स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध (बड़े मज़ेदार तथ्यो के साथ)

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दोस्तो आज हम swachh bharat abhiyan essay in hindi यानि स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध के बारे मे विस्तृत मे जानेगे ।

मेरी आपसे बिनती हे की इस swachh bharat abhiyan essay in hindi को पढ़ने से पहले नीचे दियी गयी माहिती पढ़ कर ही आगे बढ़े क्यूकी हम नहीं चाहते की बाद मे आपको कोई प्रोब्लेम हो ।

आप लोग इस लेख को नीचे दिये गए सारे टोपिक्स मे उपयोग कर सकते है ।

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लेकिन आपके मनमे प्रश्न होता होगा की आखिर इन सब के लिए एक ही लेख कैसे काफी हे ?

तो हम आपको बता देना चाहता हे की हमने इसको बहोत ही अच्छी तरह जांच कर लिखा हे ताकि आपको निबंध, स्पीच, लेख ओर प्रोजेक्ट इन सभी के लिए अलग-अलग जगह खोजना न पड़े ।

हमापे विश्वास रखिए, इस लेख को पढ़ने के बाद आपके मनमे स्वच्छ भारत अभियान के निबंध के बारे मे कोई संदेह नहीं रहेगा ।

तो चलिये शुरू करते है ।

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प्रस्तावना :

घर, गलिया, मोहल्ले, नगरों, वस्त्र, हमारा शरीर, सार्वजनिक जगहो, पेड़, भूमि और पानी जैसी कुदरती चिजे को साफ रखने के लिए उनको धोना-मलना, गंदगी ओर मैल को हटाना इसको स्वच्छता कहा जाता है ।

इसको साधारण भाषा मे समजे तो, किसी भी वस्तु का निरंतर उपयोग करने के बाद जब वो काम की नहीं रहती तो हम उसको फेक देते हे ओर एसी चीज़ों को सही जगह ठिकाने लगाने को स्वच्छता कहते है ।

हम सभी को घर की साफ-सफाई पसंद है लेकिन सार्वजनिक जगहो पर क्या हमे साफ-सफाई करना पसंद है ? ये बात हमे अपने आपसे पूछने की जरूर है ।

भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी देश को स्वच्छ करना और स्वच्छता की शिक्षा प्रदान करना चाहते थे । इसीलिए वो हररोज सुबह 4:00 बजे उठकर खुद आश्रम की सफाई करते थे ।

लेकिन आज तो हम गांधीजी के इस उदेश्य को भूल गए है ।

इसीलिए गांधीजी के इस स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने के लिए हमारे वडाप्रधान श्री नरेंद्र मोदीजी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत करी थी ।

इस अभियान को महात्मा गांधी के जन्मदिन पर शुरू किया गया और उनकी 150वीं जयंती पर इस अभियान को पूर्ण करने का लक्ष्य था ।

इस अभियान का नाम “महात्मा गांधी स्वच्छ भारत अभियान” रखा गया था । इसे  क्लीन इंडिया मूवमेंट कहा जाता है ।

स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत कब हुई ?

इस अभियान की निव तो कई सालो पहले रखी गई थी । सबसे पहले भारतीय सरकार ने कुल स्वच्छता अभियान या टोटल सैनिटेशन कैंपेन के नाम से एक अभियान शुरु किया था लेकिन वो इतना प्रभावशाली नहीं रहा ।

उसके बाद 1 अप्रिल 1999 यूपीए सरकार आई ओर निर्मल भारत अभियान के नाम से फिर एक अभियान शुरू हुआ जिसका मकसद इस मिशन में नयी जान डालना ओर 2012 तक घरेलू स्वच्छता का स्थापित करना था ।  लेकिन निर्मल भारत अभियान अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सका ।

इसके बाद 1 अप्रैल 2012 को, इसी कार्यक्रम को निर्मल भारत अभियान नाम दिया गया और अंत में 2 अक्टूबर 2014 को इसे स्वच्छ भारत अभियान के नाम से दुबारा शुरु किया ।

भारत के 2014 लोकसभा चुनाव मे बीजेपी पार्टी आई । भारत की ओर देशो मे बिगडती छवि में सुधार के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने महात्मा गांधी के 145 जयंती पर 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की ।

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इस अभियान को 24 सितंबर 2014 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली ओर निर्मल भारत अभियान का पुनर्निर्माण किया गया ।

इस अभियान मे शहरी विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय, गैर सरकारी संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम व निगम, ओर राज्य सरकार भी शामिल है ।

