महिला सशक्तिकरण पर निबंध- Women empowerment in Hindi

आज हम Women empowerment in Hindi यानि महिला सशक्तिकरण के बारे मे विस्तृत मे जानेगे ।

इसके साथ-साथ कुछ एसी चोकावने वाले reports, ओर तथ्यो को भी जानने वाले हे जिसको जान कर आप हेरान हो जाएंगे ।

मेरी आपसे बिनती हे की इस को पढ़ने से पहले नीचे दियी गयी माहिती पढ़ कर ही आगे बढ़े क्यूकी बाद मे नहीं चाहता की आपको कोई प्रोब्लेम हो ।

आप लोग इस लेख को नीचे दिये गए सारे टोपिक्स के लिए उपयोग कर सकते हो ।

  • Women empowerment essay in Hindi
  • Mahila sashaktikaran par nibandh
  • Article on women empowerment in Hindi

लेकिन आपके मनमे प्रश्न होता होगा की आखिर इन सब के लिए एक ही लेख कैसे काफी हे ?

तो मे आपको बता देना चाहता हु की हमने इसको अच्छी तरह जांच कर सारे टोपिक्स को ध्यान मे रख कर लिखा हे ताकि आपको निबंध, स्पीच, लेख ओर प्रोजेक्ट इन सभी के लिए कही ओर जाना न पड़े ।

तो चलिये शुरू करते हे ।

Women empowerment in Hindi

किसी ने महिलाओ के लिए क्या खूब लिखा हे की,

कभी भी संदेह न करें कि आप मूल्यवान और शक्तिशाली नहीं हे । आपके सपनों को आगे बढ़ने और प्राप्त करने के लिए दुनिया के हर अवसर आपके योग्य हैं । क्योकि पुरुष ओर महिलाए जीवन के हर पेहलू मे एक समान हे ।

लेकिन जब महिला ओर पुरुष के बीच लिंग के आधार पर मतभेद किया जाए तो हमे महिला को सशक्त करना जरूरी हे ।

अगर आज हमने महिला को सशक्त करने के लिए आवज नहीं उठाई तो ये समस्या बढ़ती ही जाएगी ओर हमारे समाज को अंदर से खोखला कर देगी ।

प्रस्तावना :

यदि आप कुछ कहना चाहते हे तो एक आदमी से पूछें, यदि आप कुछ करना चाहते हे तो एक महिला से पूछें । लेकिन फिर भी क्यो महिलाएं हर उम्र में अपने संरक्षकों से ही पीड़ित होती हैं ।

जैसे बचपन मे अपने पिता, भाई, चाचा, ओर पड़ोसी से । युवावस्था प्रेमी ओर पति से ओर विवाहित जीवन में ससुराल ओर जीवन के अंत मे यानि बुढ़ापे में बेटों से।

इतिहास गवाह है कि दुनिया के सभी समूहों में पुरुषो से ज्यादा महिलाओं को नुकसान उठाना पड़ा है आखिर क्यू ?

सभी प्रकार के दुवयवहार जैसे छेड़छाड़, हिंसा, बलात्कार, गरीबी, कुपोषण आदि महिलाओ को सहन करना पड़ता हे ।

लेकिन फिर भी अभी तक इस विषय पर विद्वानों का ध्यान पर्याप्त रूप से क्यो नहीं गया ।

( इसमे उन पुरुषो की बात हो रही हे जो स्त्री को हिन भावना से ही देखते हे, दुनिया मे हर पुरुष एसा नहीं है )

सशक्तिकरण का क्या मतलब है ?

हमे महिला सशक्तीकरण को समजने से पहले सशक्तिकरण को समजना होगा । इस शब्द को पहली बार 17 वीं शताब्दी मे इस्तेमाल किया गया था ।

सशक्तिकरण एक आधुनिक विचार हे जिसका अर्थ होता हे सशक्त करना या शक्ति देना । इस का एक अर्थ ये भी होता है की सब लोग समान हैं ।

ज़िंदगी मे हमेशा अपना काम करते रहे और दूसरों को समर्थन करते रहे । क्योकि जब लोग सशक्त होते हैं तो सत्ता साथ होती है । फिर हमे व्यक्ति और पेशेवरों की कोई जरूर नहीं ।

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लोगों के अनुभव और भावनाओं को जब महत्व दिया जाए, उनकी बात सुनी जाए, और उनका सम्मान किया जाए तब सही मे लोग सशक्त होंगे ।

वे अपने लक्ष्य स्वयं निर्धारित करें, व्यक्ति जब सुरक्षित रहें और सुरक्षित महसूस करें तब सही मे लोग सशक्त होंगे ।

लेकिन क्या महिलाओ अपना निर्णय खुद ले सकती है ? क्या वो आज सुरक्षित है ? क्या उनकी भावनाओं को महत्व दिया जा रहा है ?

