वर्षा ऋतु पर निबंध (ख़ुशी)- varsha ritu par nibandh

दोस्तो, आज हम वर्षा ऋतु पर निबंध (varsha ritu par nibandh) को विस्तृत मे जानेगे ।

यह निबंध आपको स्कूल के हर क्लास ओर कॉलेज मे काम आने वाला है ।

हम इस निबंध मे वर्षा ऋतु का महत्व, उसके फायदे ओर नुकसान के बारे मे जानेंगे । आपको लगता होगा की अन्य ऋतु की तरह यह भी अपने समय पर आएगी ओर चली जाएगी । परंतु वर्षा ऋतु का हमारे देश मे एक अलग ही महत्व है ।

क्योकि वर्षा ऋतु विश्व के सभी जन-जीवन का आधार है । इस ऋतु मे मौसम बहोत प्यारा होता है । जिसके कारण सभी जीव-जंतु, जानवर और मनुष्यों का मन आनन्दित हो उठता है ।

हम पर भरोसा करें, varsha ritu par nibandh को पढ़ने के बाद शायद ही आपके मनमे इसके बारे मे कोई संदेह रहेगा ।

तो चलिए शुरू करते है।

 

वर्षा ऋतु पर निबंध – varsha ritu par nibandh

 

प्रस्तावना :-

हमारे प्यारे भारत देश मे प्रकृति की एक अलग पहचान है । विश्व मे कही भी आपको भारत जैसे प्राकृतिक मनोहर दृश्य देखने को नहीं मिलेंगे ।

इस के अलावा पूरे विश्व मे तीन ऋतु है, लेकिन हमारे देश मे कुल छे ऋतु है । जिनमे से हम मुख्य तीन ऋतुओ को ही जानते है । क्योकि भारत एनेक विभिन्नताओं वाला देश है । जिसके कारण हमारी ऋतु मे भी विभिन्नता है ।

हमारी छे ऋतुओ मे शीत, (सर्दी) ग्रीष्म, (गर्मी) वर्षा, हेमन्त, बसंत ओर शिशिर शामिल है । ये सभी ऋतुए दो-दो महीने के अंतर में बदल जाती है ।

इन सभी ऋतुओ मे वर्षा ऋतु का एक अलग ही स्थान है । इसे लोग सबसे प्रतीक्षित ऋतु भी कहते है । क्योकि इस ऋतु मे मौसम बहुत शांत ओर खुशनुमा होता है ।

भारत मे गर्मियों के दौरान तापमान 45 डिग्री से भी ज्यादा हो जाता है । मानवी से लेकर जानवरो तक सभी गर्मी से बेचेन हो जाते है ।

लेकिन जब वर्षा की पहली बूंद जमीन पर गिरती हे तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रेहता । जीव-जन्तु ओर जानवरो का मन खुशी से जूम उठता है ।

बच्चो ओर वृद्ध व्यक्ति भी वर्षा ऋतु का खूब मज़ा लेते है । खास तौर पर वर्षा ऋतु एक किसान के लिए बहोत ही उपयोगी और लाभकारी होती है ।

वर्षा ऋतु का आगमन :-

भारत मे सभी ऋतुओ का अपना महत्व है । इन सभी ऋतुओ के अपने-अपने प्राकृतिक नज़ारे है । सभी ऋतु के काम अनुसार नाम दिये गए है ।

इन मे सबसे सुंदर ओर सबसे लहराती वर्षा ऋतु की शुरुआत जुलाई महीने से हो जाती है । ओर सितंबर तक वर्षा ऋतु रहती है । हिन्दी पंचांग के अनुसार सावन-भादों के महीने मे वर्षा ऋतु की शुरुआत होती है ।

बच्चो से लेकर बूढ़ो तक ओर जानवरो से लेकर जीव-जंतु तक सभी इस ऋतु का बेसब्री से इंतजार करते है । क्योकि भारत मे गर्मी बहोत ज्यादा होती है । सभी लोग इस कड़कड़ाती गर्मी से त्राहिहाम हो जाते है ।  

परंतु जब वर्षा का एक बूंद भुमि पर पड़ता हे तो चारो ओर खुशिया फेल जाती है । वर्षा के बाद जहा भी नज़र करे वहा हरियाली छा जाती है ।

varsha ritu

गर्मी के ऊंचे तापमान ओर खतरनाक लू के थपेड़ो से जनजीवन को इस ऋतु से बहोत राहत मिलती है । वर्षा ऋतु मे पूरी प्रकृति की काया पलट हो जाति है । क्योकि प्रकृति के सारे रंग हमे बारिश मे देखने को मिलते है ।

