ए.पी.जे. अब्दुल कलाम पर निबंध- Dr. APJ Abdul Kalam Essay in Hindi

दोस्तो, आज हम ए.पी.जे. अब्दुल कलाम पर निबंध (Dr. APJ Abdul Kalam Essay in Hindi) को विस्तृत मे जानेगे । यह निबंध आपको स्कूल के हर क्लास और कॉलेज मे काम आने वाला है ।

हम इस निबंध मे भारत के मिसाइल मैन यानि ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के बारे मे जानेगे ।

आखिर क्यो आज पूरा विश्व डॉ कलाम को सलाम करता है ? उन्होने अपने जीवन मे एसा क्या किया की, वर्तमान मे भारत का बच्चा-बच्चा उनको जनता है ? यह भी हम समजेगे ।

हम पर भरोसा करें, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम पर निबंध को पढ़ने के बाद शायद ही आपके मनमे इसके बारे मे कोई संदेह रहेगा ।

तो चलिए शुरू करते है ।

 

Essay on Dr APJ Abdul Kalam in Hindi- ए.पी.जे. अब्दुल कलाम पर निबंध

 

प्रस्तावना :-

 

हमारे देश मे कई एसे महापुरुष और कर्मवीरों ने जन्म लिया है, जिन्होने भारत का नाम पूरे विश्व मे प्रसिद्ध कर दिया है ।

इसीलिए तो भारत की भूमि को ऋषि-मुनियों और कर्मवीरों की भूमि कहा जाता है ।

और आज हम इसी मे से एक महापुरुष और कर्मवीर के बारे मे जानने वाले है, जिनका नाम अबुल पाकिर जैनुलाबदीन अब्दुल कलाम है । वह एक एयरोस्पेस वैज्ञानिक, प्रोफेसर और लेखक थे ।

डॉ कलाम गांधी जी से बहोत प्रभावित थे, इसीलिए वो गांधी जी की तरह सादगीपूर्वक जीवन गुजारते थे । उन्होने वैज्ञानिक और देश के राष्ट्रपति के रूप मे भारत की सेवा करी थी ।

डॉ अब्दुल कलाम को छात्रो से बहोत लगाव था । अपने वैज्ञानिक जीवन मे डॉ कलाम कई बार विभिन्न स्कूलों में जाकर बच्चों को मार्गदर्शन देते थे । और 2015 मे विध्यार्थीओ के बीच ही उनकी मृत्यु हुई थी ।

 

डॉ अब्दुल कलाम का प्रारंभिक जीवन :-

15 अक्टूबर, 1931 को डॉ कलाम का जन्म धनुष्कोड़ी गांव के एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार मे हुआ था । यह गाव तमिलनाडु के रामेश्वरम् मे स्थित है ।

उनके पिता का नाम जैनुलाबदीन था, जो मछुआरे को नाव किराए पर देने का काम करते थे । और उनकी माता का नाम अशियम्मा था, जो एक आदर्श महिला थी ।

अब्दुल कलाम के पांच भाई और पांच बहनें थी । इसके अलावा घर में 3 परिवार और भी रहते थे ।

उनके पिता पढ़े-लिखे तो नहीं थे लेकिन उनके द्वारा दिए गए संस्कार बहोत जबरदस्त थे । अब्दुल कलाम के जीवन मे उनके पिता द्वारा दिये गए यह संस्कार बहुत काम आए थे ।

डॉ कलाम का बचपन से सपना था की उन्हे विज्ञान के क्षेत्र मे जाना है । इसके लिए वह गणित के अध्यापक के पास सुबह 4:00 बजे पढ़ने जाते थे 

essay on dr apj abdul kalam in hindi

अपने जीवन मे वो कई बार असफल रहे, लेकिन उन्होने हार नहीं मानी । और अंत मे वो ना सिर्फ एक सफल वैज्ञानिक बल्के देश के राष्ट्रपति भी बने ।

हमारे देश के युवाओ को डॉ अब्दुल कलाम के जीवन से बहुत कुछ सीखना चाहिए । लेकिन आज हमारे युवाओ के आदर्श हीरो और हीरोइन है ।

हमारे देश के भटके हुए युवाओ को हमे सह रास्ते पर लाने के लिए डॉ अब्दुल कलाम, महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे व्यक्तियों को आदर्श बनाना होगा ।

 

डॉ कलाम की शिक्षा और वैज्ञानिक जीवन :-

अब्दुल कलाम शुरुआत से ही पढ़ने मे होशियार थे । जिसके कारण उन्हे रामेश्वरम की पंचायत द्वारा प्राथमिक विद्यालय के लिए दीक्षा पुरस्कार दिया गया था ।