बिलकुल नहीं । इसीलिए तो हमे महिला सशक्तीकरण करना बहोत जरूरी है ।

महिला सशक्तिकरण क्या है ?

महिला सशक्तीकरण को हम साधारण भाषा मे समजे तो दुनिया के किसी भी देश मे अगर सामाजिक, आर्थिक या राजकीय पदों मे लिंग के आधार पर मतभेद किया जाए तो वहा पे महिलाओ का शोषण होता हे ।

एसी जगहो पर हमे महिलाओ को सशक्त करना हे ओर महिलाओको सशक्त करने की प्रकिया को ही महिला सशक्तिकरण कहते हे ।

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बीसवीं सदी के बाद इस मुद्दे को को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच में महत्व मिला । इसीलिए महिला सशक्तीकरण का मुद्दा अब एक वैश्विक घटना है । लेकिन यह मान्यता देश की सरकारों में गंभीर नहीं है ।

लेकिन भारतीय सरकार ने विविध जाति, पंथ, लिंग और रंग के बावजूद भी अपने देश के हर नागरिकों को मताधिकार दिया ।

किसी भी देश को लोकतंत्र मजबूत बनाने के लिए महिला और पुरुष दोनों को समान भाग लेना चाहिए ओर समान भाग देना चाहिए ।

( माँ पर निबंध प्यार भरे तथ्यो के साथ जानने के लिए – click here )

महिला सशक्तीकरण के प्रकार कितने हैं ?

रशिया के पूर्व राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव ने अपने एक लेख मे बड़ी मज़ेदार बात कही थी की, किसी भी देश मे महिलाओं की स्थिति लोकतंत्रवाद के एक बैरोमीटर जैसी है ।

महिला ना सिर्फ घर मे बल्के समाज के सभी स्तरों पर योगदान करने में सक्षम है ।

महिला सशक्तीकरण को मुख्य तीन भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है ।

  • शैक्षिक
  • आर्थिक
  • राजनीतिक

शैक्षिक सशक्तिकरण :

वैसे तो दुनिया मे बसे हर व्यक्ति को शिक्षित होना जरूरी हे । क्योकि वो आत्म-विश्वास, आत्म-सम्मान ओर आत्म-निर्भरता पैदा करती है ।

लेकिन एक पुरुष व्यक्तिगत रूप से साक्षर हे तो वह अकेला है शिक्षित है, लेकिन अगर एक बालिका शिक्षित होती है तो पूरा परिवार शिक्षित होता है ।

हमे महिलाओं को आर्थिक रूप से तैयार करके शिक्षा के माध्यम से सींचना होगा । ताकि लोग उच्च शिक्षा पाकर लिंग सशक्तिकरण के सही अर्थ को समजे ।

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अगर हम महिलाओ को नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा दे तो वो अपने अधिकारों और कर्तव्यों को जान सकेंगे ।

इसके अलावा उनको कानूनी सहायता भी मिलनी चाहिये ताकि वे बिना पैसा खर्च किए भी अपने मुक़दमा (केस) लड़ सकें ।

सशक्त महिलाएं निर्णय लेने और नीति निर्माण के विभिन्न कार्या में भाग लेने में सक्षम होंगे और शिक्षा इस क्षेत्र महान भूमिका निभाती है ।  

महिलाओ को देश की विकसात्मक क्रियाएँ में भाग लेने के लिए सक्षम बनाना होगा । शिक्षा और ज्ञान की प्राप्ति से महिलाएँ अपनी ज़िंदगी की कई समस्याओं को दूर कर सकती ।

आर्थिक सशक्तिकरण  :

महिलाओं का सशक्तीकरण के लिए आर्थिक और सामाजिक विकास एक आवश्यक शर्त हे ।

अगर महिलाए आर्थिक रूप से ही आत्मनिर्भर नहीं रहेगी तो अन्य अधिकार महिलाओ के लिए अर्थहीन हैं ।