जंगल के सभी पेड-पौधे फिरसे अंकुरित हो जाते है । जिस से पशु-पक्षियों ओर जीव-जन्तु को खाने के लिए पेड-पौधे ओर घास मिल जाती है ।

सूखी ओर काली पहाड़ियों पर तो एसा लगता हे मानो किसी ने हरे रंग की हरियाली चादर बिछादी हो । वर्षा ऋतु मे मक्का, सोयाबीन, मूंग, धान, कपास, गन्ना, मूंगफली, बाजरा ओर ज्वार जैसे कई फसलों को उगाया जाता हैं ।

वर्षा ऋतु के प्रमुख फल और सब्जियों में नाशपाती, परवल, जामुन, आदु, लौकी, भिंडी, प्लम ओर करेला शामिल हैं ।

गर्मी की वजह से सूखे नाले, नदियां, बांध, तालाब मे फिर से नए नीर का आगमन होता है । बच्चे इन जगहो पर जाकर बहुत मस्ती करते है । इसीलिए तो बच्चो को वर्षा ऋतु बहुत पसंद है ।

इस के अलावा भारत एक कृषि प्रधान देश है ओर भारत का एक बड़ा वर्ग खेती करता है । इसीलिए यह ऋतु हमारे लिए ओर भी महत्व रखती है ।

कई बार इस ऋतु मे भारी तूफान आ जाते है, जिससे लोगो को बहुत नुकसान उठाना पड़ता है । लेकिन फिर भी लोगो को यही ऋतु सबसे ज्यादा पसंद है । क्योकि वर्षा ऋतु पर ही कई देशो की अर्थव्यवस्था टिकी हुई है ।

इन देशो मे अच्छी बारिश बहोत अच्छी उपज देती है । जबके एक खराब ओर कमजोर बारिश किसी भी देश को भुखमरी मे डाल सकती है ।

इसलिए तो वर्षा ऋतु साल की सबसे सुखदायक ऋतु है । यह ऋतु से मीठे पानी की मात्रा पृथ्वी पर बढ़ती है । जो हमारी आने वाली पेढ़ी के अस्तित्व को कभी पानी की कमी नहीं होने देगी ।

आप एक बार सोचे तो सही की अगर एक साल बारिश नहो तो कितने देशो की भूमि सुखी ओर वेरान बन जाएगी ? कितने लोगो को इस सूखे से असर होगा ? कितने लोग बिना पानी के मर जाएंगे ? ओर कितने देशो की अर्थव्यवस्था बिखर जाएगी ?

बिना बारिश के कितनी खतरनाक हालत विश्व की हो जाएगी, ये आप सोच सकते है ।

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वर्षा ऋतु का महत्व :-

हमने आगे भी जाना था की, वर्षा ऋतु का भारत मे एक अलग ही महत्व है । वर्षा ऋतु को भारत मे अथवाचातुर्मास, चौमास, वर्षोमास ओर वर्षाकाल के नामों से भी पुकारा जाता है । भारत के सभी ऋतुओ मे वर्षा ऋतु सबसे प्रिय है ।

जब भी यह ऋतु आगमन होता है तब धरती मे रहने वाला हर जीव खुशी से जूम उठता है ।

rainy season essay in hindi

क्योकी भारत एक गर्म प्रादेशिक क्षेत्र में आता है । जिसके कारण यहा गरमी भी बहुत ज्यादा पड़ती है । कई जगहो पर तो इतनी ज्यादा गरमी पड़ती हे की पीने के पानी का भी अभाव होता है ।

प्रचंड गरमी के बाद जब पहली बारिश होती है तब जमीन मे से जबरदस्त खुशबू आती है ।

इसके अलावा भारत मे ज़्यादातर लोग खेती पर निर्भर रहते है । ओर खेती के लिए पानी की बहोत ज्यादा जरूरत होती है ।

जब बारिश होती है तो किसान खुशी के मारे झूम उठते हैं । वो अपने खेतो मे बीजारोपण और सिंचाई की शुरुआत करते हैं ।

उनके लिए तो बारिश अमृत समान होती है । इसकी वजह से भी लोग बहोत बेसब्री से वर्षा का इंतिज़ार करते है ।

