वृक्षारोपण पर निबंध (2021)- Vriksharopan Par Nibandh

दोस्तो, आज हम वृक्षारोपण पर निबंध (Vriksharopan Par Nibandh) को विस्तृत मे जानेगे । यह निबंध आपको स्कूल, कॉलेज और कई जगहो पर काम आने वाला है ।

हम इस निबंध मे वृक्ष और वन के महत्व के साथ-साथ यह भी जानेगे की, आखिर क्यो हमे वृक्षारोपण करने की जरूरत पड़ी ?

और आज वृक्षो की कमी की वजह से कितने खतरनाक और गंभीर परिणाम इस दुनिया को देखने मिले, इसे भी हम जानेगे । इसलिए अंत तक इस निबंध को जरूर पढे ।

हम पर भरोसा करें, वृक्षारोपण पर निबंध को पढ़ने के बाद शायद ही आपके मनमे इसके बारे मे कोई संदेह रहेगा ।

तो चलिए शुरू करते है ।

 

Essay on Tree Plantation in Hindi – वृक्षारोपण पर एक जबरदस्त निबंध

 

प्रस्तावना :-

प्राचीन काल से ही मनुष्य और प्रकृति का सबंध बहोत घनिष्ठ रहा है ।

भोजन से लेकर आवास तक मनुष्य अपनी सभी ज़रूरियात प्रकृति और वनों से पूरी करता था । प्रकृति मे भी इसे वृक्षो से बहोत ज्यादा लाभ होता था ।

क्योकि वृक्षों ने मनुष्य को खाने के लिए फल, ईंधन के रूप मे लकड़ी और तन ढकने के लिए पत्ते दिये थे ।

इसके बाद धीरे-धीरे मनुष्य का विकास होने लगा और मानव आधुनिकता की और बढ़ने लगा । लेकिन विकास और आधुनिकता की दौड़ मे मनुस्य पर्यावरण को बहुत ज्यादा नुकसान पहुचाने लगा ।

उसने वृक्षों की अंधाधुंध कटाई करना शुरू करदी और देखते-ही-देखते कई वन समाप्त होने लगे ।

परंतु इसकी वजह से कई बार ज्यादा बारिश तो कई बार ग्लोबल वार्मिंग की घटनाएं और सुनामी जैसे गंभीर परिणाम हमे देखने मिले ।    

इसीलिए हमे वर्तमान समय में वृक्षारोपण करने की जरूरत पड़ी ।

 

वृक्षारोपण क्या है ?

विश्व मे कही भी वृक्षों को लगाने की या बीज बोने की प्रक्रिया यानि वृक्षारोपण ।

वृक्षारोपण को सामान्य भाषा मे समजे तो, ज्यादा-से-ज्यादा पेड़ लगाना । इसमे कोई एक व्यक्ति या कोई समूह मिलकर वृक्षारोपण करता है ।

Vriksharopan ka mahatva

और आज के इस आधुनिक युग मे वृक्षारोपण को बढ़ावा देना बहोत जरूरी है । क्योकि मनुष्य बहोत ज्यादा मात्रा मे पेड़ो को नुकसान पहोचा रहा है ।

वृक्षारोपण से पेड़ो मे बढ़ोतरी तो होगी ही, लेकिन इसके साथ-साथ लोगो मे भी वृक्षो के प्रति जागरूकता आएगी ।

 

वृक्षारोपण क्यों आवश्यक है ?

दुनिया मे किसी भी देश का वातावरण उस देश की वर्षा और वायुमंडलीय तापमान पर निर्भर करता है ।

और किसी भी देश की वर्षा और वायुमंडलीय तापमान उस देश के वृक्षो पर निर्भर करता है ।

अगर पेड़ो का ज्यादा मात्रा मे विनाश किया गया तो वर्षा मे असंतुलन पैदा होगा और तापमान बढ़ेगा, जो मनुष्य और सारे जीव जगत के लिए हानिकारक है ।

इसलिए हमे वर्षा को संतुलीत करने और वायुमंडल के तापमान को नियंत्रित करने के लिए ज्यादा-से-ज्यादा पेड़ों की आवश्यकता होगी ।

और इसीलिए वर्तमान मे हमे वृक्षारोपण करने की आवश्यकता है ।

इसके अलावा दुनिया के हर जीव के लिए ऑक्सीजन अति-आवश्यक है ।

अगर वातावरण मे थोड़े सेकंड के लिए भी ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाए तो, न जाने कितने लोग और जीव-जन्तु का विनाश हो जाएगा ।

और वृक्ष ही हमे ऑक्सीजन देता है । इसलिए अगर हम अधिक मात्रा मे वृक्षारोपण करेंगे तो हमे कभी ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी ।