महिलाओं के लिए संसाधनों, संपत्तियों, आय और अपने स्वयं के नियंत्रण के साथ-साथ अपने जोखिम को नियंत्रित करने और अपने अधिकार का आनंद लेने की क्षमता है । महिलाओ का आर्थिक सशक्तिकरण का यही तात्पर्य है ।

SEWA (सेल्फ एम्प्लॉयड वुमन एसोसिएशन) नामक महिलाओ का एक बड़ा संगठन हे । ये संगठन महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए आवाज उठाता है ।

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महिलाओ के आर्थिक आवश्यकताओ मे घर, कपडे, दवा, शुद्ध पानी ओर थोड़े पैसे जैसे प्राथमिक आवश्यकताएं शामिल है ।

जब एक महिला की काम की सुरक्षा है, उसके नाम पर संपत्ति है ओर खुद की आय है ।

तभी महिलाए पूर्ण रोजगार और आत्मनिर्भरता की प्राप्ति कर सकती है ओर तभी वो आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस करती है ।

राजनीतिक सशक्तिकरण :

हमने पहले दो प्रकार के सशक्तिकरण को समजा । लेकिन हमे अगर कम समय मे महिलाओ के अंदर ज्यादा सशक्तिकरण लाना हे तो हमे राजनीतिक सशक्तिकरण को अपनाना होगा ।

शासन के सभी स्तरों पर महिलाओं की भागीदारी की अधिक आवश्यकता है ।

हमे राजनीतिक सत्ता से वंचित, उत्पीड़ित और शक्तिहीन महिला को निर्णय लेनेवाली महिला, सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों से लाभ लेने वाली महिला बनाना हे ।

क्योकि राजनीतिक क्षेत्र से ही देश के विभिन्न निर्णय लिए जाते है । अब उन समिति में महिलाओं की भागीदारी होगी तो वे महिलाओ को ओर अच्छी तरह से मदद कर पाएंगे ।

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विश्व के हर देश मे महिलाएं अपने बंधन को तोड़ने के लिए संघर्ष कर रही हैं । ओर ये राजनीतिक भागीदारी के बिना बहुत मुश्किल है । क्योकि राजनीति ही तय करती है कि विकास किसे और कितना मिलेगा ।

हमे पुरुषों और महिलाओं के बीच अधिकार और वर्चस्व से मुक्ति का माहौल बनाना जरूरी हे ।

इसके लिए महिलाओको ज्यादा-से-ज्यादा राजनीति मे आना चाहिए ओर देश मे महिलाओके विकास को जोर देना चाहिए ।

लेकिन आज के युग की राजनीति एक नया और अलग आकार ले रही है। क्योकि दिन-ब-दिन आंदोलन, हड़ताल, विरोध, प्रदर्शन, संघर्ष, जुलूस आदि सरकारो के विरोध मे बढ़ते ही जा रहे है ।

( शिक्षक दिवस पर भाषण जानने के लिए – click here )

महिला सशक्तीकरण क्यों महत्वपूर्ण है ?

महिला सशक्तिकरण महिलाओं को सशक्त ओर अंदर से मजबूत बनाने की ओर हर चीज़ मे पुरुषो के बराबर महत्व दिलाने की एक प्रकिया हे ।

महिला सशक्तिकरण की परिभाषा के अनुसार एक आवाज उठाने वाली महिला एक मजबूत महिला है ।

आप एक बार विकसित देशो का विश्लेषण करे तो आपको पता चलेगा की समग्र देश के विकास के लिए पुरुष ओर महिला बराबर सहयोग करते हे ।

उसी से हमको पता चलता हे की, किसी भी देश के समग्र विकास के लिए महिला सशक्तिकरण कितना महत्वपूर्ण है ।

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देश, समुदाय ओर व्यवसाय उन नीतियों से लाभान्वित होता हैं जो महिला सशक्तिकरण की धारणा को अपनाते हैं।

देश के सतत विकास को सुनिश्चित करने के लिए हमारे समाज को महिला सशक्तीकरण और लैंगिक समानता प्राप्त करना अति-आवश्यक है ।

कई विश्व नेताओं और विद्वानों ने तर्क दिया है कि लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण के बिना किसी भी देश का सतत विकास असंभव है ।

सतत विकास ही पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक और आर्थिक विकास को स्वीकार करता है ।

इसीलिए हमे भी महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देते हुए देश के अंदर पूर्ण विकास की गाथा शुरू करनी चाहिए ।

हमारे देश मे प्रत्येक राष्ट्र, समाज और कुटुंब मे अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता की कमी है ।

आज हम एक स्वतंत्र नागरिक होने के लाभों का आनंद लेते हैं । लेकिन हमें वास्तव में यह सोचने की जरूरत है कि क्या हमारे देश का प्रत्येक नागरिक वास्तव में स्वतंत्र है या स्वतंत्रता का आनंद ले रहा है ?