किसान बारिश की पानी का फिर से उपयोग करने के लिए अपने खेतो के आस-पास कई तालाब ओर गड्ढे बनाते है । उसमे वर्षा के पानी को संग्रह करते है ।

जब अच्छी बरिस होगी तो देश के किसानो की फसल बहोत अच्छी होगी । उनके खेतो मे चारो ओर हरियाली छा जाएगी । ओर जब खेतो मे हरियाली आएगी तो अनाज भी बहुत भरपूर होगा ।

अनाज भरपूर होने के कारण देश के किसान ओर देश की अर्थव्यवस्था दोनों का विकास होंगा । इसीलिए तो भारत के कई राज्यो मे इंद्र भगवान ओर वर्षा देव की पूजा भी की जाती हैं ।

कड़ी गर्मी के कारण कई पेड़-पौधे दुबले-पतले हो जाते है ओर मुरजा जाते है । लेकीन बारिश के आने से सूखे पेड़-पौधो के अंदर नयी जान आ जाती है । उनकी शाखाए बढ़ने लगती है ।

इस तरह बारिश के मौसम मे चारो ओर हरियाली ओर खुशहाली छा जाती है । मानो प्रकृति ने एक नया रूप धारण किया हो । कई लोग बाग-बगीचे ओर खेत-खलिहान मे जाकर हरियाली का मज़ा लेते हैं ।

बारिश की छोटी-छोटी बुंदे जब पेड़ो की हरी पत्तियों पर पड़ती है तो हमको ऐसा दृश्य देखने को मिलता हे मानो मोती झड़ रहे हो ।

rainy season in hindi

इस के अलावा जब आकाश मे पहली बार काले बादल दिखते हे तब ना सिर्फ मोर बल्के जंगल के सभी पशु-पक्षी नाचते है । साथ-साथ उनके बच्चे भी बारिश मे छबा-छब करके बहोत मस्ती करते है ।

मोर, मेंढक ओर कई प्रकार की चिड़िया की ध्वनि वातावरण को एक सुंदर संगीत देती है ।

एक अच्छी बारिश पानी के सभी स्त्रोत को लबालब भर देती हैं । इस की वजह से धरती पर रहने वाले सभी मनुष्य, पशु-पक्षी ओर जीव जंतुओं को अपार मीठा जल मिलता है । धरती का भू-गर्भ जल स्तर भी बढ़ जाता है ।

आप एसा भी मान सकते है की, वर्षा ऋतु दुनिया को जीवन देती है । एक माँ की तरह विश्व के सभी जीवो को पालती है । क्योकि यही ऋतु एक प्यासे को पानी पिलाती है ओर फसल को उगाने मे हमारी मदद करती है ।

इसीलिए तो इस ऋतु को ऋतु रानी का दर्जा दिया गया है ।

इस के अलावा इस प्यारी ऋतु मे भारतीय संस्कृति के स्वतंत्रता दिवस, तीज, विश्वकर्मा पूजा, रक्षाबंधन जैसे कई त्योहार आकार वर्षा ऋतु को ओर भी महत्व बनाते है ।

कई बच्चे गर्मियों की वजह से अपने घर से नहीं निकलते । लेकिन बारिश की पहली बूंद से ही बच्चे मस्ती के मूड मे आ जाते है । खूब नाचते है ।

ओर गर्मियों के कारण जो बच्चे घर से बाहर निकलना बंद कर देते हैं बारिश के मौसम में वे बाहर निकल कर खूब खेलते-नाचते-गाते है और बारिश का पूरा आनंद लेते है ।

इस तरह वर्षा ऋतु हम सब के लिए बहुत महत्व रखती है । (varsha ritu par nibandh)

वर्षा ऋतु के फायदे और नुकसान :-

दुनिया मे बसी हर चीज़ के दो पहलू है एक फायदा ओर दूसरा नुकसान । इसीलिए वर्षा ऋतु के भी फाइदा ओर नुकसान दोनों है । हम दोनों को जानेंगे ।

वर्षा ऋतु के फायदे :

अगर हम वर्षा ऋतु के लाभों को लिखने बेठे तो एक पूरा निबंध लिख सकते है । लेकिन यहा हम इसके कुछ ही फ़ायदों को जानेंगे ।

