(2021) शिक्षा का महत्व पर निबंध- Shiksha Ka Mahatva par nibandh

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किसी ने क्या खूब लिखा है की, शिक्षा जीवन में सफल होने की एक शानदार कुंजी है । इसीलिए हमे अपने बच्चो को एक अच्छी शिक्षा देनी बहोत जरूरी है ।

शिक्षा यानि दुनिया की किसी भी चीज़ को सीखने की और उसका ज्ञान प्राप्त करने की एक प्रक्रिया । शिक्षा हमें नैतिकता और सदाचार सिखाती है, इसीलिए तो किसी भी देश और समाज को सुचारू और स्थिर रखने के लिए शिक्षा बहोत जरूरी है । और जिस देश मे ज्यादा शिक्षित लोग होंगे उस देश की अर्थव्यवस्था भी बहोत मजबूत होगी । अमेरिका मे किए गए एक रिपोर्ट से पता चला की, किसी भी व्यक्ति की आर्थिक और सामाजिक स्थिति ज़्यादातर उसकी शिक्षा पर निर्भर करती है । इसके साथ-साथ शिक्षित व्यक्ति को घर, परिवार और समाज मे सम्मान के साथ देखा जाता है ।

 

शिक्षा क्या है?

कई लोगो को लगता होगा की, शिक्षा यानि स्कूल मे जाकर इतिहास, राजनीति, गणित और मनोविज्ञान जैसे कई विषयों की पढ़ाई करना । लेकिन सिर्फ यही शिक्षा नहीं है । अगर हम दुनिया के किसी भी क्षेत्र मे काम करने के लिए जाए और उसका हम ज्ञान प्राप्त करे उसे भी हम शिक्षा कह सकते है । फिर चाहे वो डॉक्टर बनने की पढ़ाई या किसी गैराज मे काम सीखना ही क्यो न हो ।

 

शिक्षा का हमारे जीवन में क्या महत्व है?

शिक्षा एक एसा सुंदर शब्द है, जो एक कली मे से सुंदर फूल और एक छोटे बच्चे मे से नेता, डॉक्टर और कलेक्टर जैसा बड़ा व्यक्ति बनाता है । शिक्षा मानवी को आत्मविश्वास, धैर्य, संयम, बहादुरी और वीरता जैसे कई महत्व के गुण सिखाती है । इन सभी गुणो की वजह से ही हमारा व्यक्तित्व निखरता है ।

इसके अलावा हमारी अच्छी और बुरी शिक्षा ही हमारा और हमारे देश का भविष्य तय करती है । अगर हम शिक्षा को सिंगापुर देश के उदाहरण से समजे तो, कुछ सालो पहले सिंगापुर की गणना गरीब और पछात देशो मे की जाती थी । लेकिन उसने देश की शिक्षा पर बहोत ध्यान दिया । और जब से सिंगापूर ने शिक्षा को अच्छे से अपनाया तब से उसका पूरा नक्शा ही बदल गिया । आज सिंगापूर इतना ताकतवर हो गया है की, वह अमेरिका और चीन जैसे देशो को भी टक्कर दे सकता है । यह शक्ति है, शिक्षा मे ।

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इसीलिए तो किसी ने क्या खूब लिखा है की, एक विकसित और एक विकाशशील देश के बीच सिर्फ शिक्षा की ही दीवार होती है । अगर उस दीवार को विकाशशील देश पार कर्ले तो वह विकसित बन जाएंगे और विकसित देश अगर उस दीवार से पीछे आजाए तो वह विकाशशील देश बन जाएंगे । तो क्या आप अपने देश को विकसित बनाना चाहेंगे या नहीं ? अगर चाहते है, तो आज ही से शिक्षा को महत्व देना शुरू करदे । 

 

आधुनिक युग में शिक्षा का क्या महत्व है? 