सभी मंत्रालय अपनी तरफ से पूरा योगदान दे रहे है ओर दिये गए उदेश्य को हासिल करने के लिए प्रयास कर रहे है ।

2 अक्टूबर, 2019 यानि इस अभियान के 5 साल बाद गांधीजी की 150 वी जन्मतिथि पर भारत को एक संपूर्ण स्वच्छ देश बनाने का निश्चय भारत के लोगो ने किया ।

उसके लिए भारत के ग्रामीण क्षेत्रों मे लगभग 1.96 लाख करोड़ रुपये दिये गए ओर 1.2 करोड़ शौचालयों का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया ।

इस अभियान के तहत हर नागरिक को उनके घर में या घर के नज़दीक शौचालय की व्यवस्था करके सब्सिडी की सुविधा भी प्रदान की गई थी ।

ये अभियान अब तक का सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान माना जाता है । क्योकि इसमे लगभग 30 लाख सरकारी कर्मचारियों सहित स्कूल और कॉलेजों के बच्चों ने भाग लिया था ।

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हमे स्वच्छ भारत अभियान की आवश्यकता क्यो पड़ी?

हमारे वडाप्रधान नरेंद्र मोदी जी के एक भाषण से हमे पता चल जाएगा की क्यू हमे इस अभियान की आवश्यकता पड़ी ।

वो कहते है की, क्या हमें कभी दर्द नहीं हुआ कि हमारी मां और बहनों को खुले में शौच करना पड़ता है ?

यहा तक की गांव की गरीब महिलाएं रात होने की प्रतीक्षा करती हैं । क्योकि जब तक अंधेरा नहीं होगा तब तक महिलाए शौंच के लिए बाहर नहीं जा सकतीं ।

उन्हें किस प्रकार की शारीरिक यातना होती होंगी, क्या हम अपनी मां और बहनों की गरिमा के लिए शौचालयों की व्यवस्था नहीं कर सकते हैं ?

कुछ मुख्य कारण :

हमे ये समजना होगा की हमारा भारत देश शिक्षा के क्षेत्र में बहुत पिछड़ा हुआ है ।

उनको शिक्षा न मिलने की वजह से पता ही नहीं हे कि वो अपने आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रहे हैं और इससे क्या नुकसान हो रहा है ।

इसलिए हमे सबसे पहले लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लानी होगी ओर शिक्षा को हर गाव-शहरो मे पहुचाना होगा ।

हमारे देश मे लोगो की मानसिकता भी एक बड़ा कारण है क्योकि, कुछ लोग तो ये ही मान कर गंदगी ओर कचरा फेलाते है की हमारे थोडे से कचरा फैलाने से देश कहा गंदा होगा ।

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इन हि लोगो का थोड़ा-थोड़ा कचरा मिलकर बहुत ज्यादा कचरा जमा हो जाता है । इसिलिए हमे लोगो की मानसिकता पर भी काम करना चाहिए ।

भारत के कई गाव मे ये एक प्रथा हे की शौच करने के लिए हमे घर से बाहर ही जाना पड़ेगा । जिसकी वजह से लोग शौच करने के लिए खेतों में, रेल की पटरियों के पास या पहाड़ियो मे जाते है ओर बड़ी गंद मचाते है ।

यू.एन. की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत वो देश है जहां लोगों की बहुत बड़ी संख्या शौच करने के लिए खुली जगह का उपयोग करती है ।

2018 के आंकड़ों के अनुसार हमारा देश प्रति दिन 1 लाख मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न करता है । बड़ी हेरानी की बात तो यह हे की इस कचरे को हम सही तरह से निपटान भी नहीं कर रहे है ।

इसी कूडे ओर गंदगी के कारण विदेशी लोग हमारे देश में आना कम पसंद करते हैं । इसका सीधा असर हमारे देश के पर्यटन पर पड रहा है ।

हमे पता हे की पर्यावरण को हानि पहुँचाने से हम सभी का अस्तित्व खतरे मे पड सकता हैं । अरे भारतवासी तो स्वच्छता को ही भगवान का दूसरा रूप मानते है । तब भी हम इसे क्यो समज नहीं पा रहे ?