वैसे तो यह ऋतु सभी के लिए बहुत लाभदायक है, लेकिन एक किसान के लिए यह ऋतु उसकी श्वास से बढ़कर है । उनके लिए एक वरदान है ।

क्योंकि गर्मियों की कड़ी धूप मे यह किसान अपने खेतो मे काम करते है । खेतो की खुदाई करके उसमे बीज़ बोते है । आपको यह आसान लगता होगा लेकिन 45 डिग्री से भी ज्यादा तापमान मे दिन भर मेहनत करना बहुत कठिन काम है ।

अंत मे फसल तैयार करने के लिए सिर्फ बारिश का इंतिज़ार करते है । ओर जब बारिश आती है तब किसानों की खुशी अलग ही होती है ।

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फिर जब फसल लेने की बारी आए तो अनाज, फल, सब्जियां आदि भरपूर मात्रा में होते है । इसीलिए तो बारिश उनके लिए एक वरदान समान है । एक अच्छी वर्षा किसानों को अच्छी आमदनी देती है ।

आप सब लोगो को पता होंगा की हमारा देश कृषि पर बहोत आधार रखता है । हमारी कुल अर्थव्यवस्था मे 70% से अधिक आमदनी कृषि से होती है ।

जब वर्षा ही नहीं होगी तो हम अनाज, फल-फूल कहा से उगाएँगे ? सभी वस्तुओ के दाम भी तेजी से बढ़ेंगे । ओर इसका सीधा असर देश के गरीब लोगो ओर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा ।

इस के लिए भी वर्षा ऋतु का हमारे लिए ओर हमारे प्यारे देश के लिए बहोत महत्व है ।

इस के अलावा पर्यावरण को सही चलने के लिए वर्षा ऋतु का होना जरूरी है । क्योकि एक बार भी बारिश ना आए ओर सूखा पडे तो पर्यावरण का पूरा तंत्र बिगड़ जाएगा ।

दुनिया के सभी लोग पानी के लिए त्राहिमाम मचा देंगे । पृथ्वी पर हमारा जीना मुश्किल हो जाएगा ।

परंतु जब बारिश सही समय पर ओर सही प्रमाण मे आए तो मनुष्य के लिए पानी ओर पशु-पक्षी, जीव-जन्तु के लिए भी चारे-पानी का प्रबन्ध हो जाता है ।

कई बार गर्मी इतनी ज्यादा भयंकर होती है की कई नदी ओर तालाब सुख जाते है । इस के साथ-साथ पेड़-पौधे और घास भी सूख जाती है । इसी कारण बिचारे कई जीव-जंतु लाचार होकर बिना खाये-पिये मर जाते है ।

इसीलिए जब बारिश होती है तब सारी पानी की कमी दूर हो जाती है । बारिश की वजह से पेड़-पौधे ओर घास भी उग जाती है । ये दोनों चीजे ही इन अबोल जीव-जन्तु के लिए जीवन समान है ।

गर्मीयो के ऊंचे तापमान की वजह से पृथ्वी का जल वाष्प बनकर उड जाता है । मानव द्वारा भी भूगर्भ जल का अधिक मात्रा मे शोषण किया जाता है । इन दोनों प्रकीया से पानी मे बहुत खपत होती है ।

लेकिन वर्षा ऋतु की मुशलधार बारिश की वजह से फिर भूगर्भ जल का स्तर बढ़ जाता है । कुए, तालाब, नदियों आदि जल स्रोतों मे पानी का प्रमाण बढ़ता है । इस से तापमान में भी बहोत कमी आती है । (varsha ritu par nibandh)

वर्षा ऋतु के नुकसान :-

हमने वर्षा ऋतु के बहोत फायदे जान लिए, लेकिन अब इस ऋतु की कुछ हानी ओर नुकसान भी जान लेते है ।

लेकिन वर्षा ऋतु तभी हमको हानी पहोचाती है जब तक हम कुछ प्रकृति के खिलाफ कोई कार्य ना करे ।  मानव द्वारा कुछ खतरनाक कार्यो से ही हमको वर्षा ऋतु के घातक परिणाम देखने को मिलते है ।

उसमे सबसे पहला नुकसान वर्षा ऋतु की मौसमी बीमारियां है । खांसी, मलेरिया, जुकाम, हैजा ओर त्वचा संबंधी रोग वर्षा ऋतु मे बहोत ज्यादा होते है ।