प्राचीन शिक्षा मे समय के साथ-साथ परिवर्तन आने लगा और धीरे-धीरे शिक्षा की महत्वता बढ़ने लगी । अब शिक्षा विश्व के सभी देशो की प्रगति का आधार बनने लगी थी । और आधुनिक युग मे आते-आते शिक्षा का एक अलग ही महत्व बन गया । परंतु वर्तमान मे सिर्फ ज्ञान प्राप्त करना ही काफी नहीं है, हमे व्यावहारिक और औद्योगिकरण की शिक्षा लेनी भी जरूरी है । आज के आधुनिक युग मे मशीनीकरण बहोत तेजी से फेल रहा है । जिसकी वजह से बहोत लोग बेरोज़गार बनते जा रहे है ।

लेकिन शिक्षित व्यक्ति कभी बेरोज़गार नहीं रहता । क्योकि शिक्षा हमे आत्मनिर्भर बनना सिखाती है । इसीलिए वर्तमान मे दुनिया के किसी भी मनुष्य को अगर अपना जीवन सुखमय बनाना है, तो उसे शिक्षा लेनी ही पड़ेगी । क्योकि शिक्षा ही हमारी परिस्थिति मे बदलाव ला सकती है । आधुनिक युग मे शिक्षित लोगो को बहोत सम्मान की नज़र से देखा जाता है । इन सभी चीज़ों को देखते हुए, आधुनिक युग में शिक्षा बहुत आवश्यक और जरूरी है ।

 

शिक्षा के प्रकार

शिक्षा के मुख्य दो प्रकार है । औपचारिक शिक्षा और अनौपचारिक शिक्षा।

 

औपचारिक शिक्षा 

जो शिक्षा स्कूल मे दी जाती है, उसे औपचारिक शिक्षा कहते है । इसमे शिक्षक विध्यार्थीयो के सामने बैठकर एक कक्षा मे पढ़ाता है । इसीलिए तो इसे वास्तविक शिक्षा भी कहा जाता है । औपचारिक शिक्षा मे छात्रों को उनकी रुचि अनुसार शिक्षा प्रदान की जाती है । इसमे छात्रो को स्कूल मे हर रोज़ जाकर विभिन्न विषयों का आभ्यास करना पड़ता है । अनुभवी शिक्षको और व्यवस्थित पद्धति द्वारा यहा छात्रो को शिक्षा दी जाती है । इसमे साल के अंत मे एक या दो बार परीक्षा का आयोजन किया जाता है, जिसमे पास होने के बाद स्कूल या कोई संस्था द्वारा आपको पास होने का प्रमाणपत्र या डिग्री दी जाती है । उसके बाद ही हम आगे की कक्षा मे जा सकते है । 

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परंतु औपचारिक शिक्षा की कुछ कमिया भी है, जैसे की औपचारिक शिक्षा के कारण कभी-कभी शैक्षणिक सत्र बहोत लंबे हो जाते है । जिसके कारण छात्रो को पढ़ाई बोरिंग और उबाऊ लगने लगती है । इसके अलावा औपचारिक शिक्षा थोड़ी महंगी और कठोर भी है । परंतु औपचारिक शिक्षा को सभी और से देखा जाए तो उसके नुकसान कम और लाभ ज्यादा है ।

 

अनौपचारिक शिक्षा 

जब हम कुछ सीखने के लिए किसी स्कूल या कोई विशेष शिक्षण पद्धति का उपयोग नहीं करते, उसे अनौपचारिक शिक्षा कहते है । जैसे की, एक माँ अपनी बेटी को खाना बनाना सिखाये या बाप अपने बेटे को साइकिल की सवारी । ये दोनों चीज़ों को आप अनौपचारिक शिक्षा मे शामिल कर सकते है । इसके अलावा भी लोग पुस्तकालय या शैक्षिक वेबसाइटों से पढ़कर ज्ञान ले, उसे भी हम अनौपचारिक शिक्षा कह सकते है ।

