों की सिर्फ एक ही दवाई हर घर में रखो साफ-सफाई । (स्वच्छता पर निबंध)

इसके अलावा फ़ैक्टरि और कारखानो से निकलने वाला रसायनिक और भौतिक कचरा जब नदी-नालो मे बहा दिया जाता है, तब मलेरिया, हैजा और डायरिया जैसी कई गंभीर बीमारिया उत्पन्न होने का डर रहता है ।

अस्वच्छता देश के विकास के लिए भी बाधा डालती है । क्योकि अस्वच्छता से देश मे बीमारिया फैलती है । जिससे बड़े पैमाने पर देश का और देश मे रहे लोगो का नुकसान होता है ।

एक अनुमान से पता चला की, भारत मे सिर्फ शहर के लोग ही हर वर्ष 62 मिलियन टन कचरा उत्पन्न करते है । परंतु उसमे से केवल 43 मिलियन टन कचरे को एकत्र कर किया जाता है । (स्वच्छता पर निबंध)

और हेरानी की बात तो यह है की, उसमे से मात्र 12 मिलियन टन कचरे का ही निपटान किया जाता है । जबकी 31 मिलियन टन कचरे को नगरपालिका द्वारा लैंडफिल साइटों में जलाया जाता है ।

लेकिन उसमे से बाकी का 19 मिलियन टन कचरा आखिर कहा गया ? क्यो एसे कचरो को इधर-उधर फैक दिया जाता है ?

और क्यो उन्हे प्रदूषण फैलाने के लिए युही छोड़ दिया जाता है ? यह सब प्रश्न हमे सरकार से पूछने की जरूरत है ।  

 

क्या है स्वच्छता के उपाय?

दुनिया मे बसी हर चीज़ के उपाय है । हमे सिर्फ उन उपायो को दैनिक जीवन मे लाने की जरूरत है ।

स्वच्छता के भी कई उपाय है । इसके लिए हमे सबसे पहले साफ-सफाई को महत्व देना शुरू करना होगा ।

हमे अपने घर के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्रों की भी साफ-सफाई करनी होगी ।

जिससे कई रोगों के कीटाणु नष्ट हो जाएंगे । और जब कीटाणु नहीं होंगे तो बीमारी उत्पन्न होने का कोई डर ही नहीं होगा ।

इसके अलावा वेश-भूषा और खान-पान की चीज़ों से स्वच्छता का सीधा सबंध है ।

हमे खाने-पीने की चीज़ों पर विशेष ध्यान देना होगा । अगर बाज़ार से हम खाने की कोई भी चीज़ लाये तो उसे साफ करके ही खाये । (स्वच्छता पर निबंध)

जैसे की अगर हम बाज़ार से कोई फल या सब्जी लेकर आए, तो उसे धोकर ही उपयोग करे ।

घर पर पीने के पानी को हमेशा ढक कर साफ बर्तन मे रखे । जिससे गंदे कीटाणु हमारे पीने के पानी से दूर रहे ।

इसके अलावा हमे अपने शरीर की स्वच्छता का भी ध्यान रखना जरूरी है । इसके लिए हमे हररोज स्नान करना चाहिए, समय समय पर नाखूनों को काटना चाहिए और शरीर की गंदगी को दूर करना चाहिए ।

स्नान करने से शरीर के गुप्त भागो पर छिपे कीटाणुओं को नष्ट किया जा सकता है ।

और इन सभी उपायो को हमे लोगो तक पहोचाने की कोशिश करनी चाहिए । क्योकि जब तक सामान्य लोग इन चीज़ों को नहीं समजेगे तब तक देश स्वच्छ नहीं होगा ।

इसके लिए हमे ज्यादा-से-ज्यादा लोगो को स्वच्छता के बारे मे जागरूक करना होगा । उनको अस्वच्छता की हानिया और स्वच्छता के फायदे बताने होंगे । (स्वच्छता पर निबंध)

उनको बताना होगा की स्वच्छता रखना सिर्फ सरकार का काम नहीं है, इसमे हम सभी नागरिकों को आगे आकर सरकार का साथ देना होगा ।  

तभी हम देश को स्वच्छ कर सकेंगे और उसे विकसित राष्ट्र बनाने का सपना पूरा करेंगे ।

 

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स्वच्छता के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाएं :-

आपको लगता होगा की भारत मे हर जगह कूड़ा-कचरा फैला हुआ है, इसके लिए सरकार जिम्मेदार है । सरकार स्वच्छता के लिए कोई काम ही नहीं कर रही होगी ।

लेकिन आपकी यह बात गलत है । क्योकि सरकार ने भारत को स्वच्छ करने के लिए कई योजनाए बनाई है ।

जिसमे सबसे पहली है, प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत अभियान । इसे वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को महात्मा गांधी की 145वीं जयंती पर लागू किया था ।

इसे नई दिल्ली के राजघाट जगह से शुरू किया गया था ।

इसका लक्ष्य भारत के हर गांव और शहरो की सफाई करके उनको स्वच्छ करना था ।

इस अभियान के अलावा प्रधानमंत्री शौचालय योजना भी बनाई गयी थी । इसे बनाने का मुख्य उदेश्य भारत के हर ग्रामीण इलाको तक शौचालाय बनवाने का था ।

इस योजना के तहत भारत सरकार शौचालय बनाने के लिए 12000 रुपयो की धनराशि दी जाती थी ।

इसके अलावा स्वच्छता के दो बड़े पहलू, प्लास्टिक बंद और वृक्षारोपण को लेकर भी भारत सरकार द्वारा कई कार्य किए गए थे । (स्वच्छता पर निबंध)

परंतु क्यो यह सभी योजनाए और कार्य सफल नहीं रहे ?

इसके जिम्मेदार हम है, क्योकि जब तक सामान्य नागरिकों का साथ सरकार को नहीं मिलेगा तब तक एसी हजारो योजनाए असफल रहेगी ।

इसलिए सरकार का साथ देकर इन योजनाओ को सफल बनाने की पूरी कोशिश करे ।

किसी ने क्या खूब लिखा है की, हम सभी का अब एक ही नारा बस साफ सुथरा हो देश हमारा।

 

निष्कर्ष :-

इतना सब कुछ जानने के बाद शायद अब आप लोगो को पता चल गया होगा की, आखिर हमारे जैसे विकासशील देशो के लिए स्वच्छता कितनी जरूरी है ?

लेकिन फिर भी आज के आधुनिक दौर मे हम सभी ने स्वच्छता को एक किनारे पर रख दिया है । मानो जैसे हमे स्वच्छता की कोई जरूरत ही ना हो । 

जबकि स्वच्छता तो हर मनुष्य के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा था । अगर समय रहते हमने स्वच्छता को नहीं अपनाया तो हमारी आने वाली पीढ़ियो के लिए हम एक खतरा बना रहे है ।

इसीलिए अंत मे आपसे एक प्रश्न पूछना चाहता हु की, क्या अब आप लोग अपने आस-पास स्वच्छता रखेंगे या नहीं ? इसका जवाब कमेंट मे जरूर दे ।

और आपको यह स्वच्छता पर निबंध (Essay on Swachata in Hindi) कैसा लगा ?

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको सरल ओर साधारण भाषा मे स्वच्छता पर निबंध दे सके । लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email करे ।

और अगर आपको इस निबंध से कुछ भी लाभ हुआ हो तो इसे शेर करना न भूले । (please share)

Thanks for reading स्वच्छता पर निबंध

 

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