सही अर्थों में पुरुषों और महिलाओं के बीच असमानता और महिलाओं के खिलाफ भेदभाव आज भी हैं । इस असमानता के लिए कई महिलाओं के संघों के गठन और आंदोलनों की शुरूआत को जन्म दिया है।

हमारे राष्ट्र का संविधान पुरुषों और महिलाओं के बीच भेदभाव नहीं करता है । लेकिन हमारे समाज ने महिलाओं को वंचित किया है ये भी हमे मानना पड़ेगा ।

भारतीय संविधान मे अनुच्छेद 15 के कानून के तहत महिलाओं को समानता की गेरंटी दी गई हे ।

भारत में महिलाओ को शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक बढ़ावा देने की आवश्यकता है क्योकि यहा पुरुष ओर महिला के साक्षरता दर में अंतर बहोत बड़ा हे ।

mahila sashaktikaran kya hai

आज भी कई समाज ओर गाव मे महिलाओं को केवल हाउस वाइफ और घर में रहने के लिए बेहतर माना जाता हे ।

कुछ वर्षों तक हमारे देश मे एक महिला प्रधानमंत्री होने के बावजूद भी देश की महिलाओ मे कोई खास सुधार नहीं आया ।

लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने जब घोषित किया की 8 मार्च 1975 के दिन को हम अंतर्राष्ट्रीय महिला दिन के तोर पर मनाएंगे । उसके बाद से भारत ओर दुनिया भर में महिलाओ का महत्व मिलना शुरू हुआ ।

उसके बाद भारत के संविधान मे 73 वें और 74 वा संशोधन हुआ । जिस से महिलाओ को राजनीतिक स्तर पर सुधार हुआ ।

सशक्तिकरण वह जगह है जहाँ महिलाओं को अपना खुद का समय और स्थान मिलता है ।

इसीलिए तो गांधीजी ने सशक्तिकरण के मतलब को महिलाओं का समान दर्जा, अवसर और विकास करने की स्वतंत्रता को बताया था । हमारे देश को महिलाओं को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए है ।

निष्कर्ष :

हमारा देश विकाशसील देश मे सुमार होता है । इसीलिए देश को आगे बढ़ाने के लिए दो लिंगों के बीच, सभी प्रकार के वर्चस्व, उत्पीड़न और भेदभाव को समाप्त करना अति-आवश्यक है ।

हम सबको मिल कर पुरुष ओर स्त्री समानता लाने के लिए बड़े कदम उठाने पडेगे । क्योकि महिला सशक्तीकरण से ही भारत माता का सशक्तीकरण हो पाएगा ।

क्या आपके आस-पास भी महिलाओ के प्रति असमनता हे ? क्या उनको भी चार दिवारि की कटपुतली समजी जाती है ? क्या उनको भी समाज ओर कुटुंब मे पुरुष जितना महत्व नहीं दिया जाता ?

तो अब आपको एसे समाज, कुटुंब ओर लोगो मे जागरूकता लानी होगी । उनके विचारो मे परिवर्तन लाना होगा । ओर महिलाओ को सशक्त करने की शुरुआत आप अपने घर से करे ।

इसीलिए आप इस Women empowerment in Hindi के लेख को इन लोगो मे ज्यादा-से-ज्यादा share करके महिला सशक्तिकरण की तरफ अपना पहला कदम उठाए ।

ताकि उनको भी पता चले की एक महिला भी देश के लिए कितनी महत्वपूर्ण हे ।

आपको ये Women empowerment in Hindi लेख कैसा लगा ? इस लेख मे कोई प्रोब्लेम हो तो हमे ईमेल पे जरूर मैसेज करे ।

Thanks for reading Women empowerment in Hindi

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