जब आप जन्म लेते हो तभी से आप अनौपचारिक शिक्षा लेना शुरू कर देते हो और जब तक आपकी मृत्यु नहीं हो जाती तब तक आप अनौपचारिक शिक्षा लेते रहते हो । इसमे समय की कोई मर्यादा नहीं है । यह शिक्षा स्कूल से दूर रहकर ली जाती है और यहा हमे खुद या किसी और व्यक्ति से सीखना पड़ता है । इसके अलावा इसमे ना कोई परीक्षा ली जाती है और ना ही कोई डिग्री या प्रमाणपत्र दिया जाता है । जिसकी वजह से छात्रो को फैल होने का कोई डर नहीं होता ।

परंतु अनौपचारिक शिक्षा के भी कुछ नुकसान है, जैसे की यहा पर हमे कोई योग्य मार्गदर्शक देने वाला नहीं होता । हमे खुद किसी और व्यक्ति के पास जाकर ज्ञान लेना पड़ता है । इससे हमारे अंदर आलसीपन आने की संभावना रहती है ।

 

शिक्षा का मुख्य उद्देश्य

शिक्षा का मुख्य उदेश्य लोगो मे प्रेम और अहिंसा की भावना को जागरूक करके देश और समाज की प्रगति करना है । दुनिया मे बसे हर मनुष्य का भविष्य शिक्षा है । क्योकि हमारी आने वाली ज़िंदगी मे हम कितने सफल होंगे यह शिक्षा पर निर्भर करता है । शिक्षा व्यक्ति को स्वतंत्र बनाती है, जिससे व्यक्ति दूसरों पर निर्भर नहीं रहता । और एक शिक्षित व्यक्ति समाज के निचले वर्ग पर खड़े होकर भी समाज मे एक बड़ा बदलाव ला सकता है ।

परंतु आज के आधुनिक युग मे लोगो ने शिक्षा का उद्देश्य ही कुछ और बना लिया है । लोगो ने शिक्षा को सिर्फ तथ्यों का ज्ञान बना दिया है । एसे लोगो के मुताबिक जो ज्यादा तथ्यो को याद करके पहला नंबर लाएगा, वही आज के जमाने का सबसे शिक्षित व्यक्ति कहलाएगा । 

जबकि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य तो मनुष्य के अंदर अच्छे और आकर्षक गुणों का विकास करना था । उनके अंदर आत्मविश्वास और आत्म-नियंत्रण को विकसित करना था । अंधविश्वास और अज्ञानता से लोगो को मुक्त करके देश का वफादार और सच्चा नागरिक बनाना शिक्षा का उदेश्य था । शिक्षा हमे अनुशासन मे रहना सिखाती है । अपने बड़े-बुजुर्गो का कैसे सम्मान करना यह हमे शिक्षा सिखाती है ।

एक गरीब के बच्चे को कलेक्टर सिर्फ शिक्षा ही बना सकती है । इसलिए चाहे कुछ भी हो जाए कभी अपने बच्चो को शिक्षा से वंचित ना करे । क्योकि शिक्षा ही मनुष्य की परिस्थिति को बदल सकती है ।

 

निष्कर्ष 

इतना सब कुछ जानने के बाद शायद अब आप लोगो को पता चल गया होगा की, आखिर शिक्षा किसी भी देश, समाज और व्यक्ति के लिए क्या महत्व रखती है ? लेकिन हमारे देश की वर्तमान स्थिति को देखते हुए हमे शिक्षा को एक नई दिशा देने की जरूरत है । क्योकि हमारे यहा लोग पैसा कमाने के लिए शिक्षा प्राप्त करते है । परंतु अगर हम अच्छे से शिक्षा प्राप्त करेंगे और वो सारी काबिलीयत रखेंगे जो एक सफल व्यक्ति के अंदर होनी चाहिए तब पैसा, धन और दोलत हमारी पूंछ बन कर हमारे पीछे भागेगा । इसीलिए जीवन मे ज्यादा-से-ज्यादा अपनी शिक्षा पर ध्यान दे ।


 

अगर आपको इस निबंध से कुछ भी लाभ हुआ हो तो इसे शेर करना न भूले । Thanks for reading shiksha ka mahatva

 

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