रहस्यो ओर बोध वाली मज़ेदार कहानिया- moral stories in hindi

दोस्तो, आज हम मज़ेदार रहस्यो वाली कहानियो के बारे मे जानेंगे । यह कहानिया क्लास 7-8-9-10 (moral stories in hindi for class 7-8-9-10) के लिए उपयोगी है । इन कहानियो का लुत्फ हर कोई उठा सकता है ।

आज हम ऐसे टॉपिक के बारे मे जानेगे की जो ज़्यादातर लोगो की एक बड़ी ग़लती हे या उनका भ्रम हे जिसको हम इंग्लिश मे stress ओर हिन्दी मे तनाव कहते हे ।

दुनिया मे कई लोगो को यह प्रश्न होता होगा की, क्या तनाव ही मानसिक बीमारी का कारण है ?

इस कहानी की शुरुआत मे एक लेखक की बात से करता हु, उन्होने कहा था की आप हमेशा यह नियंत्रित नहीं कर सकते कि बाहर क्या हो रहा है । लेकिन आप हमेशा यह नियंत्रित कर सकते हैं कि हमारे अंदर क्या चल रहा है ।

आपको क्या लगता हे की तनाव से ही मानसिक बीमारी  हो सकती है ? अगर पता नहीं तो हम आगे बड़े अच्छे उदाहरण से समजेगे लेकिन आप थोड़ा कुछ भी जानते हे तो comment मे answer देना न भूले ।

तो चलिये जानते हे इस मजेदार टॉपिक को ,

अक्सर व्यक्तियों मे ये गलती पायी जाती हे की मानसिक बीमारी तभी होती है जब मस्तिष्क में कुछ तनावचिंता या गलत विचार होते हैं । कई डॉक्टर भी इस चीज़ को न जानने की वजह से तनाव को मानसिक बीमारी का कारण बताते हे ।

परिणामस्वरूप, जो भी मानसिक मरीज होते हे उनसे अक्सर पहले ये पूछा जाता है कि आपको कोई तनाव तो नहीं है या कोई चिंता या कोई विचार तो आप नहीं कर रहे है ।

moral stories in hindi for class 8

आइए हम डॉक्टर ओर रोगी-संवाद के उदाहरण से समझते हैं,

(1)

रोगी : डॉक्टर, मैं लंबे समय से लगातार सिरदर्द से पीड़ित हूं । लेकिन रिपोर्ट मे कुछ नहीं आ रहा हे ।

डॉक्टर : आपको कोई टेंशन हे या आप कोई चिंता रखते हो ?

 (2)

रोगी : पेट में गैस की समस्या इतनी है कि मे आपको बता नहीं सकता है। लगातार पेट में दर्द हो रहा हे ओर पेट भारी-भारी हो जाता है । लेकिन रिपोर्ट में कुछ भी नहीं आ रहा हे ओर दवाओं से कोई लाभ नहीं है।

डॉक्टर : आपको कोई टेंशन हे या आप कोई चिंता रखते हो ?

(3)

रोगी : पूरा शरीर मे दर्द हो रहा हे ओर शरीर भी गर्म है । ओर रिपोर्ट में कुछ भी नहीं है ।

डॉक्टर : आपको कोई टेंशन हे या आप कोई चिंता रखते हो ?

कोई तनाव, कोई चिंता, कोई विचार नहीं होने पर भी मानसिक बीमारी कैसे हो सकती है । इस बारे में हमने संवादों को देखा ।

इस मे हमे डॉक्टर की गलती लगती हे, क्योकि दर्दी को मानसिक बीमारी न होने पर भी डॉक्टर की गलती की वजह से वो बिचारे तनाव (stress) की दवाए खाने लगते हे ।

लेकिन फिर भी आपको लगता हो की चिंता ही बीमारी का कारण बन सकती है, तो दुनिया में किसे चिंता नहीं है ? अगर आप एसे लोगो को ढुढ्ने निकले तो आपकी गली-मोहल्ले मे ही बहोत लोग मिल जाएंगे ।

बात यह हे की तनाव तो हर किसी को होता हे । हा वोहे की कुछ लोगो को ज्यादा तो कुछ लोगो को कम लेकिन तनाव-चिंताएं हर किसी को होती हैं ।

ओर इसके परिणामस्वरूप तो हर किसी को बीमार होना चाहिए जैसे हमारा मोहल्ला, राज्य, देश, या पूरी दुनिया । लेकिन ऐसा नहीं है ।

अगर समस्या हल हो सकती है तो चिंता क्यों नहीं ? लेकिन अगर समस्या का समाधान आप से नहीं किया जा सकता है तो चिंता करना आपके लिए अच्छा नहीं होगा ।

moral stories in hindi for class 9

लेकिन क्या इस का समाधान है ? चलो जानते हे ।

एक हालिया अध्ययन में पाया गया कि, मस्तिष्क में कुछ एसे प्रकार के रसायन हे जिन्हें विज्ञान की भाषा मे न्यूट्रोनस्मिटर कहा जाता है ।

ओर वो ही सबकी जड़ हे क्योकि सभी प्रकार की मानसिक बीमारियों के लिए जीम्मेदार न्यूट्रोनस्मिटर ही होता हैं ।

जब भी ये रसायन हमारे शरीर मे उसके स्तर में उतार-चढ़ाव या बदलाव करता हैं तब कुछ प्रकार की मानसिक बीमारी होती है एसा विज्ञानियो का मानना हे ।

अब तक, वैज्ञानिक इन रसायनों की पहचान करने में सक्षम रहे हैं । ओर विज्ञानियो के लिए ये एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है ।

मानसिक बीमारियों के इलाज के लिए दी जाने वाली दवाएं भी अब इन रसायनों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं ।

अब आप लोगो को समज मे आ गया होगा की तनाव, टेंशन, या चिंता मानसिक बीमारी का कारण नहीं है ।

अब ये, आप लोग ओर जिसने भी इसको पूरा पढ़ा उसकी ज़िम्मेदारी हे की वो उस आदमी तक ये लेख पाहुचाए की जो आपको तनाव (stress), या चिंता मे लग रहा हो ताकि वो उसका सही इलाज कराये न की वो भी stress की दवाए लेने लगे ।

जब ऐसा व्यक्ति आप के सामने अगर आत्महत्या या ओर कोई कदम उठायेगा तो उसके जिम्मेदार सिर्फ आप होंगे । इसलिए इसको अपना कर्तव्य समज कर share जरूर करे ।

अब मे आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की आपको ये moral stories in hindi for class 7-8-9-10 कैसा लगा ।  

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको मज़ेदार कहानी moral stories in hindi for class 7-8-9-10 को दे सके ।

लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email करे । आपको ओर भी किसी विषय पर स्टोरी चाहिए तो कॉमेंट मे जरूर बताए ।

ओर इस moral stories in hindi for class 7-8-9-10 को अपनी ज़िम्मेदारी समज कर हर उस व्यक्ति तक पाहुचाए, जहा इन मासूम बच्चो पर आत्याचार हो रहा है । (please share)

Thanks for reading moral stories in hindi for class 7-8-9-10

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