स्वच्छ भारत अभियान के लिए चुने गए महत्व के व्यक्ति-ब्रांड एंबेसडर :

हमारे आस-पास सफाई रखना ये हमारी नैतिक जिम्मेदारी है ओर तभी ये अभियान सफल होगा ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने स्वच्छ भारत अभियान के प्रचार के लिए कुछ बड़ी हस्तियों ओर प्रभावी लोगो को चुना था । जो अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक कर सके ।

वो लोगों के नाम इस प्रकार हैं :

  • बाबा रामदेव
  • सलमान खान (अभिनेता)
  • कमल हसन (अभिनेता)
  • प्रियंका चोपड़ा (अभिनेत्री)
  • सचिन तेंडुलकर (क्रिकेटर)
  • विराट कोहली (क्रिकेटर)
  • महेन्द्र सिंह धोनी (क्रिकेटर)
  • शशि थरूर (संसद के सदस्य)
  • मृदुला सिन्हा (लेखिका)
  • अनिल अंबानी (उद्योगपति)
  • तारक मेहता का उल्टा चश्मा की टीम

स्वच्छ भारत अभियान का महत्व क्या है ?

स्वच्छता से ना सिर्फ हमारा तन बल्कि हमारा मन भी साफ़ रहता है । आप सोच भी नहीं सकते की स्वच्छ भारत अभियान से हमारा आने वाला कल कितना सुंदर होगा ।

भारत की आबादी लगभग 1.2 बिलियन है और उसमें से करीब 55 प्रतिशत यानि 600 मिलियन लोगो के पास शौचालय ही नहीं है ।

भारत के ग्रामीण क्षेत्रों मे 72 प्रतिशत से ज्यादा लोग शौच करने के लिए घर से बाहर जाते है । इस अभियान के तहत गाव के लोगो को खुले में शौच करने की मजबूरी से रोका जाएगा ।

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स्वच्छ भारत अभियान को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने गाव मे 11 करोड़, 11 लाख शौचालयों के निर्माण के लिए एक लाख करोड़ रुपए को खर्च करने की योजना बनाई है ।

शहरों के सार्वजनिक अस्पताल, रेलवे स्टेशन, पोस्ट ऑफिस, सरकारी कार्यालयों, बस स्टैंड, बैंक ओर मुख्य बाजार के पास सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे ।

ओर जहां पर सार्वजनिक शौचालय बनाना संभव नहीं हे वहा सामुदायिक शौचालय बनवाए जाएंगे ।

शहरी क्षेत्रों मे सरकार ने 2.5 लाख सामुदायिक शौचालय, 2.6 लाख सार्वजनिक शौचालय बनवाए जाएंगे । भारत सरकार के अनुसार शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान 5 वर्षों में ही पूरा किया जायेगा ।

यह अभियान 4401 शहरों में लागू किया जाएगा ओर इस पर खर्च कि जाने वाले रकम 62,009 करोड़ रुपय है । इस मे केंद्र सरकार की तरफ से 14,623 करोड़ रुपये ओर बाकी के राज्य सरकारे देंगी ।

14,623 करोड़ रुपये जो केंद्र सरकार द्वारा प्राप्त होंगे उसमे भी अलग-अलग विभाजीत होगे ।

उसमे से 7,366 करोड़ रुपये ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर, 4165 करोड़ रुपये व्यक्तिगत घरेलू शौचालय पर, 655 करोड़ रुपये समुदाय शौचालय पर और बाकी बचे 1828 करोड़ रुपये जनजागरूकता पर लगाए जाएंगे ।

इसी वक्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अच्छा निर्णय लिया । इस निर्णय के मुताबिक अब सरकारी भवनों की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए तंबाकू, गुटका, पान आदि उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया ।

लेकिन क्या आपको लगता है की इसकी जरूरत उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे भारत देश में होनी चाहिए ? ( इसका जवाब कमेंट मे जरूर दे )

अगर भारत के सभी लोग एक होकर इस अभियान को पूरा करने में लग जाए तो वह दिन दूर नहीं जब श्रेष्ठ ओर विकसित देशो मे भारत भी शुमार होगा ।

( क्या हे बेटी का कुशूर आखिर क्यो बेटियो को इतना परेशान करती हे ये दुनिया बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध – click here )  

स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य क्या है ?