Vriksharopan ki aavshyakta

वर्तमान मे अंधाधुन वृक्षों की कटाई हो रही है, जिसकी वजह से पर्यावरण मे बहोत ज्यादा मात्रा मे प्रदूषण फैलता जा रहा है ।

और प्रदूषण की वजह से कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ रहा है, और साथ-साथ पृथ्वी का तापमान भी बढ़ता जा रहा है ।

और तापमान बढ़ने की वजह से पृथ्वी पर ग्लेशियर(बर्फ़) पिघलता जा रहे । जब ज्यादा मात्रा मे ग्लेशियर पिघलेगा तो उसके आस-पास के कई देश और टापू पानी मे डूब जाएंगे ।

इसके लिए भी हमे वृक्षारोपण करना जरूरी और आवश्यक है ।

 

(बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध, एक बार जरूर पढे)

 

वृक्षों का महत्व और उसके फायदे :-

पुरातन काल से ही मनुष्य पेड़ो पर निर्भर रहा है । उस समय वो अपनी सारी जरूरते पेड़ो से संतुष्ट करता था ।

वृक्ष ने हमे खाने के लिए फल, सब्जियां और ईंधन के लिए लकड़ियां दी है ।

पेड़-पौधों की जड़ों, पत्तियों, फल और फूलों का उपयोग करके कई प्रकार की जीवनरक्षक दवाए बनाई जाती है । जिससे मनुष्य के गंभीर रोगों के इलाज मे मदद मिलती है ।

वृक्ष ना सिर्फ हमे ऑक्सीजन प्रदान करते है, बल्के कार्बन डाइऑक्साइड जैसे अन्य हानिकारक गैसो को अपने अंदर अवशोषित करते है ।

जिसकी वजह से हमारे आस-पास की हवा शुद्ध और ताज़ी रहती है ।

इसके अलावा हमे पेड़ो की लकड़ियो से फर्नीचर, रबर, कागज़ और कई प्रकार की सजावटी चिजे प्राप्त होती है ।

वृक्षो के फलो से हमे जूस, जैम, जेली और सॉस जैसी कई वस्तुए मिलती है ।

अगर पेड़ो से निकाली गयी यह चिजे ज्यादा मात्रा मे हो, तो हम इन चीज़ों को अन्य देशों में निर्यात भी कर सकते है । जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनती है ।

Vriksharopan ke labh

पेड़ पक्षियों और जानवरों का घर और भोजन है । वह पेड़ो पर रहते है और उसी पेड़ के फल और पत्तियां खाते है ।

गर्मी के मौसम मे जब धूप बहोत ज्यादा होती है, तब वृक्ष हमे छाया प्रदान करते है ।

वृक्ष धरती की सौंदर्य है । पेड़ो की हरियाली और घास के मैदानो की वजह से हमारी पृथ्वी रंग-बिरंगी दिखती है ।

फूलो को देख कर हमारा मन शांत और प्रफुल्लित बन जाता है । इसीलिए तो कहा जाता है की, पेड़ो की बिना मनुष्य के जीवन की कल्पना करना बहोत मुश्किल है ।

परंतु आज मनुष्य आधुनिकता की लालच मे आकर पेड़ों को निरंतर काटता जा रहा है ।

मनुष्य पेड़ो के जंगलो को खतम करके पत्थरो के जंगलो को खड़ा कर रहा है । यानि पेड़ो को काट कर घर और फ़ैक्टरी को बना रहा है ।

जिसकी वजह से वर्तमान मे हमे कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं और समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है ।

अगर हमने जल्द ही वृक्षारोपण करके ज्यादा-से-ज्यादा पेड़ नहीं लगाए तो आने वाले समय मे हमारे लिए और हमारे आने वाले बच्चो के जीवन के लिए खतरा है ।

 

वन कटाई से उत्पन्न होने वाली समस्या :-

हमने वृक्षो से होने वाले फ़ायदों को जाना, लेकिन हम वृक्षों की कटाई से हो रहे विनाशकारी परिणामो को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते ।

मनुष्य की बढ़ती आबादी और अपनी इच्छाओं के लिए लगातार वनों का विनाश कर रहा है ।

मानवी ने कई सौंदर्य से भरे वनों को आज वेरान बना दिया है । जिसकी वजह से कई जीव-जंतु और पशु-पक्षी बेघर होते जा रहे है । (वृक्षारोपण पर निबंध)

परंतु इसकी वजह से जंगली और खूंखार जानवर बस्ती वाले इलाको मे आकर मनुष्य को हानी पहुंचा रहे है । क्योकि उनका घर और भोजन दोनों मनुष्य ने छिन लिया है ।

वृक्षो की कमी से वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड गैस की मात्रा लगातार बढ़ रही है । जिसके कारण पृथ्वी का तापमान भी बढ़ रहा है ।