उन्होने अपनी प्राथमिक शिक्षा तमिलनाडु मे ली और हायर सेकेन्ड्री की पढ़ाई करने के लिए उनको रामनाथपुरम के श्वार्ज़ हाई स्कूल मे जाना पड़ा ।

उनकी घर की हालत इतनी अच्छी ना होने के बावजूद भी जैसे-तैसे उन्होने हायर सेकेन्ड्री तक की पढ़ाई पूरी की ।

परंतु अब अब्दुल कलाम को आगे की पढ़ाई कराने के लिए घर वालों के पास कोई उचित व्यवस्था नहीं थी । जिसके कारण कलाम को एसा लगने लगा था की अब वो आगे की पढ़ाई नहीं कर सकेंगे ।

कलाम अपने दादाजी को अब्बू कहते थे । उन्होने घर में पड़े लकडो के कुछ तख्तों से एक छोटी नाव बनाई और उसे किराये पर देना शुरू किया ।

short essay on dr apj abdul kalam in hindi

उस नाव से जितना भी किराया आता उससे अब्दुल कलाम की आगे की पढ़ाई का खर्च पूरा होने लगा ।

और कलाम भी अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अखबार बांटने का काम करते थे ।

अब्दुल कलाम ने अपनी आगे की पढ़ाई करने के लिए त्रिचुरापल्ली के सेंट जोसफ कॉलेज में प्रवेश लिया ।  (Dr. APJ Abdul Kalam Essay in Hindi)

उस दौरान भी जब कॉलेज मे छुट्टियो का समय आता तो वो अपने घर जाकर अपने पिताजी के कार्य मे हाथ बटाया करते थे ।

इस कॉलेज मे अब्दुल कलाम ने चार साल तक पढ़ाई की और बी.एस.सी. की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करली ।

बी.एस.सी. के बाद उन्होने साल 1950 मे मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की । यही से उनकी वैज्ञानिक जीवन की शुरुआत हो गई थी ।

अंतरिक्ष विज्ञान की डिग्री मिलने के बाद उन्होने भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान (DRDO) मे एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के रुप मे प्रवेश लिया ।

यहा उनके नेतृत्व मे एक छोटी टीम हावर क्राफ्ट नामक एक परियोजना मे काम कर रही थी । लेकिन इस परियोजना मे उनको उत्साहजनक परिणाम की कमी दिखी ।

जिसके कारण साल 1962 मे उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ जुड़ गए । यहा उन्होंने उपग्रह प्रक्षेपण परियोजना मे महत्व की भूमिका निभाई ।

इसी परियोजना के निदेशक के रूप मे उन्होने भारत की सबसे पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान slv-3 के निर्माण में महत्व की भूमिका निभाई थी । (Dr. APJ Abdul Kalam Essay in Hindi)

साल 1980 मे इसी प्रक्षेपण यान से रोहिणी नामक उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष मे प्रक्षेपण किया गया ।

उसके बाद साल 1982 मे फिर से मुख्य निदेशक के तौर पर DRDO मे आए । इस वक्त उन्होने अपना सारा ध्यान गाइडेड मिसाइल पर केन्द्रित किया था ।

अब्दुल कलाम ने अग्नि मिसाइल या पृथ्वी मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए महान योगदान दिया था ।

इसके बाद डॉ कलाम एक के बाद एक भारत को मिसाइलें प्रदान करते रहे, इसीलिए तो उनको मिसाइल मैन कहा जाता है ।

इतने ज्यादा सफलतापूर्वक परीक्षण करने के बाद डॉ कलाम को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष क्लब के सदस्य बन गए थे । इसके अलावा उन्होने लक्ष्यभेदी नियंत्रण मिसाइल को डिजाइन किया था ।

साल 1998 मे डॉ कलाम ने दूसरी बार पोखरन परीक्षण करवाया था । उनको भारतीय रक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिक सलाहकार भी बनाए गए थे । (Dr. APJ Abdul Kalam Essay in Hindi)

डॉ कलाम अक्सर कहा करते थे की, हमारे देश की असल संपत्ति देश के युवा है । अगर हमने देश के युवाओ को सही रास्ते पर ला दिया तो भारत को विकसित होने से कोई नहीं रोक सकता ।

इसीलिए डॉ कलाम हमेशा देश के युवाओ को मार्गदर्शन देने के लिए तैयार रहते थे ।

इस तरह उन्होने अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद भी कड़ी मेहनत करके अपने जीवन को सफल बनाया । और आज पूरा भारत अब्दुल कलाम पर गर्व करता है ।