स्वच्छ भारत का पहला उद्देश्य शौचालयों का निर्माण करना ओर खुले में शौच की समस्या को कम करना ओर देश का कोना-कोना साफ सुथरा करना है ।

गांधीजी जब वर्धा आश्रम में थे तब उन्होने खुद अपना शौचालय बनवाया था जिसको हर रोज शुबह-शाम खुद साफ भी करते थे ।

लेकिन आज भारत के ज्यादातर लोग शौच करने के लिए घर से बाहर ही जाते हैं ।  शहरो मे शौचालय तो है लेकिन वहां पर बड़ी फैक्ट्रियों, नाले और घरेलू कचरे बहुत ज्यादा मात्रा में पाये जाते है, ओर यही वजह हे की शहरो मे कूड़ा-कचरा ज्यादा मात्रा मे पाया जाता है ।

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हमे इंदौर शहर से स्वच्छता के बारे मे बहुत सीखना चाहिए क्योकि, इंदौर पिछले चार सालो से देश का सबसे स्वच्छ शहर है ओर इसने तो स्वच्छता को ही अपना लक्ष्य बना लिया है ।

हमारे लिये ये बड़ी शर्मिन्दगी की बात है कि हर व्यक्ति अपना घर तो जरूर साफ करता है लेकिन वही व्यक्ति घर का कचरा बाहर, गलियों, सड़को और चौराहों पर फेंक देता है ।

हमे लोगो को समजाना होगा की पूरा देश हमारा घर है ओर इसे भी साफ रखना हमारा कर्तव्य है ।

स्वच्छ भारत अभियान में पहले हमे जागरूक बनना पड़ेगा ओर फिर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक बनाना पड़ेगा ।

इस के अलावा हमे ज्यादा-से-ज्यादा पेड़ लगाने का लक्ष्य भी रखाना चाहिए, ताकि लोगो को शुद्ध वायु मिल सके ।

इस अभियान से देश मे कचरा कम होगा ओर विश्व मे हमारे देश की छवि सुधरेगी ओर पर्यटन का भी विकास हो ।

क्योंकि अस्वच्छ भारत की तस्वीरें जब विदेशी लोग देखते हे तो वो भारत आना बिलकुल पसंद नही करेंगे । लेकिन अभी सही समय हे की देश की छवि सुधाराने की ।

( कुछ सच्चाई के साथ शिक्षा के महत्व पर निबंध – click here )

स्वच्छ भारत मिशन का प्रतीक क्या है ?

इस अभियान का प्रतीक (logo) बनाने के लिए एक प्रतियोगता आयोजित की गयी थी । उस प्रतियोगिता मे विजेता व्यक्ति का logo को ही स्वच्छ भारत अभियान के लोगो का चयन किया ।

इस प्रतियोगता मे महाराष्ट्र राज्य के कोल्हापुर के व्यक्ति अनंत खसबरदार विजेता हुए ओर उनके द्वारा बनाया गया logo को स्वच्छ भारत अभियान का ऑफिसियल लोगो कहा गया ।

Swachh bharat abhiyan logo

अनंत खसबरदार के लोगो में एक चश्मा है जो गांधीजी के चश्में के संकेत के तौर पर बनाया गया ओर  इसी चश्में के बीच में स्वच्छ भारत लिखा गया है ।

इस लोगो द्वारा गांधीजी और स्वच्छता के बीच बहुत गहरा सम्बन्ध दिखाया गया है ।

निष्कर्ष :

हमे समजना चाहिए की स्वच्छता केवल हमारे घर के लिए ही जरूरी नहीं हे बलके ये तो पूरे देश ओर राष्ट्र की आवश्यकता है ।

दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला देश में इस मुहीम को चलाना एक बड़ी चुनौती थी । हमे गर्व होना चाहिए की सरकार ये करने में सफल हुई ।  

क्योकों ये अभियान एक ऐसी पहल थी जिसमे हर जाति, वर्ग, और धर्म के लोगो ने बिना भेदभाव किए हिस्सा लिया था ।

ये अभियान अभी तक इतना सफल तो नहीं हुआ है लेकिन  लोगों के बीच स्वच्छता के प्रति काफी जागरूकता आई है ।

आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की, क्या अब आप लोग अपने आस-पास स्वच्छता रखेंगे या नहीं ? इसका जवाब मुजे yes ओर no मे comment मे जरूर दे ।

आपको ये लेख यानि swachh bharat abhiyan essay in hindi कैसा लगा । हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको सरल ओर साधारण भाषा मे swachh bharat abhiyan in hindi को दे सके ।

लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email करे । आपको ओर भी किसी विषय पर निबंध या स्पीच चाहिए तो कॉमेंट मे जरूर बताए ।

अगर आपको ये swachh bharat abhiyan essay in hindi का लेख अच्छा लगा हो ओर आप सही मे भारत को स्वच्छ करना चाहते हो तो इस essay on swachh bharat abhiyan in hindi को share करना न भूले । ( कम से कम एक व्यक्ति को तो जरूर )

Thanks for reading swachh bharat abhiyan essay in hindi

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