और बढ़ते तापमान की वजह से ग्लेशियर पिघलकर पानी मे परिवर्तित हो रहा है ।

जिससे, समुद्र का जल स्तर भी बढ़ता ही जा रहा है ।

Vriksharopan ka mahatva par nibandh

जिसकी वजह से सुनामी और कई प्रकार के कुदरती प्रक्रोप आने की संभावना रहती है ।

पेड़ो की कमी से जल चक्र भी असंतुलित हो जाता है । जिसके कारण कभी बहुत कम तो कभी बहोत ज्यादा बारिश होने लगती है । और इन सबकी वजह से कृषि मे बहोत नुकसान होता है ।

वृक्षों की कमी से उपजाऊ भूमि बंजर भूमि मे तब्दील होती जा रही है और भूमि मे पानी का स्तर कम होता जा रहा है ।(वृक्षारोपण पर निबंध)

और अगर इसी तरह वृक्षों की अंधाधुंध कटाई जारी रही, तो आने वाले कुछ समय मे धरती पर सभी जीवो के अस्तित्व के लिए एक प्रश्न जरूर खड़ा होगा ।

 

(वर्तमान सोशल मीडिया पर निबंध)

 

वन महोत्सव कार्यक्रम :-

भारत मे अंग्रेज़ो के वक्त वृक्षो को संरक्षण करने का कोई कानून नहीं था । लेकिन आजादी के बाद जब सत्ता भारत के हाथ मे आई तो वन संसाधनों के संरक्षण पर उचित ध्यान दिया जाने लगा ।

इसके लिए देश मे ज्यादा-से-ज्यादा पेड़ लगाकर नए वन बनाने की और कदम उठाए गए ।

और इसी प्रक्रिया मे आगे जाकर 1950 मे भारत सरकार ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका नाम वन महोत्सव रखा गया । (वृक्षारोपण पर निबंध)

और तब से लेकर आज तक वन विभाग की प्रत्यक्ष देखरेख में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है ।

वर्षा ऋतु की शुरुआती सप्ताह मे इसको पूरे भारत में एक त्योहार की तरह मनाया जाता है ।

इस दिन लोग वृक्षारोपण करते है । वो खुद भी पेड़ लगाते है और दूसरों को भी पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करते है ।

शैक्षणिक संस्थान और सरकारी विभाग भी इस कार्यक्रम मे भाग लेकर वन महोत्सव मनाते है ।

परंतु इसके बाद भी हमारे देश का एक बड़ा समूह वन महोत्सव से दूर रहता है ।

हमे एसे लोगो को समजाना चाहिए की, वृक्षारोपण सिर्फ कुछ लोगों या संगठनों की नहीं बल्के हम सबकी जिम्मेदारी है । क्योकि पेड़ो से पूरी मानवजाति लाभ ले रही है ।

इसलिए वृक्षारोपण को हमारा कर्तव्य समजकर अपनाना चाहिए । (वृक्षारोपण पर निबंध)

अब तक हमने विकास के नाम पर वनों को बहोत नुकसान पहोचाया है । परंतु अब स्थिति को सुधारने के लिए हमे आगे आकर पर्यावरण को स्वस्थ, साफ-सुथरा और हरा-भरा बनाना होगा ।

तभी हम और हमारे आने वाले बच्चे पर्यावरण के इन गंभीर परिणाम से बच सकते है ।

 

निष्कर्ष :-

इतना सब कुछ जानने के बाद शायद अब आप लोगो को पता चल गया होगा की, आखिर क्यो हमे वृक्षारोपण करने की जरूरत पड़ी ?

भारत और विश्व के किसी भी देश मे बसे नागरिकों का यह कर्तव्य है की, न सिर्फ वृक्षों की रक्षा करे बल्के अधिक-से-अधिक पेड़ लगाए ।

किसी ने क्या खूब लिखा है की, पेड़-पौधे और वन है मानव के लिए एक वरदान, मत करो इन सब का अपमान ।

अंत मे आपसे एक प्रश्न पूछना चाहता हु की, क्या अब आप लोग पेड़ो की रक्षा करेंगे या नहीं ? जवाब कमेंट मे जरूर दे ।

और आपको यह वृक्षारोपण पर निबंध (Vriksharopan Par Nibandh) कैसा लगा ?

हमने पूरी कोशिस की है, ताकि आपको सरल ओर साधारण भाषा मे वृक्षारोपण पर निबंध दे सके । लेकीन फिर भी आपको कोई समस्या हो तो आप हमे email करे ।

और अगर आपको इस निबंध से थोड़ा भी लाभ हुआ हो तो, इसे शेर करना न भूले । ( please share )

Thanks for reading वृक्षारोपण पर निबंध

 

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