 

(ज़िंदगी मे समय का क्या महत्व है, जाने एक निबंध के तौर पर- click here)

 

डॉ अब्दुल कलाम के जीवन की सफलताएँ :-

डॉ कलाम को जीवन मे कई सफलताए मिली थी । हम बारी-बारी इन सभी सफलताओ को जानेगे ।

उनके काम को देखते हुए साल 1992 में भारतीय रक्षा मन्त्रालय के वैज्ञानिक सलाहकार के लिए डॉ कलाम को नियुक्त किया गया ।

उनके जीवन की दूसरी सफलता थी, 1998 में पोखरण मे हुआ दूसरा सफल परमाणु परीक्षण । जिसकी वजह से हमारा देश परमाणु शक्ति से सम्पन्न देशो की सूची में शामिल हो सका । और यह परमाणु परीक्षण डॉ कलाम की देखरेख मे हुआ था ।

dr apj abdul kalam in hindi essay

डॉ कलाम की इतनी सारी उपलब्धियों को देख कर सरकार ने उन्हे कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा था ।

जैसे साल 1981 में डॉ कलाम को पद्म भूषण पुरस्कार, 1990 में पद्म विभूषण पुरस्कार और 1997 में भारत रत्न पुरस्कार दिया गया था ।

इन पुरस्कारों के अलावा डॉ कलाम को वीर सावरकर पुरूस्कार, इंदिरा गांधी पुरूस्कार और रामानुजन पुरूस्कार से भी सम्मानित किया गया था ।

इसके बाद उन्हे वाटरलू विश्वविद्यालय जैसी 30 विश्वविख्यात विश्वविद्यालयों ने डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया था ।

उनको अमेरिका के ASME फाउंडेशन द्वारा 2009 मे हूवर मेडल, सिंगापुर की नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से डॉक्टर ऑफ इंजीनियरिंग से सम्मानित किया गया था ।

इसके अलावा उन्हे किंग चार्ल्स मेडल और अंतर्राष्ट्रीय वॉन कर्मन विंग्स अवार्ड से भी नवाजा गया । (Dr. APJ Abdul Kalam Essay in Hindi)

अब्दुल कलाम ने कई प्रेरणादायक पुस्तके लिखी थी । जिसमे इण्डिया माइ ड्रीम, माइ जर्नि, भारत 2020, अनलीशिंग द पावर विदिन इण्डिया, टर्निंग प्वाइंट, भारत की आवाज, महाशक्ति भारत, इग्नाइटेड माइण्ड्स और छुआ आसमान जैसी कई पुस्तके शामिल है ।

dr apj abdul kalam par nibandh

उन्होने भारतीय युवाओं को सही मार्गदर्शन देने के लिए अपनी एक आत्मकथा विंग्स ऑफ फायर लिखी थी । इसके अलावा डॉ कलाम ने तमिल भाषा मे कई कविताएँ भी लिखी थी ।

कलाम अक्सर युवाओं को कहते थे की, कुछ नया सोचने का और आविष्कार करने का साहस करो । जो असम्भव है, उसे खोजने का साहस करो । अपनी समस्याओं से जीतो और जीवन मे सफल बनो ।

उन्होने देश के युवाओ के लिए वॉट कैन आई गिव मूवमेंट नाम से एक मिशन की भी शुरुआत करी थी ।

 

(आखिर क्यो महिलाओ को सशक्त करना जरूरी है, जाने महिला  सशक्तिकरण पर निबंध मे)

 

राष्ट्रपति के रूप मे ए.पी.जे. अब्दुल कलाम :-

वैसे तो डॉ कलाम का राजनीति से कोई संबंध नहीं था । लेकिन फिर भी भारत के 11 वें राष्ट्रपति के रूप मे उन्हे सुशोभित किया गया ।

18 जुलाई, 2002 मे अटल बिहारी वाजपेयी की गठबन्धन सरकार और विपक्षी पार्टी काँग्रेस ने 90% बहुमत देकर भारत के 11 वें राष्ट्रपति के रूप मे ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को चुना ।

और 25 जुलाई, 2002 को उन्होने अपना राष्ट्रपति का पदमार ग्रहण किया । (Dr. APJ Abdul Kalam Essay in Hindi)

इस पद पर रहते हुए डॉ कलाम ने पूरी निष्ठा और निष्पक्षता से कार्य किया था । इसीलिए तो उन पर किसी भी नेता या सामान्य व्यक्ति ने कभी उंगली नहीं उठाई ।