परंतु ये सभी बीमारिया मानवो द्वारा फैले प्रदूषण से ही होती है । अगर हम सभी एसे प्रदूषण फेलाने से बचे ओर पर्यावरण का सही ख्याल रखे तो इन बीमारियो से बच सकते है ।

इस के अलावा कईबार ज्यादा बारिश होने की वजह से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है । आपको तो पता ही होगा की, जब बाढ़ आती हे तो कितना नुकसान करती है ।

varsha ritu nibandh in hindi

इसमे कई लोगो की जाने जाती हे ओर माली नुकसान तो बहोत ज्यादा होता है । एक किसान वर्षा का बेसब्री से इंतिज़ार करते है ।

लेकिन जब बाढ़ आती है तो उसकी पूरी फसल का सत्यानाश हो जाता है । पूरे के पूरे खेत बारिश के पानी मे डूब जाते हैं । कई किसान तो एसा सदमा सह नहीं सकते ओर लाचार होकर आत्महत्या कर लेते है ।

बाढ़ भी मानवो द्वारा ही आती है । क्योकि जंगलो को काटने से पानी का बहाव बहोत तेज हो जाता है ।

कई लोगो ने तो नदियो के बहाव के स्थान पर ही घर बना लिया है । जिसके कारण अगर थोड़ी ज्यादा भी बारिश हो जाए तो इन लोगो को अपनी जान ओर माल दोनों देना पड़ता है ।

तेज ओर गति से हो रही वर्षा के कारण भूमि का कटाव होता है । यानि की उपजाऊ मिट्टी तेज पानी मे बह कर चली जाती है ।

जो एक किसान, पर्यावरण ओर उपजाऊ जमीन के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं है । इसे रोकने के लिए हमे ज्यादा-से-ज्यादा पेड़-पौधे लगाने होंगे । तभी हम जमीन के कटाव को रोकने मे सफल हो सकते है ।

बारिश की वजह से कई उद्यान ओर खेल के मैदान पर पानी भर जाता है ओर अंत मे वो कीचड़ बनकर बदबूदार बन जाता है । वर्षा ऋतु मे वैसे भी सूरज की रोशनी बहोत कम आती है ।

जिसके कारण उस कीचड़ मे रोग फेलाने वाले जीव-जन्तु ओर बैक्टीरिया पड़ जाते है । इसी वजह से बड़े स्तरों पर बीमारियों बढ़ती है ओर फैलती है ।

लेकिन फिर भी वर्षा ऋतु के लाभ-फायदे ज्यादा ओर हानी-नुकसान कम होता है । (varsha ritu par nibandh)

निष्कर्ष :

अगर देखा जय तो विश्व की जीवन प्रणाली वर्षा पर अधिक निर्भर रहती है । इस ऋतु के कारण लोगो के अंदर हर्षो-उल्लास की तरंग दौड़ उठती है ।

किसी भी मनुष्य का मन हरियाली को देख कर प्रफुल्लित हो जाता है । किसान अपने खेतों में लहराती फसल को देख कर बहोत खुश होता है ।

ये एक कहावत भी है की, जिस देश का किसान खुश होता है वह देश का हर नागरिक खुश होता है ।

लेकिन वर्तमान मे हर साल वर्षा ऋतु मे कोई-न-कोई होनारत जरूर होती है । ओर इसका कारण भी हम खुद है ।

हमे इन होनारतों को रोकने लिए ज्यादा-से-ज्यादा लोगो को पेड़ न काटने की सलाह देनी चाहिए । लोगो को इसके बारे मे जागरूक करना होगा । तभी हम इन होनारतों को रोक सकेंगे ।

अब मे आखिर मे आपसे पूछना चाहता हु की आपको ये वर्षा ऋतु पर निबंध (varsha ritu par nibandh)  कैसा लगा ।

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको सरल ओर साधारण भाषा मे वर्षा ऋतु पर निबंध (varsha ritu par nibandh) को दे सके ।

लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email जरूर करे । आपको और भी किसी विषय पर निबंध चाहिए तो कॉमेंट मे जरूर बताए ।

अगर आप भी वर्षा ऋतु से प्यार करते हे ओर आपने भी वर्षा ऋतु मे मस्ती करी हे तो ये लेख वर्षा ऋतु पर निबंध (varsha ritu par nibandh) को एक बार जरूर शेर करे । (please share)

Thanks for reading वर्षा ऋतु पर निबंध (varsha ritu par nibandh)

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