डॉ कलाम प्रथम वैज्ञानिक और प्रथम अविवाहित राष्ट्रपति थे । इस दौरान उन्होने कई देशों का सफ़र करके भारत की शांति का संदेशा पूरे विश्व मे दिया ।

 

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का निधन और अंतिम संस्कार :-

27 जुलाई, 2015 भारत के लिए सबसे अशुभ दिन था । क्योकि इसी दिन भारत के मिसाइल मेन और प्रथम वेज्ञानिक राष्ट्रपति की मृत्यु हुई थी ।

मेघालय की राजधानी शिलांग मे एक स्पीच देते वक्त डॉ कलाम को दिल का दोहरा पड़ा । डॉ कलाम वही बेहोश हो गए । और 2 घंटे के बाद ही उनकी मृत्यु हो गई ।

उसके बाद डॉ कलाम का शरीर वायु सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा गुवाहाटी लाया गया । और 28 जुलाई को यहां से उनका शरीर दिल्ली ले जाया गया ।

दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर सुरक्षाबलों ने उनके शरीर को सम्मान पूर्वक उतारा । उस वक्त भी यहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल हाजिर थे । इसके अलावा तीनों सेनाओं के प्रमुख यहा मौजूद थे ।

इन सभी लोगो ने डॉ कलाम के शरीर को फूल अर्पित किए । उसके बाद उनके शरीर को तिरंगे से लिपट कर एक गन कैरिज में रखा गया ।

यहा से उनको राजाजी मार्ग ले जाया गया जहा भी कई राज्यो के नेताओं ने डॉ कलाम को श्रद्धांजलि दी । (Dr. APJ Abdul Kalam Essay in Hindi)

उसके बाद डॉ कलाम के शरीर को 30 July 2015 के दिन पूरे सम्मान के साथ रामेश्वरम में दफना दिया गया । उनके अंतिम संस्कार में 3,55,000 से भी अधिक लोग शामिल थे ।

ए पी जे अब्दुल कलाम के सम्मान के लिए भारत सरकार ने सात दिवसीय राजकीय शोक रखा था ।

उनकी मृत्यु की वजह से भारत के लोगो मे दुख फ़ेल गया था । सच मे, अब्दुल कलाम का निधन हम सभी भारतवासियों के लिए एक बहुत बडा आघात था ।

 

निष्कर्ष :-

इतना सब कुछ जानने के बाद अब आप लोगो को पता चल गया होगा की, आखिर क्यो ए पी जे अब्दुल कलाम इतने जबरदस्त, निराभिमानी और प्रभावशाली व्यक्ति थे ।

उनके जीवन से हमारे देश के युवाओ को बहोत कुछ सीखना चाहिए ।

कैसे एक गरीब बच्चा सिर्फ अपनी मेहनत और परिश्रम से ना सिर्फ एक सफल वेज्ञानिक बल्के इतने बड़े देश का राष्ट्रपति बन सकता है । तो क्या हम देश के विकास के लिए थोड़ा योगदान भी नहीं दे सकते ?

आज हमारे देश का युवा अपनी मंज़िल से भटक गया है । उनको डॉ कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है ।

और आखिर मे आपसे पूछना क्या अब आप लोग ए पी जे अब्दुल कलाम के जीवन से कभी हार न मानने का जज्बा, कड़ी मेहनत अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा जैसे गुणो को अपनाएँगे या नहीं ?

और आपको ये ए.पी.जे. अब्दुल कलाम पर निबंध (Dr. APJ Abdul Kalam Essay in Hindi) कैसा लगा ?

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको सरल ओर साधारण भाषा मे ए.पी.जे. अब्दुल कलाम पर निबंध को दे सके ।

लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email जरूर करे । आपको और भी किसी विषय पर निबंध चाहिए तो कॉमेंट मे जरूर बताए ।

अगर आपके आस-पास कोई एसा व्यक्ति है, जो अपने जीवन मे कुछ भी नहीं कर रहा या अपनी मंज़िल को भूल गया है तो एसे लोगो तक यह निबंध जरूर पहुंचाए । (please share)

Thanks for reading Dr. APJ Abdul Kalam Essay in Hindi

 

READ MORE ARTICLES :-

 

पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध 

अनुशासन जीवन मे कितना जरूरी है, अनुशासन पर एक कडक निबंध

बच्चो को मजदूरी क्यो करनी पड़ती है, बाल मजदूरी पर हेरतंगेज़ तथ्य के साथ निबंध

देश को अंदर से खोखला कर देने वाली बीमारी यानि भ्रष्टाचार पर निबंध

भारत का सबसे रंगीन त्योहार होली पर निबंध

Leave a Comment